जमशेदपुर हिमांशु सिंह हत्याकांड: प्रशासन का बड़ा एक्शन,'डबल डाउन' बार सील, बिष्टुपुर थाना प्रभारी सस्पेंड
जमशेदपुर के चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड के बाद जिला प्रशासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए बिष्टुपुर के डबल डाउन बार को सील कर दिया है। बार मालिक भाजपा नेता नीरज सिंह के घर छापेमारी हुई है, जबकि थाना प्रभारी आलोक दुबे को निलंबित कर निरंजन कुमार को नया प्रभारी बनाया गया है।
HighLights
- हिमांशु सिंह हत्याकांड के बाद बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार को प्रशासन ने किया सील।
- बार मालिक और भाजपा नेता नीरज सिंह के मानगो स्थित आवास पर पुलिस की छापेमारी।
- बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे निलंबित, निरंजन कुमार बने नए थाना प्रभारी।
- पहले ही तीन पुलिसकर्मियों को किया जा चुका है सस्पेंड।
- करणी सेना और स्थानीय संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद शहर में बढ़ी सुरक्षा।
- बार के लाइसेंस, सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था की होगी विस्तृत जांच।
जमशेदपुर (Threesocieties.com Desk): करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह की हत्या के बाद पूरे जमशेदपुर में उबाल है। बढ़ते जनाक्रोश और लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच जिला प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बिष्टुपुर स्थित चर्चित डबल डाउन बार को सील कर दिया। इसके साथ ही बार मालिक और भाजपा नेता नीरज सिंह के मानगो स्थित आवास पर पुलिस ने छापेमारी की, हालांकि वे घर पर नहीं मिले।
यह भी पढ़ें: बिहार: भरत तिवारी एनकाउंटर की गूंज राष्ट्रपति भवन तक, मुख्य सचिव को जांच और कार्रवाई के निर्देश
पुलिस ने घर पर मौजूद परिजनों से पूछताछ कर कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोषी पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
डांसर से कथित छेड़छाड़ के विरोध से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार 27 जून की देर रात डबल डाउन बार के अंदर डांसर से कथित छेड़छाड़ का विरोध करने को लेकर दो गुटों के बीच विवाद शुरू हुआ था। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद बार के बाहर हिमांशु सिंह और उनके साथी प्रत्यूष सिंह पर चापड़ और चाकू से जानलेवा हमला किया गया। हमले में गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि प्रत्यूष सिंह का इलाज अब भी जारी है।
हत्या के बाद शहर में भड़का आक्रोश
हिमांशु सिंह की मौत के बाद करणी सेना, क्षत्रिय संगठनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। बिष्टुपुर के रीगल गोलचक्कर पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर टायर जलाए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।उग्र भीड़ ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस वाहनों पर पथराव हुआ और सिटी एसपी की गाड़ी का शीशा भी तोड़ दिया गया।
पुलिस पर गंभीर आरोप, सीसीटीवी फुटेज जांच के दायरे में
मामले में पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। मृतक के परिजनों और समर्थकों ने आरोप लगाया है कि पुलिस की मौजूदगी में हमलावरों ने युवकों पर हमला किया और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने हिमांशु और उनके साथियों को पूछताछ के नाम पर करीब 20 मिनट तक रोके रखा, जिससे हमलावरों को अपने साथियों को बुलाने और हमला करने का मौका मिल गया। घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज अब जांच एजेंसियों के लिए सबसे अहम सबूत माने जा रहे हैं।
थाना प्रभारी पर गिरी गाज, आलोक दुबे निलंबित
हत्याकांड के बाद पुलिस विभाग ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय ने मामले में लापरवाही मानते हुए बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनकी जगह पुलिस निरीक्षक निरंजन कुमार को बिष्टुपुर थाना का नया प्रभारी बनाया गया है। इससे पहले गश्ती दल के तीन पुलिसकर्मियों को भी कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया जा चुका है।
प्रशासन जांच करेगा बार का लाइसेंस और सुरक्षा व्यवस्था
पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। जांच टीम बार के लाइसेंस, संचालन प्रक्रिया, सुरक्षा प्रबंधन, सीसीटीवी फुटेज और नियमों के अनुपालन की बारीकी से समीक्षा करेगी। अधिकारियों के अनुसार जांच रिपोर्ट आने के बाद बार प्रबंधन और संबंधित लोगों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फरार आरोपियों और बार मालिक की तलाश जारी
पुलिस मुख्य आरोपियों और बार मालिक की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। जांच एजेंसियां घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड ने न केवल जमशेदपुर की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि शहर की तथाकथित "नाइट लाइफ" और बार संस्कृति को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है। अब पूरे शहर की नजर प्रशासन और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
बिष्टुपुर थाना प्रभारी पर गिरी गाज, निरंजन कुमार बने नए थाना प्रभारी
जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार के बाहर हुए हत्याकांड में लापरवाही के आरोप में थाना प्रभारी आलोक दुबे को निलंबित कर दिया गया है। उनकी जगह निरंजन कुमार को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है, यह कार्रवाई एसएसपी पीयूष पांडेय ने की है।
सरयू आनंद बने बर्मामाइंस थाना प्रभारी
शहर के पुलिस महकमे में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए एसएसपी पीयूष पांडेय ने तीन इंस्पेक्टर की पदस्थापना की है। जारी आदेश के तहत इंस्पेक्टर सरयू आनंद को बर्मामाइंस थाना का नया प्रभारी बनाया गया है। वहीं, बर्मामाइंस थाना प्रभारी निरंजन कुमार को बिष्टुपुर थाना की कमान सौंपी गई है। निरंजन कुमार इससे पहले मानगो और सीतारामडेरा थाना प्रभारी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। बिष्टुपुर साइबर अपराध थाना में पदस्थापित मो. कद्दूस को गोलमुरी ट्रैफिक थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। सरयू आनंद अब तक गोलमुरी ट्रैफिक थाना प्रभारी के पद पर कार्यरत थे।
पुलिस की मौजूदगी में सड़क पर तड़पता रहा घायल युवक
जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डबल डाउन डीबी क्लब' के नीचे शनिवार देर रात दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प और चापड़बाजी की घटना ने पूरे शहर को दहला दिया है। इस जानलेवा हमले में आदित्यपुर (हरिओम नगर) निवासी प्रत्युष आनंद और करणी सेना के आदित्यपुर जिला युवा अध्यक्ष हिमांशु सिंह गंभीर रूप से घायल हो गये। टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में प्रत्युष आनंद का करीब चार घंटे तक जटिल ऑपरेशन चला। इस हमले में गंभीर रूप से घायल सरायकेला-खरसावां जिले के करणी सेना युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष हिमांशु सिंह की सोमवार शाम टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में इलाज के दौरान मौत हो गई।
इस पूरी वारदात के बाद जमशेदपुर पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। हिमांशु के परिजनों और सहयोगियों ने घटनास्थल के कई सीसीटीवी फुटेज और वीडियो जुटाए हैं, जो पुलिस की थ्योरी को कटघरे में खड़ा करते हैं। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि पुलिस की मौजूदगी में हमलावर दोनों युवकों पर चापड़ से ताबड़तोड़ वार कर रहे थे, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनकर तमाशा देखती रही। परिजनों का बेहद गंभीर आरोप है कि सिटी पेट्रोलिंग वाहन से ही चापड़ निकालकर युवकों पर हमला किया गया।
जब हिमांशु सिंह सड़क पर लहुलूहान होकर तड़प रहे थे, तब भी वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें उठाने या अस्पताल पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई। हमलावर बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देकर निकल गए।
अगर पुलिस 20 मिनट नहीं रोकती, तो टल जाती वारदात
परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही के साथ-साथ हमलावरों को मौका देने का भी आरोप लगाया है। परिजनों के अनुसार, डबल डाउन बार के भीतर दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर मारपीट हो रही थी। इस दौरान प्रत्युष और हिमांशु ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने का प्रयास किया था। विवाद शांत होने के बाद जब दोनों युवक अपनी बुलेट बाइक से घर लौटने लगे, तभी मौके पर पहुंची सिटी पेट्रोलिंग पुलिस ने उन्हें पूछताछ के नाम पर करीब 20 मिनट तक वहीं रोककर रखा। आरोप है कि इसी 20 मिनट के भीतर दूसरे गुट ने फोन करके गम्हरिया से अपने अन्य साथियों को हथियारों के साथ बुला लिया। अगर पुलिस ने दोनों युवकों को तुरंत जाने दिया होता, तो हमलावरों को जुटने का मौका नहीं मिलता।
