हजारीबाग में CBI ने एक लाख रुपये रिश्वत लेते CWC मैनेजर को दबोचा, घर से कैश-जेवर और संपत्ति के कागजात बरामद

हजारीबाग में CBI ने केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) के मैनेजर रवि रंजन को 1 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। छापेमारी में 22 लाख नकद, 70 लाख की संपत्ति के दस्तावेज और 12 लाख के जेवरात बरामद हुए। भ्रष्टाचार के खिलाफ CBI की बड़ी कार्रवाई।

हजारीबाग में CBI ने एक लाख रुपये  रिश्वत लेते CWC मैनेजर को दबोचा, घर से कैश-जेवर और संपत्ति के कागजात बरामद
केंद्रीय भंडारण निगम का मैनेजर धराया।

रांची (Threesocieties.com Desk): भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने झारखंड में बड़ी कार्रवाई करते हुए हजारीबाग स्थित केंद्रीय भंडारण निगम (Central Warehousing Corporation) के मैनेजर रवि रंजन को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 24 अप्रैल 2026 को की गई, जिसने सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

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सीबीआई की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी मैनेजर ने शिकायतकर्ता से आवंटित कार्य को जारी रखने की अनुमति देने के बदले एक लाख रुपये की अवैध राशि की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने इस मामले की सूचना सीबीआई को दी, जिसके बाद एजेंसी ने पूरे मामले का सत्यापन किया।

शिकायत सही पाई गई, CBI ने बिछाया जाल

सीबीआई ने 23 अप्रैल 2026 को आरोपी रवि रंजन के खिलाफ मामला दर्ज किया। शिकायत में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि कार्य को जारी रखने के बदले मैनेजर लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था। प्रारंभिक जांच और शिकायत के सत्यापन के बाद सीबीआई की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया। 24 अप्रैल को जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से 1 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार की, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई को बेहद गोपनीय और रणनीतिक तरीके से अंजाम दिया गया, जिससे आरोपी को बच निकलने का कोई मौका नहीं मिला।

घर की तलाशी में मिले लाखों रुपये और संपत्ति के दस्तावेज

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आरोपी के आवास पर भी छापेमारी की। तलाशी के दौरान एजेंसी को भारी मात्रा में नकद और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिले। बरामदगी में शामिल हैं—

22 लाख रुपये नकद
लगभग 70 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति के कागजात
करीब 12 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात

इन बरामदियों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी की कुल अवैध संपत्ति कितनी है और क्या इसमें अन्य लोगों की भी संलिप्तता है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश

CBI की यह कार्रवाई सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश भी मानी जा रही है। सरकारी संस्थानों में कार्यरत अधिकारियों द्वारा रिश्वत मांगने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं, लेकिन इस तरह की त्वरित कार्रवाई आम लोगों के बीच विश्वास पैदा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शिकायतकर्ता आगे आकर ऐसे मामलों की जानकारी दें, तो भ्रष्टाचार पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।

जांच जारी, और खुलासे संभव

सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि मामला अभी जांच के अधीन है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल था और क्या उसके नेटवर्क में अन्य अधिकारी भी शामिल हैं। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। झारखंड में CBI की इस कार्रवाई ने प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज कर दी है और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक नई बहस छेड़ दी है।