धनबाद बार एसोसिएशन की 10 दिन बाद हड़ताल स्थगित, सोमवार से अधिवक्ता लौटेंगे कोर्ट
धनबाद बार एसोसिएशन ने 10 दिनों की हड़ताल स्थगित कर सोमवार से न्यायिक कार्य शुरू करने का निर्णय लिया। पार्किंग व्यवस्था और एसोसिएशन गेट खोलने को लेकर प्रशासन से लिखित आश्वासन की मांग की गई है।
- पार्किंग और एसोसिएशन गेट को लेकर प्रशासन को अल्टीमेटम
धनबाद(Threesocieties.com Desk)। धनबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने दस दिनों से जारी कलमबंद हड़ताल को फिलहाल स्थगित करते हुए सोमवार से न्यायिक कार्य में लौटने का निर्णय लिया है। शनिवार को आयोजित जनरल बॉडी मीटिंग में लंबी बहस और गुटबाजी के बीच अंततः अधिकांश अधिवक्ताओं ने हड़ताल वापस लेने का प्रस्ताव रखा, जिसके बाद एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी और महासचिव जितेंद्र कुमार ने न्यायिक कार्य शुरू करने की घोषणा की।
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जनरल बॉडी मीटिंग की शुरुआत से ही अधिवक्ताओं के बीच हंगामे की स्थिति देखने को मिली। एक गुट हड़ताल जारी रखने के पक्ष में था, जबकि दूसरा गुट न्यायिक कार्य शुरू करने के समर्थन में था। दोनों पक्षों के बीच कई बार तीखी बहस भी हुई, लेकिन अंततः बहुमत के आधार पर आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया गया।
पार्किंग व्यवस्था पर प्रशासन से लिखित आश्वासन की मांग
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि जिला प्रशासन ने अधिवक्ताओं की मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कई मौखिक आश्वासन दिए हैं, लेकिन भविष्य में किसी प्रकार के विवाद से बचने के लिए इन आश्वासनों को लिखित रूप में जारी करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि प्रशासन एक ओर सड़क किनारे वाहन खड़ा करने की अनुमति की बात करता है, जबकि दूसरी ओर ट्रैफिक पुलिस के कुछ जवान वाहन खड़ा नहीं करने दे रहे हैं, जिससे अधिवक्ताओं और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है। एसोसिएशन ने मांग की है कि जब तक स्थायी पार्किंग व्यवस्था बहाल नहीं हो जाती, तब तक रणधीर वर्मा चौक से लेकर कोर्ट परिसर तक सड़क के दोनों ओर अधिवक्ताओं को अपने वाहन पार्क करने की अनुमति लिखित रूप में दी जाए।
एसोसिएशन का गेट खोलने के लिए न्यायाधीश को सौंपेंगे स्मार पत्र
बार एसोसिएशन ने यह भी कहा कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा एसोसिएशन का दरवाजा बंद रखा गया है। इसे खुलवाने के लिए न्यायाधीश को स्मार पत्र सौंपकर उचित समय दिया जाएगा। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल आंदोलन स्थगित किया गया है, लेकिन यदि गेट खोलने और अन्य मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो अधिवक्ता दोबारा हड़ताल करने के लिए विवश होंगे।एसोसिएशन ने यह भी संकेत दिया कि मामले को लेकर जल्द ही झारखंड उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की जायेगी।






