रांची। नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ओर से नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय इंटिग्रेटेड क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आइसीजेएस) अवार्ड कार्यक्रम में झारखंड पुलिस व तेलंगाना पुलिस को ज्वाइंट रूप से थर्ड प्राइज मिला है।यह प्राइज क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) के क्षेत्र में झारखंड पुलिस के बेहतर प्रदर्शन के लिए मिला है। हालांकि पहले स्थान पर मध्य प्रदेश और दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र पुलिस रही।
बिहार: बोधगया में बम ब्लास्ट की साजिश रचने मामले में तीन को उम्रकैद, पांच को 10-10 साल की सजा
और भी पढ़ें
- अनिल अंबानी को ED का बड़ा झटका, 510 करोड़ की संपत्ति कुर्क; 2 विमान भी जब्त
- दीपावली से पहले झरिया में मिलावट का खेल बेनकाब, 360 किलो बताशे-सेवई जब्त
- अनंत सिंह पर कार्रवाई की जल्दबाजी, BJP विधायक राजू सिंह पर चुप्पी क्यों? भड़के पप्पू यादव
- BCCL में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 6 GM-स्तर के अधिकारियों का तबादला; देखें लिस्ट

एक मिनट में मिल जाता है क्रिमिनलों का डाटा
क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) से झारखंड पुलिस, कोर्ट व जेल एक स्क्रीन पर, एक क्लिक पर किसी भी क्रिमिनलों का डिटेल एक मिनट प्राप्त कर सकते हैं। यह व्यवस्था आम पब्लिक के लिए नहीं है। पुलिस, केस के आइओ को स्पेशल कोड व ओटीपी के माध्यम से इस व्यवस्था के उपयोग की अनुमति मिल सकती है।स्टेट में पुलिस, कोर्ट व जेल को एक क्लिक पर किसी भी क्रिमिनल का डाटा मिल जाता है। वह बेल पर है या जेल में, कितने कांडों का आरोपित है और वह किस तरह का क्रिमिनल है, कहां का रहने वाला है। पुलिस के क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) व्यवस्था में सबकुछ उपलब्ध कराया गया है। इससे स्टेट के लगभग 592 पुलिस स्टेशनजुड़े हुए हैं। केवल आठ पुलिस स्टेशन में यह व्यवस्था नहीं है। इसे जल्द ही इस व्यवस्था से जोड़ने की कोशिश हो रही है।
एनसीआरबी ने ट्वीटर पर शेयर की फोटो
एनसीआरबी में अपने ट्वीटर हैंडल पर अवार्ड से संबंधित तस्वीर जारी की है। इसमें केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के अलावा झारखंड के डीजीपी नीरज सिन्हा व आइजी प्रोविजन प्रभात कुमार हैं। आइसीजेएस अवार्ड कार्यक्रम में दो दिनों तक झारखंड से आइजी प्रोविजन प्रभात कुमार वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे। उनके अतिरिक्त सभी राज्यों की पुलिस ऑनलाइन ही इस कार्यक्रम में शामिल हुईं। सिर्फ दिल्ली व आसपास के अफसर ही सशरीर इस कार्यक्रम में शामिल हो सके।
शेष पुलिस स्टेशनों को सीसीटीएनएस से जोड़ा जायेगा
झारखंड पुलिस अपने सीसीटीएनएस प्रोजेक्ट को दिन-प्रतिदिन बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। जिन आठ पुलिस स्टेशन में सीसीटीएनएस प्रोजेक्ट काम नहीं कर रहा है, वहां रेल-टेल के माध्यम से भी जोड़ने की कोशिश हो रही है, क्योंकि वहां नेटवर्क की स्थिति बेहतर नहीं होने के चलते थोड़ी दिक्कतें आ रहीं हैं।