इस घटना में दूसरे गुट का भी एक युवक घायल हुआ है, जिसका इलाज एमजीएम (MGM) अस्पताल में पुलिस कस्टडी में चल रहा है।पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में अब तक तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है। इनसे गुप्त स्थान पर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। हालांकि, मुख्य हमलावरों की गिरफ्तारी न होने से करणी सेना और स्थानीय लोगों में पुलिस के खिलाफ भारी आक्रोश है।
हिमांशु सिंह की मौत की सूचना मिलते ही करनी सेना के कार्यकर्ता, समर्थक और बड़ी संख्या में परिजन टीएमएच पहुंच गए।हिमांशु की मौत से नाराज करनी सेना के कार्यकर्ताओं और परिजनों ने देर रात बिष्टुपुर स्थित रीगल गोलचक्कर पर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।हिमांशु सिंह की मौत से आक्रोशित करणी सेना के कार्यकर्ताओं और परिजनों ने देर रात बिष्टुपुर थाना से महज कुछ ही दूरी पर स्थित रीगल गोलचक्कर को चारों तरफ से घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने बीच सड़क पर टायर जलाकर मुख्य मार्ग को यातयात व्यवस्था ध्वस्त कर दिया। तनाव चरम पर पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मौके पर पहुंचे सिटी एसपी को घेर लिया और उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच, उग्र भीड़ में से एक प्रदर्शनकारी ने आक्रोश में आकर सिटी एसपी का कांच तोड़ डाला।
भाजपा नेता समेत 10 नामजद, दो आरोपी गिरफ्तार
मामले में बिष्टुपुर थाना पुलिस ने आदित्यपुर हरिओम नगर निवासी अरविंद सिंह के आवेदन पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। पुलिस ने जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके भाजपा नेता सह बार संचालक नीरज सिंह और सह-संचालक विजय कुमार सहित 10 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इसके अलावा कई अज्ञात लोग भी मामले में आरोपी हैं। प्राथमिकी में नामजद आरोपियों में
नीरज सिंह (बार संचालक, भाजपा नेता)
विजय कुमार (सह-संचालक)
सोनू राम सरदार उर्फ सोनू मंडल (निवासी: धातकीडीह)
विश्वनाथ मंडल (निवासी: धातकीडीह)
राहुल (निवासी: धातकीडीह)
राज लोहार (निवासी: धातकीडीह)
अमित लोहार (निवासी: धातकीडीह)
अर्जुन लोहार (निवासी: धातकीडीह)
गणेश लोहार (निवासी: धातकीडीह)
लखन मार्डी (निवासी: घाघीडीह)
कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घटना के दौरान चापड़ चलाने के मुख्य आरोपी सोनू राम सरदार और राज लोहार को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से हमले में इस्तेमाल किया गया चापड़ भी बरामद किया गया है। हालांकि, बार संचालक नीरज सिंह और विजय कुमार समेत अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
वायरल वीडियो ने पुलिस की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा किया
इस घटना का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हमलावर पुलिस के वाहन (PCR) से युवकों को जबरन बाहर खींच रहे हैं और उन पर चापड़ से ताबड़तोड़ हमला कर रहे हैं। हालांकि कुछ पुलिसकर्मी हमलावरों को रोकने का प्रयास करते दिख रहे हैं, लेकिन हमलावरों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे पुलिस के सामने ही वारदात को अंजाम देते रहे। इस घटना में हिमांशु सिंह और उनके साथी प्रत्यूष गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनमें से हिमांशु ने दम तोड़ दिया। इस वीडियो के सामने आने के बाद शहर की कानून-व्यवस्था और पुलिस की ढीली भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
डांसर से छेड़छाड़ के आरोप के बाद भड़की हिंसा
सामने आई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शनिवार रात बार के अंदर कुछ युवकों द्वारा डांसर से छेड़छाड़ किए जाने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद बार प्रबंधन, बाउंसरों और युवकों के बीच विवाद शुरू हुआ, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। बार के अंदर हुए हंगामे का भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने डांसर से छेड़छाड़ के इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।






