बोकारो वायरल वीडियो कांड: घायल को हाजत में ठूंसने पर गिरी गाज, चीराचास थानेदार समेत 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड
बोकारो के चीराचास थाना में वायरल वीडियो के बाद बड़ा एक्शन, घायल अभियुक्त को अस्पताल न ले जाकर हाजत में बंद करने पर थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड। एसपी नाथू सिंह मीणा की सख्त कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप।
बोकारो (Threesocieties.com Desk): झारखंड के बोकारो जिले में एक वायरल वीडियो ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। चीराचास थाना से जुड़ी इस घटना में गंभीर लापरवाही और अमर्यादित आचरण सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा ने बड़ा एक्शन लेते हुए थाना प्रभारी समेत तीन पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
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क्या है पूरा मामला?
4 मई 2026 की शाम करीब 7:30 बजे चीराचास थाना क्षेत्र स्थित वीणा रीजेंसी के पास आरिफ अंसारी के साथ हर्ष पांडेय और उनके सहयोगियों द्वारा कथित तौर पर मारपीट की गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल अवस्था में आरिफ को अपने कब्जे में लिया। लेकिन यहीं से मामला गंभीर हो गया। आरोप है कि पुलिस ने घायल आरिफ को अस्पताल पहुंचाने के बजाय सीधे थाना लाकर हाजत में बंद कर दिया।
वायरल वीडियो ने खोली पोल
आरिफ अंसारी के परिजनों द्वारा सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया गया, जिसमें पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए। वीडियो सामने आते ही एसपी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए चास के एसडीपीओ से जांच कराई। जांच में जो सामने आया, उसने पुलिस विभाग की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया।
जांच में उजागर हुई बड़ी लापरवाही
घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल नहीं ले जाया गया
गंभीर स्थिति में होने के बावजूद उसे हाजत में बंद कर दिया गया
पुलिस की इस कार्रवाई को अमानवीय और गैर-जिम्मेदाराना माना गया
अनुशासनहीनता भी आई सामने
वायरल वीडियो में सहायक अवर निरीक्षक संजय कुमार मंडल को थाना परिसर में बिना निर्धारित वर्दी के देखा गया। इसे अनुशासनहीनता का गंभीर मामला माना गया।
इन अधिकारियों पर गिरी गाज
जांच में दोषी पाए जाने के बाद निम्न पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया:
थाना प्रभारी पुष्पराज कुमार
सब-इंस्पेक्टर राजेश कुमार
एएसआई संजय कुमार मंडल
निलंबन अवधि के दौरान इन्हें केवल जीवन-यापन भत्ता मिलेगा।
थाना प्रभारी पर भी कार्रवाई क्यों?
थाना प्रभारी पुष्पराज कुमार को इसलिए निलंबित किया गया क्योंकि उनके अधीन कार्यरत पुलिसकर्मियों ने कर्तव्यहीनता दिखाई। इससे यह संकेत मिला कि वे अपने स्टाफ पर नियंत्रण बनाए रखने में विफल रहे।
पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद पूरे बोकारो पुलिस विभाग में हलचल मच गई है। वायरल वीडियो ने पुलिस की संवेदनशीलता, जवाबदेही और कार्यप्रणाली पर गंभीर बहस छेड़ दी है।
संदेश साफ: लापरवाही बर्दाश्त नहीं
एसपी नाथू सिंह मीणा की इस कार्रवाई को पुलिस महकमे में सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है कि ड्यूटी में लापरवाही और अमानवीय व्यवहार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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