5 साल का इंतजार खत्म! झारखंड को मिला नया लोकायुक्त, जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता ने संभाली कमान
झारखंड को 5 साल बाद नया लोकायुक्त मिला। रिटायर्ड जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता ने शपथ ली। अब राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज होने की उम्मीद।
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड में करीब पांच साल से खाली पड़ा लोकायुक्त का पद आखिरकार भर गया। राज्य को नया लोकायुक्त मिल गया है। झारखंड हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता ने मंगलवार को लोकभवन में पद और गोपनीयता की शपथ ली।
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लोक भवन, राँची स्थित दरबार हॉल में आज आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में झारखंड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री अमिताभ कुमार गुप्ता जी को झारखंड राज्य के लोकायुक्त पद की शपथ दिलाई।
— Governor of Jharkhand (@jhar_governor) April 21, 2026
न्यायमूर्ति श्री अमिताभ कुमार गुप्ता जी को नए दायित्व हेतु हार्दिक शुभकामनाएँ। pic.twitter.com/P33hBPretz
शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
10 मिनट में पूरी हुई शपथ प्रक्रिया
शपथ ग्रहण समारोह बेहद संक्षिप्त रहा। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई और समापन भी राष्ट्रगान के साथ हुआ। करीब 10 मिनट में सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं। मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने नियुक्ति से जुड़ा आदेश पढ़कर सुनाया। इसमें बताया गया कि राज्यपाल ने 16 अप्रैल को ही जस्टिस गुप्ता की नियुक्ति को मंजूरी दे दी थी।
“बिना भय और पक्षपात के करेंगे काम”
शपथ लेते हुए जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता ने कहा कि वे कानून के अनुसार, बिना भय या द्वेष के अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। समारोह के अंत में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने उन्हें पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया।
जून 2021 से खाली था पद
झारखंड में लोकायुक्त का पद जून 2021 से खाली पड़ा था। लंबे इंतजार के बाद अब इस महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर नियुक्ति होने से शासन-प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ तेज होगी कार्रवाई
नई नियुक्ति के बाद राज्य में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति को मजबूती मिलने की उम्मीद है। लोकायुक्त संस्था का मुख्य काम सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच करना और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना होता है।






