MLA अरूप चटर्जी का अल्टीमेटम: निरसा में 1 हफ्ते में नहीं रुका अवैध धंधा तो फिर होगी नाकेबंदी, पुलिस बैकफुट पर!

धनबाद के निरसा में अवैध कोयला, बालू और लोहा कारोबार के खिलाफ विधायक अरूप चटर्जी का बड़ा एक्शन, पुलिस के आश्वासन पर नाकेबंदी स्थगित, एक सप्ताह का अल्टीमेटम।

MLA अरूप चटर्जी का अल्टीमेटम: निरसा में 1 हफ्ते में नहीं रुका अवैध धंधा तो फिर होगी नाकेबंदी, पुलिस बैकफुट पर!
एमएलए के आंंदोलन से पुलिस बैंकफुट पर।

धनबाद (Threesocieties.com Desk): निरसा क्षेत्र में अवैध कोयला, बालू और लोहा कारोबार के खिलाफ छेड़े गए आंदोलन ने बड़ा असर दिखाया है। भाकपा माले विधायक अरूप चटर्जी के नेतृत्व में चलाए गए नाकेबंदी अभियान के दबाव में पुलिस को झुकना पड़ा है। वरीय अधिकारियों के ठोस आश्वासन के बाद विधायक ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया है, लेकिन साथ ही एक सप्ताह का अल्टीमेटम भी दे दिया है।

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मंगलवार शाम से शुरू हुए इस अभियान ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। अवैध कारोबारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई, वहीं पुलिस भी सक्रिय होती नजर आई। आंदोलन के दौरान कई अवैध कोयला लदे ट्रकों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया।विधायक अरूप चटर्जी ने बताया कि धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार और निरसा एसडीपीओ रजत मणिक बाखला ने स्पष्ट आश्वासन दिया है कि पकड़े गए सभी अवैध कोयला ट्रकों पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। साथ ही क्षेत्र में बालू लदे वाहनों से पुलिस द्वारा किसी भी प्रकार की वसूली नहीं की जाएगी, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि निरसा क्षेत्र के तमाम अवैध लोहा गोदामों को बंद कराया जाएगा और एक सप्ताह के भीतर अवैध कोयला कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। राजा कोलियरी क्षेत्र में कोयला चोरी पर भी रोक लगाने की बात कही गई है।मैथन टोल प्लाजा के पास पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधायक ने साफ कहा कि अगर एक सप्ताह के भीतर अवैध कारोबार पर रोक नहीं लगी तो वे फिर से समर्थकों के साथ सड़क पर उतरेंगे और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

विधायक ने दावा किया कि महज 24 घंटे के भीतर उनके अभियान ने अवैध कारोबार की जड़ों को हिला दिया है। कई अवैध गाड़ियों को पकड़कर पुलिस को सौंपा गया, जिससे यह साफ हो गया कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियां चल रही थीं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अवैध कोयला कारोबार की जड़ें काफी मजबूत हैं और इसे खत्म करने में समय लगेगा, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो और उग्र रूप लिया जाएगा।