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रांची। झारखंड के जेलों की सुरक्षा-व्यवस्था और चाक-चौबंद की जायेगी। जेलों में अत्याधुनिक उपकरण लगेंगे। इसकी पूरी फंडिंग सेंट्रल गवर्नमेंट करेगी। 

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सेंट्रल होम  मिनिस्टरी ने पांच साल के लिए आधुनिकीकरण प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसके अनुसार वर्ष 2026 तक के लिए जेल आधुनिकीकरण मद में कार्य होंगे। सभी जेलों में वीडियो कांफ्रेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बाडी ओर्न कैमरा डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, सुरक्षा व्यवस्था, बैगेज स्कैनर, जैमर आदि को अपग्रेड किया जायेगा। इससे संबंधित प्रोपोजल को स्टेट व सेंट्रल गवर्नमेंट लेवल पर गठित स्टीयरिंग कमेटी अंतिम रूप देगी।
जिन आधुनिकीकरण प्रोजेक्ट पर होंगे काम

जेलों में वीडियो कांफ्रेंसिंग संसाधनों को अप-टू-डेट किया जायेगा। इससे जेलों से कोर्ट में कैदियों की आनलाइन पेशी व अपनों से कैदियों की आनलाइन मुलाकात में सहूलियत होगी। सुरक्षा कर्मियों को ड्रेस कैमरा लगाने की भी व्यवस्था होगी ताकि कोई सुरक्षाकर्मियों पर गलत आरोप न लगाने पाए। यह औचक निरीक्षण, कैदियों पर नजर रखने सहित कई महत्वपूर्ण गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आवश्यक है।
जेलों में डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, सिक्यूरिटी पोल, बैगेज स्कैनर, फ्रिस्किंग सर्च, जैमर आदि सुरक्षा उपकरण लगाये जायेंगे। जेल में लगे पुराने जैमर को अपग्रेड किया जायेगा। उक्त उपकरण जेलों में होने वाली संदिग्ध वस्तुओं की तस्करी को रोकने में सहायक साबित होंगे।
जेलों स्टाफ व अफसरों का जेल के बंदियों के प्रति विचार को बदला जायेगा। इसके लिए विशेष प्रशिक्षण, कैदियों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण, कौशल विकास कार्यक्रम, पुनर्वास कार्यक्रम आदि चलाया जायेगा। इसके लिए विशेषज्ञ, मनोचिकित्सक आदि की भी मदद ली जायेगी।