प्रिंस खान गैंग का फाइनेंस मास्टरमाइंड सैफी धराया, करोड़ों की रंगदारी व दुबई तक फैले मनी ट्रेल का बड़ा खुलासा

कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार प्रिंस खान गैंग के करीबी सैफी ने पूछताछ में गैंग के फाइनेंशियल नेटवर्क, दुबई मनी ट्रेल, हवाला कनेक्शन और अपराध के हाइब्रिड मॉडल का बड़ा खुलासा किया।

प्रिंस खान गैंग का फाइनेंस मास्टरमाइंड सैफी धराया, करोड़ों की रंगदारी व दुबई तक फैले मनी ट्रेल का बड़ा खुलासा
कोलाकता पुलिस की कस्टडी में सैफी।

धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट से गिरफ्तार हुए कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के सबसे भरोसेमंद गुर्गे सैफ अब्बास नकवी उर्फ सैफी उर्फ मेजर ने पूछताछ में गैंग के कई बड़े राज खोल दिए हैं। सैफी की गिरफ्तारी को धनबाद पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि वह गैंग के आर्थिक नेटवर्क और ऑपरेशन का अहम कड़ी था।

यह भी पढ़ें: रांची में मंदिर के पास फायरिंग से सनसनी! जमीन विवाद में युवक को मारी गोली, 1 घंटे में आरोपी गिरफ्तार

गैंग का ‘चीफ फाइनेंशियल मैनेजर’ था सैफी

जांच में सामने आया है कि सैफी सिर्फ एक गुर्गा नहीं, बल्कि प्रिंस खान गिरोह का “चीफ फाइनेंशियल मैनेजर” था। रंगदारी से वसूली गई रकम का पूरा हिसाब-किताब उसी के पास रहता था।  सैफी ही शूटरों और गुर्गों की सैलरी तय करता था।  सुपारी किलिंग के लिए फंड मैनेज करता था। मेजर ही गिरोह के पूरे खर्च और निवेश की रणनीति बनाता था। यानी, गैंग का पूरा आर्थिक ढांचा सैफी के इशारों पर चलता था।

दुबई तक फंड ट्रांसफर का सीक्रेट नेटवर्क

पूछताछ में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि रंगदारी का बड़ा हिस्सा दुबई में बैठे प्रिंस खान तक पहुंचाया जाता था। हवाला और सीक्रेट चैनलों के जरिए पैसा विदेश भेजा जाता था। इस नेटवर्क में कई सफेदपोश और हवाला कारोबारी शामिल होने की आशंका है।पुलिस अब इस मनी ट्रेल को खंगालने में जुटी है।

 ‘हाइब्रिड मॉडल’ से फैलाया जाता था खौफ

सैफी ने दहशत फैलाने के लिए आधुनिक और स्थानीय तरीकों का मिश्रण तैयार किया था:

वर्चुअल नंबरों से व्यवसायियों को कॉल कर धमकी देना
खुद को “मेजर” बताकर प्रिंस खान का नाम इस्तेमाल करना
रंगदारी नहीं देने पर वारदात को अंजाम देना
घटना के बाद पर्चा वायरल कर इलाके में डर कायम रखना

हथियार सप्लाई और शूटर मैनेजमेंट भी उसी के जिम्मे

सैफी ने कबूल किया कि वह गिरोह के लिए हथियारों की व्यवस्था भी करता था। हथियार कहां से आएंगे, किसे दिए जाएंगे—सबकी प्लानिंग वही करता था। शूटरों का चयन और उनकी “परफॉर्मेंस” के आधार पर भुगतान तय करता था। हर गतिविधि को कोड वर्ड में डायरी में दर्ज करता था।

 पुलिस की जांच तेज, बड़े खुलासों की उम्मीद

सैफी के खुलासों के बाद धनबाद पुलिस अब गैंग के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी में है। खासकर:

हवाला कनेक्शन
सफेदपोश सहयोगी
स्थानीय नेटवर्क

इन सभी पर शिकंजा कसने की रणनीति बनाई जा रही है।

मिस्टर इंडिया’ प्लान हुआ फेल, लंबा आपराधिक रिकार्ड

मेजर वासेपुर का वर्तमान ठिकाना कमर मखदुमी रोड है। वह प्रिंस खान का बचपन का करीबी है। उसके खिलाफ धनबाद में 45 से अधिक और झारखंड व पश्चिम बंगाल में कई मामले हैं। रंगदारी, धमकी और फायरिंग की घटनाओं में उसकी सक्रिय भूमिका रही है। मेजर ही प्रिंस खान को छोटे सरकार की उपाधि नवाजा था। जबकि प्रिंस खान मेजर को मिस्टर इंडिया बोलता है। मिस्टर इंडिया फिल्म की तरह एक ऐसा इंसान जो घटना को अंजाम दिलाकर सीन से गायब हो जाता है। ऐसे तो पुलिस ने शक के आधार पर कई मेजर को जेल भेजी थी पर अब वास्तविक मेजर पुलिस के हाथ चढ़े हैं। मेजर की गिरफ्तारी के बाद अब प्रिंस खान गैंग को बड़ा झटका लगा है। उसका नेटवर्क पूरी तरह कमजोर होता नजर आ रहा है।

कौन है सैफी उर्फ मेजर?
मूल निवासी: जौनपुर (उत्तर प्रदेश)
बचपन: वासेपुर, धनबाद
आपराधिक केस: 45+ मामले धनबाद समेत कई राज्यों में
विशेषज्ञता: डिजिटल नेटवर्किंग, अंग्रेजी में दक्ष, तेज दिमाग
उसकी तकनीकी समझ और तेज दिमाग ने उसे गैंग का सबसे अहम रणनीतिकार बना दिया था।