ईरान का ‘मिसाइल सिटी’ खुलासा: भूमिगत अड्डे से कामिकाजे ड्रोन बेड़े का प्रदर्शन, होर्मुज में बढ़ा वैश्विक तनाव
ईरान ने अपने भूमिगत “मिसाइल शहर” का वीडियो जारी कर कामिकाजे ड्रोन और मिसाइलों के विशाल भंडार का खुलासा किया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर बढ़ते हमलों के बीच यह शक्ति प्रदर्शन वैश्विक सुरक्षा और तेल बाजार के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है।
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने अपने कथित भूमिगत “मिसाइल शहर” का वीडियो जारी कर दुनिया को चौंका दिया है। इस वीडियो में लंबी भूमिगत सुरंगों में तैनात कामिकाजे नौसैनिक ड्रोन, जहाज-रोधी मिसाइलें और समुद्री खदानों का विशाल भंडार दिखाया गया है।
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ईरान के सरकारी मीडिया द्वारा जारी इस वीडियो में दावा किया गया है कि यह गुप्त सैन्य परिसर इतना बड़ा है कि इसमें बड़ी संख्या में ड्रोन और मिसाइल सिस्टम एक साथ तैनात किए जा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब फारस की खाड़ी और खासकर Strait of Hormuz में तेल टैंकरों पर हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं।
सुरंगों में खड़े दिखे आत्मघाती ड्रोन और मिसाइलें
वीडियो फुटेज में विशाल भूमिगत सुरंगों के अंदर कतारबद्ध नौसैनिक कामिकाजे ड्रोन, एंटी-शिप मिसाइलें और समुद्री माइंस दिखाई दे रही हैं।इनमें से कुछ हथियारों को परीक्षण के दौरान लॉन्च करते हुए भी दिखाया गया है। तस्वीरों में ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व से जुड़े पोस्टर के नीचे एक ट्रेलर पर रखा नौसैनिक ड्रोन भी नजर आया। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि उनके पास इन आत्मघाती ड्रोन नौकाओं का विशाल भंडार मौजूद है, जिन्हें जरूरत पड़ने पर समुद्री यातायात को रोकने या नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
कैसे काम करते हैं ये कामिकाजे ड्रोन
ये ड्रोन छोटे स्पीडबोट जैसे मानवरहित जलयान (USV) होते हैं, जो पानी की सतह पर या उसके ठीक नीचे चलते हैं।
इनमें भारी मात्रा में विस्फोटक भरे होते हैं
लक्ष्य से टकराते ही विस्फोट हो जाता है
इन्हें दूर से नियंत्रित किया जा सकता है
बड़े जहाजों और तेल टैंकरों को नुकसान पहुंचाने में सक्षम
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के ड्रोन पारंपरिक नौसेना के मुकाबले सस्ते लेकिन बेहद घातक असममित हथियार माने जाते हैं।
हाल के समुद्री हमलों ने बढ़ाई चिंता
पिछले कुछ हफ्तों में फारस की खाड़ी और होर्मुज क्षेत्र में कई जहाजों पर हमले दर्ज किए गए हैं।
मुख्य घटनाएं:
1 मार्च 2026: मार्शल द्वीप समूह में पंजीकृत कच्चे तेल के टैंकर MKD Vyom पर ओमान तट से 44 समुद्री मील दूर हमला। विस्फोट के बाद जहाज में आग लग गई और एक चालक दल सदस्य की मौत हो गई।
कुछ दिन बाद: बहामास ध्वज वाले Sonangol Namibe टैंकर पर इराक के खोर अल जुबैर के पास हमला।
11 मार्च 2026: थाईलैंड के जहाज Mayuri Naree पर होर्मुज जलडमरूमध्य में ड्रोन हमला, जिससे जहाज में आग लग गई और चालक दल को निकालना पड़ा।
इन हमलों की रणनीति की तुलना विशेषज्ञों ने Russo‑Ukrainian War और लाल सागर में Houthi movement द्वारा इस्तेमाल किए गए कामिकाजे ड्रोन हमलों से की है।
होर्मुज जलडमरूमध्य: दुनिया की तेल सप्लाई की जीवनरेखा
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है।
वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% इसी मार्ग से गुजरता है
खाड़ी देशों से एशिया और यूरोप को तेल आपूर्ति का मुख्य रास्ता
यहां तनाव बढ़ने से तुरंत वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित होता है
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उस पर दबाव बढ़ा तो वह इस मार्ग को बंद भी कर सकता है।
तेल कीमतों पर पड़ सकता है बड़ा असर
ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अगर होर्मुज में समुद्री यातायात बाधित होता है तो कच्चे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण पहले ही वैश्विक बाजारों में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
अमेरिका-इज़राइल हमलों के बाद ईरान की नई रणनीति
विश्लेषकों का कहना है कि हालिया सैन्य झड़पों में United States और Israel की कार्रवाइयों से ईरान की पारंपरिक नौसेना को नुकसान पहुंचा है।इसके बाद ईरान अब असममित युद्ध रणनीति पर ज्यादा जोर दे रहा है — जिसमें
ड्रोन
समुद्री माइंस
तेज हमलावर नौकाएं
मिसाइल सिस्टम
जैसे हथियार शामिल हैं।
यही कारण है कि भूमिगत “मिसाइल शहर” का यह वीडियो दुनिया को ईरान की नई समुद्री रणनीति का संदेश देने के रूप में देखा जा रहा है।






