Bihar : BJP लीडर विजय सिंह की मौत पिटाई से नहीं हुई ! पोस्टमार्टम में ओपिनियन रिजर्व, बिसरा जांच से होगा खुलासा

बिहार की राजधानी पटना में विधानसभा मार्च के दौरान जहानाबाद के बीजेपी लीडर विजय सिंह की मौत लाठी चार्ज में हुई या किसी अन्य कारण से यह पता नहीं चल पा रहा है। बॉडी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर्स की टीम ने ओपिनियन को रिजर्व कर दिया है। फाइनल रिपोर्ट नहीं आयी है।

Bihar : BJP लीडर विजय सिंह की मौत पिटाई से नहीं हुई ! पोस्टमार्टम में ओपिनियन रिजर्व, बिसरा जांच से होगा खुलासा
पटना डीएम व एसएसपी की प्रेस कांफ्रेस।
  • सिर में थी ब्लड क्लोटिंग 
  • बढ़ा हुआ था हर्ट 

पटना। बिहार की राजधानी पटना में विधानसभा मार्च के दौरान जहानाबाद के बीजेपी लीडर विजय सिंह की मौत लाठी चार्ज में हुई या किसी अन्य कारण से यह पता नहीं चल पा रहा है। बॉडी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर्स की टीम ने ओपिनियन को रिजर्व कर दिया है। फाइनल रिपोर्ट नहीं आयी है।

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बिसरा को सुरक्षित कर जांच के लिए एफएसएल भेजा गया है। यह रिपोर्ट चार-पांच दिनों में मिल जायेगी। इसके बाद उनकी मौत का कारण और भी स्पष्ट हो जायेगा। जानकार सोर्सेज का कहना है डॉक्टरों की टीम ने प्रथमदृष्टया यह पाया है कि उनके सिर में ब्लड क्लोटिंग थी। हर्ट भी बढ़ा हुआ था। उनकी मौत हर्ट अटैक से हुई है या अन्य कारणों से हुई है, यह मेडिकल बोर्ड व एफएसएल की फाइनल रिपोर्ट के आने के बाद ही स्पष्ट हो पायेगी।

एसपी व एडीएम की कमेटी ने डीएम को सौंपी जांच रिपोर्ट
बीजेपी लीडर विजय सिंह की मौत के बाद जांच के लिए बनायी गयी सिटी एसपी मध्य वैभव शर्मा व एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) हेमंत कुमार की टीम ने शुक्रवार को अपनी जांच रिपोर्ट पटना डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह को सौंप दी है। इस टीम ने भी अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कर दिया है कि विजय सिंह की मौत लाठी लगने से नहीं हुई थी।  विजय सिंह डाकबंगला चौराहा की ओर गये भी नहीं हैं। वे खुद ही गिर गये और उनकी मौत हो गयी।डीएम ने एडीएम (लॉ एंड अर्डर) और सिटी एसपी से 24 घंटे में CCTV सहित अन्य बिंदुओं पर जांच करके रिपोर्ट देने को कहा था। जिला प्रशासन द्वारा प्रारंभिक तौर पर बीजेपी लीडर की मौत का कारण बेहोश होकर गिरना बताया जा रहा है।


पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉर्टरों ने ओपिनियन किया रिजर्व
पटना डीएम ने प्रेस कांफ्रेस में कहा कि विजय सिंह के बॉडी पर एक खरोंच भी नहीं पायी गयी है।  जिस जगह पर लाठी लगती तो वह सूज जाती। लेकिन कहीं कोई निशान नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर्स की टीम ने ओपिनियन को रिजर्व कर दिया है। फाइनल रिपोर्ट नहीं आयी है। बिसरा को सुरक्षित कर जांच के लिए एफएसएल भेजा गया है। यह रिपोर्ट चार पांच दिनों में मिल जायेगी। इसके बाद उनकी मौत का कारण और भी स्पष्ट हो जायेगा।डीएम ने कहा कि विधानसभा मार्च की अनुमति नहीं दी गयी थी। गांधी मैदान में सभा की अनुमति थी। परंपरा के मुताबिक किसी भी जुलूस को डाकबंगला चौराहा से आगे जाने नहीं देना है। बैरिकेड़िंग तोड़ी गयी, पुलिस पर लाठियों से हमला किया गया।  पुलिकर्मियों के आंख में मिर्च का पाउडर डाला गया।इसे लेकर आंशिक बल प्रयोग किया गया। यह किसी पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर नहीं की गयी है। पहले से ऐसा होता रहा है। आरजेडी और लोजपा के कार्यक्रम को भी डाकबंगला चौराहा पर रोक दिया गया था। बल प्रयोग किया गया था।.
प्रदर्शनकारी बैरिकेड़िंग तोड़ आगे बढ़ने का कर रहे थे प्रयास
डीएम ने कहा कि डाकबंगला चौराहा शहर का हर्ट है। यहां जाम होनेका असर पूरे शहर पर पड़ता है। प्रशासन रोकने का प्रयास कर रही थी। प्रदर्शनकारी बैरिकेड़िंग को तोड़ कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। अगर वहां नहीं रोका जाता तो वह प्रशासन की नाकामी साबित होती। क्योंकि आगे पटना हाईकोर्ट, सीएम हाउस, राजभवन भवन आदि भी हैं।.
एफएसएल की फाइनल रिपोर्ट से मौत का सही कारण हो पायेगा स्पष्ट
डीएम ने कहा कि विजय सिंह की मौत से सभी को दुख है। एक और सीसीटीवी फुटेज मिला है जिसमें वे 1.19 बजे जेपी गोलंबर के पास टहल रहे हैं। सारी जांच में यह बात ही सामने आयी है कि 1.22 से 1.27 बजे के बीच में वे छज्जुबाग में गिर पड़े हैं। उन्हें इलाज के लिए हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया और उनकी मौत हो गयी।

