40 दिन बाद थमी जंग: 2 हफ्ते का सीजफायर, ट्रम्प का खुलासा—PAK की अपील पर रुकी अमेरिका-ईरान टकराव
अमेरिका-ईरान के बीच 40 दिन चली तनातनी के बाद 2 हफ्ते का सीजफायर लागू। डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान पीएम और आर्मी चीफ की अपील को बताया अहम वजह।
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी (Threesocieties.com Desk): करीब 40 दिनों तक चले तनाव और सैन्य टकराव के बाद आखिरकार अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के लिए सीजफायर लागू हो गया है। इस अचानक हुए फैसले ने पूरे मिडिल ईस्ट में राहत की सांस दी है।
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस सीजफायर को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और आर्मी चीफ की अपील के बाद यह निर्णय लिया गया। ट्रम्प के बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में पाकिस्तान की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है।
40 दिन तक क्यों भड़की रही जंग?
अमेरिका और ईरान के बीच यह तनाव अचानक नहीं बढ़ा था।
खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों में तेजी
इजरायल-ईरान टकराव का असर
परमाणु कार्यक्रम को लेकर विवाद
इन सब कारणों से हालात धीरे-धीरे युद्ध जैसी स्थिति में पहुंच गए थे।
कैसे हुआ सीजफायर?
सूत्रों के मुताबिक, कई देशों की मध्यस्थता के बाद यह सीजफायर संभव हो पाया। खास तौर पर पाकिस्तान की कूटनीतिक पहल को अहम माना जा रहा है। ट्रम्प ने कहा: “PAK पीएम और आर्मी चीफ ने शांति के लिए अपील की, जिसके बाद बातचीत का रास्ता खुला।”
किन देशों को राहत?
इस सीजफायर से कई देशों को बड़ी राहत मिली है:
इजरायल में हमलों का खतरा कम हुआ
खाड़ी देशों में तनाव घटा
तेल बाजार में स्थिरता की उम्मीद
आगे क्या?
हालांकि यह सीजफायर सिर्फ 2 हफ्तों के लिए है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बातचीत सफल रही तो स्थायी शांति संभव है। विफल होने पर फिर संघर्ष भड़क सकता है।
दुनिया की नजर अब क्या देख रही?
अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या यह अस्थायी सीजफायर स्थायी शांति में बदलेगा या फिर यह सिर्फ एक छोटा ब्रेक साबित होगा।






