धनबाद। कोयला राजधानी धनबाद के बलियापुर में शुक्रवार को अधिग्रहित 42 एकड़ जमीन अतिक्रमण मुक्त कराने गयी SAIL मैनजमेंट का ग्रामीणों ने विरोध किया। मौके पर हंगामा व नोकझोक होने लगी। पुलिस हल्का लाठी चार्ज भी किया।
यह भी पढ़ें:Jharkhand : झारखंड में एक सितंबर से खुदरा दुकानदार बेचेंगे शराब, नई उत्पाद नियमावली को ले नोटिफिकेशन जारी

और भी पढ़ें
- धनबाद में मिलावट पर बड़ी कार्रवाई: 1200 किलो लड्डू नष्ट, मद्रास कैफे पर जुर्माना
- धनबाद के धैया में चला बुलडोजर, 1.03 एकड़ वन भूमि और सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त
- JPSC घोटाले में बड़ा खुलासा: 11 अभ्यर्थियों से वसूले एक करोड़, लैपटॉप में मिले 24 नाम
- मधुबनी गोलीकांड: ग्रामीण की मौत पर बवाल, DM का कॉलर पकड़ा; फरार ASI पर 25 हजार इनाम
बलियापुर पुलिस स्टेशन एरिया के सरसाकुड़ी आसनबनी स्थित शुक्रवार को सेल प्रबंधन 41 एकड़ जमीन पर जिला प्रशासन के सहयोग से डोजरिंग करने पहुंची। जेसीबी मशीन से जमीन को समतल करने का काम शुरू किया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने जमीन पर बने कई घरों को ढाह दिया गया।सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला पुरुष मौके पहुंचकर डोजरिंग कार्य को रोकते हुए विरोध करने लगे। इसके बाद सेल KTPL कर्मचारी और पुलिस प्रशासन ने सीओ की मौजूदगी में रैयत ग्रामीणों पर हल्का बल प्रयोग किया गया। सेल कंपनी टासरा के विस्थापितों के पुनर्वास करने के लिए यह जमीन अधिग्रहण की है। मैनजमेंट की टीम जमीन को अतिक्रमणमुक्त करने के लिए पहुंचे थी।

ग्रामीणों का कहना है कि नियमानुसार जमीन अधिग्रहण करने से पहले भू स्वामी बातचीत करना चाहिए था। किसी को उजड़ने से पहले बसाने का काम करना चाहिए था। लेकिन सेल कंपनी सारे नियम कानून को ताक पर रख कर भू अर्जन कर रही है। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन पर लाठी चार्ज का आरोप लगाते हुए कहा कि जबतक मुआवजा के साथ पुनर्वास नहीं किया जायेगा तबतक हम अपनी जमीन का एक इंच भी अधिग्रहण नहीं करने देंगे।
वहीं बलियापुर सीओ प्रवीण सिंह ने बताया सेल ने 373 ग्रामीणों का जमीन अधिग्रहण किया है। जिसमें से 350 को मुआवजा दिया जा चुका है।अभी 23 लोगों का कुछ मांग के कारण लंबित है।उनका भी बकाया का भुगतान जल्द किया जायेगा। सीओ ने लाठीचार्ज से इंकार किया है।