फतुहा श्मशान घाट पर हुआ विजय सिंह का दाह-संस्कार
बीजेपी के जहानाबाद के जिला महामंत्री विजय कुमार सिंह का दाह संस्कार शुक्रवार को फतुहा श्मशान घाट पर किया गया। मौके पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी, नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा, तारकिशोर प्रसाद, नंद किशोर यादव, प्रेम कुमार, एक्स सीएम जीतन राम मांझी के साथ कई एमपी, एमएलए व बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता उपस्थित थे। 
BJP की चार सदस्यीय समिति करेगी लाठी चार्ज मामले की जांच
बीजेपी के नेशनल प्रसिडेंट जेपी नड्डा ने 13 जुलाई को पटना में विधानसभा मार्च पर पुलिस की लाठी चार्ज प्रकरण में जांच के लिए चार सदस्यीय हाइलेवल समिति गठित की है।समिति के संयोजक झारखंड के एक्स सीएम व बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास बनाए गये हैं। एमपी मनोज तिवारी, विष्णु दयाल शर्मा और सुनीता दुग्गल को सदस्य बनाया गया है।जांच समिति विधानसभा मार्च में मौते के शिकार हुए जहानाबाद के दिवंगत जिला महामंत्री विजय सिंह के परिजनों और घायल कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर कुशलक्षेम जानेगी। कमेटी 15 जुलाई को क्षेत्र का दौरा कर मामले की जांच कर रिपोर्ट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपेगी।

बीजेपी ने मनाया काला दिवस
पटना में विधानसभा मार्च के दौरान बीजेपीके नेताओं पर गुरुवार को प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के खिलाफ शुक्रवार को बीजेपी ने स्टेट में काला दिवस मनाया। बीजेपी नेताओं ने जिला मुख्यालयों पर सीएम व डिप्टी सीएम का पुतला फूंका। काला पट्टी लगाकार सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।  बीजेपी एमएलए व एमएलसी ने विधान मंडल कैंपस में कंधे पर काला गमछा रख और हाथों में काली पट्टी बांध कर मार्च किया।प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा के नेतृत्व में यह मार्च निकाला गया। इस दौरान भाजपा नेता सरकार और प्रशासन विरोधी नारे लगाते रहे। प्रदर्शन के बाद दोनों नेताओं ने कहा कल प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं की हत्या की साजिश थी।
सम्राट चौधरी ने कहा गुरुवार को भाजपा के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर लाठीचार्ज के बहाने नीतीश कुमार की साजिश भाजपा नेताओं की हत्या कराने की थी। पार्टी के एक कार्यकर्ता की इस लाठीचार्ज में जान भी चली गई। उन्होंने कहा नियम भी है लाठी घुटनों के नीचे मारनी है, लेकिन भाजपा नेता-कार्यकर्ताओं पर आतंकी की तरह लाठी से प्रहार किया गया। उन्होंने कहा इस प्रदेश में नीतीश कुमार की सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा बिहार का पुलिस प्रशासन नीतीश कुमार का मुखौटा हो गया है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर जिस बर्बर तरीके से लाठीचार्ज किया गया वह बताता है कि यह हम लोगों की हत्या की साजिश थी।