पटना। बिहार में महागठबंधन की नई सरकार का गठन के साथ ही सियासी सीन में अफसरशाही का चेहरा भी बदलने की तैयारी है। इससे अफसरशाही खेमे में भी हड़कंप है। बीजेपी के चेहते रहे कई डिपार्टमेंट के चीफ आइएएस अफसर को बदले जाने की संभावना है।दर्जन भर डीएम व एसपी का भी ट्रांसफर हो सकता है।कई डीडीसी भी हटाये जा सकते हैं।
प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव की संभावना
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कई ऐसे विभाग हैं, जिनमें वर्षों से एक ही अफसर जमे हुए हैं। किसी-किसी विभाग में अफसरों ने तो तीन वर्ष की अधिकतम अवधि भी पार कर ली है। महागठबंधन सरकार में नये भागीदार की पसंद को प्राथमिकता मिलेगी। बीजेपी सरकार में जो चहेते थे, अब उन्हें किनारे किया जा सकता है।महागठबंधन सरकार में पुलिस और प्रशासनिक ढांचे में बदलाव होना तय माना जा रहा है। डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव भी चाहेंगे कि उनकी पार्टी के कोटे वाले विभागों में अफसरों की टीम उनके हिसाब से बनाई जाए। कई जिलों में एसडीओ, डीडीसी से लेकर डीएम व एसपी तक बदले जायेंगे। इसी तरह कई विभागों में निदेशक, सचिव और प्रधान सचिव की भी नये सेरे से पोस्टिंग होगी।
विभिन्न बोर्ड, निगमों और निदेशालयों में होगा मनोनयन
वित्त विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, जल संसाधन विभाग, सिंचाई विभाग, सड़क विभाग, श्रम संसाधन और गृह विभाग से लेकर जिलों में कई पुलिस कप्तानों को बदले जाने की चर्चा है। विभिन्न बोर्ड, निगमों और निदेशालयों में मनोनयन भी जल्द होगा। यह काम दो-तीन सालों से अटका है। नई सरकार में उन अफसरों के भी अच्छे दिन लौट आने की उम्मीद है, जो प्रशासन में महत्वपूर्ण पदों से दूर थे। वहीं कई अफसरों को अहम जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं तो कई सेवानिवृत्त अफसर जो आयोगों एवं बोर्डों में महत्वपूर्ण पदों पर हैं, उन्हें आगे सेवा विस्तार नहीं दिया जा सकता है।
सीएम नीतीश कुमार ने ऐसे लोगों को अहम जिम्मेदारी दी है, जिन अफसरों ने राज्य में विकास कार्य को आगे बढ़ाने और सुशासन को स्थापित करने में अपना योगदान दिया है। सेंट्रल डेपुटेशन पर चल रहे बिहार कैडर के कई अफसरों को भी वापस बुलाने पर विचार चल रहा है। इसके लिए चीफ सेकरटेरी को आवश्यक निर्देश दिये गये हैं।