झारखंड CID की बड़ी कामयाबी: 2.07 करोड़ की साइबर ठगी का मास्टरमाइंड वेस्ट बंगाल से गिरफ्तार

झारखंड CID ने 2.07 करोड़ रुपये की साइबर ठगी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी ट्रेडिंग ऐप GLOBIXVAULT से ठगी करने वाले आरोपी अभिषेक बेरा को वेस्ट बंगाल से गिरफ्तार किया।

झारखंड CID की बड़ी कामयाबी: 2.07 करोड़ की साइबर ठगी का मास्टरमाइंड वेस्ट बंगाल से गिरफ्तार
गिरफ्तार साइबर अपराधी अभिषेक बेरा।
  • फर्जी ट्रेडिंग ऐप से उड़ाये करोड़ों

रांची(Threesocieties.com Desk)। झारखंड पुलिस के अपराध अनुसंधान विभाग (CID) को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। रांची साइबर अपराध थाना में दर्ज कांड संख्या 160/25 के तहत कार्रवाई करते हुए CID की टीम ने 2.07 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में एक मुख्य आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है।

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गिरफ्तार आरोपी की पहचान अभिषेक बेरा (26 वर्ष) के रूप में हुई है, जो पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। CID के अनुसार आरोपी अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का सक्रिय सदस्य है।

WhatsApp ग्रुप से शुरू हुई हाई-टेक ठगी

CID की जांच में सामने आया है कि इस संगठित साइबर ठगी की शुरुआत एक WhatsApp ग्रुप – “DIGITAL ASSETS” से हुई। इस ग्रुप के जरिए साइबर अपराधियों ने पीड़ित को जोड़ा और नामी वित्तीय संस्थानों के नाम पर इन्वेस्टमेंट और ऑनलाइन ट्रेडिंग के लुभावने ऑफर दिखाए।

फर्जी ट्रेडिंग ऐप ‘GLOBIXVAULT’ से बनाया शिकार

पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए ठगों ने GLOBIXVAULT नाम का एक फर्जी ट्रेडिंग एप डाउनलोड करवाया। इस ऐप में पीड़ित को नकली मुनाफा दिखाया गया, जिससे उसे यह विश्वास हो गया कि उसका पैसा सुरक्षित है और तेजी से बढ़ रहा है। इसी झांसे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में कई बैंक खातों में कुल 2 करोड़ 7 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

तकनीकी जांच के बाद वेस्ट बंगाल में छापेमारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए CID की साइबर टीम ने तकनीकी अनुसंधान, डिजिटल ट्रैकिंग और बैंक लेन-देन विश्लेषण के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से उत्तरी 24 परगना (पश्चिम बंगाल) में छापेमारी कर अभिषेक बेरा को गिरफ्तार किया गया।

डिजिटल सबूत बरामद, रैकेट के और खुलासे की उम्मीद

CID ने आरोपी के पास से ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक डिटेल्स और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।
पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह से जुड़े और भी आरोपी सामने आ सकते हैं। CID अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और पूरे साइबर ठगी नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं।

CID की अपील

CID ने आम लोगों से अपील की है कि

WhatsApp/Telegram पर मिलने वाले इन्वेस्टमेंट ऑफर से सावधान रहें

बिना सत्यापन किसी ऐप में पैसा न लगाएं

साइबर ठगी की सूचना तुरंत साइबर क्राइम थाना या 1930 हेल्पलाइन पर दें