बिहार: नालंदा के शीतला माता मंदिर में भगदड़ से 8 महिलाओं की मौत, 12 घायल, 6-6 लाख रुपये मुआवजा का ऐलान

बिहार के नालंदा स्थित शीतला माता मंदिर में शीतलाष्टमी के दौरान भगदड़ मचने से 8 महिलाओं की मौत और कई श्रद्धालु घायल हो गए। प्रशासन पर लापरवाही के आरोप, CM ने मुआवजे का ऐलान किया।

बिहार: नालंदा के शीतला माता मंदिर में भगदड़ से 8 महिलाओं की मौत, 12 घायल, 6-6 लाख रुपये मुआवजा का ऐलान
मंदिर में भारी भीड़ के बीच मची भगदड़।

नालंदा/बिहारशरीफ(Threesocieties.com Desk): बिहार के नालंदा जिले में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। शीतला माता मंदिर में शीतलाष्टमी के मौके पर पूजा के दौरान अचानक भगदड़ मच गई, जिसमें नौ लोगों की मौत हुई है।  आठ महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दर्जनभर से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए। एक पुरुष ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। 

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 भीड़ के बीच अचानक मची अफरा-तफरी

मघड़ा गांव स्थित इस मंदिर में चैत्र माह के अंतिम मंगलवार को शीतलाष्टमी के अवसर पर हजारों श्रद्धालु जुटे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में अत्यधिक भीड़ थी। इसी दौरान अचानक धक्का-मुक्की शुरू हुई और लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मंदिर और मेला को बंद करा दिया है तथा स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास जारी हैं।

आठ  महिलाओं की मौत, कई घायल

इस हादसे में 8 महिलाओं की जान चली गई, जबकि 12 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।एक पुरुष ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया।   घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। अब तक जिन मृतकों की पहचान हुई है, उनमें: कुन्त बिहार निवासी दिनेश रजक की पत्नी रीता देवी (50) और नूरसराय के मथुरापुर निवासी कमलेश प्रसाद की पत्नी रेखा देवी (45)। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।रेखा देवी के पुत्र ने बताया कि उनकी मां मेला देखने गई थीं। “हजारों की भीड़ थी। सूचना मिलने पर हम पहुंचे और अस्पताल लाए, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।”

 अस्पताल और मंदिर में अफरा-तफरी

घटना के बाद मंदिर परिसर और अस्पताल में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने तुरंत मंदिर और मेला को बंद करा दिया और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गया। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

 हर साल उमड़ती है भारी भीड़

यह मंदिर बिहारशरीफ से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित है। शीतलाष्टमी के दिन यहां विशेष पूजा होती है। परंपरा के अनुसार इस दिन घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता और ठंडा भोजन माता को अर्पित किया जाता है, जिसके चलते हर साल यहां भारी भीड़ उमड़ती है।

 प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के इंतजाम नहीं किए गए थे। बताया जा रहा है कि उसी दिन नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कार्यक्रम को लेकर जिले के अधिकांश पुलिस बल की तैनाती वहां की गई थी।

सीएम व पीएम ने किया मुआवजे का एलान
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शीतला मंदिर हादसे पर शोक जताया और मृतकों के लिए मुआवजे की घोषणा की। मृतकों को राज्य आपदा प्रबंधन विभाग से 4 लाख रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपये (कुल 6 लाख रुपये प्रति व्यक्ति) की सहायता राशि देने की घोषणा की है।  वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर शोक जताया और केंद्र सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का एलान किया है। 

वहीं, घायलों के लिए केंद्र सरकार ने 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की। जबकि राज्य सरकार ने घायलों का पूरा इलाज कराने की घोषणा की है।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शीतला मंदिर हादसे पर शोक जताया और मृतकों के लिए मुआवजे की घोषणा की।  उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी शोक व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

जांच के आदेश

प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।अधिकारियों का कहना है कि भगदड़ के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।बताया जा रहा है कि हर मंगलवार को शीतला माता मंदिर में पूजा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है। आज चैत्र का अंतिम मंगलवार होने के कारण भीड़ काफी उमड़ी हुई थी। मंदिर में अचानक भगदड़ मच गई। भगदड़ के बाद लोग इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान कई महिलाएं भीड़ में हीं दब गईं और उनकी मौत हो गई।

मीडिया से बातचीत में एक महिला ने कहा कि वो पटना से माता के दर्शन के लिए आई थीं।थीं यहां काफी ज्यादा भीड़ थी। प्रशासन ने पूरी व्यवस्था नहीं की थी। हालत यह हो गई कि लोग एक-दूसरे को धक्का देकर आगे बढ़ने लगे। इसी दौरान घटना हुई। इधर घटना की सूचना मिलने के बादजिले के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। हालांकि, यह भगदड़ क्यों मची? इसको लेकर अभी जानकारी सामने नहीं आई है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि मंदिर में सुरक्षा के मद्देनजर पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल की तैनाती नहीं थी। हालांकि, घटना के बाद पुलिस-प्रशासन का अमला वहां पहुंच गया था।