15 साल से एक ही जगह जमे 1,954 अफसरों पर गिरी तबादले की गाज! कोल इंडिया की नई ट्रांसफर पॉलिसी लागू
कोल इंडिया ने नई तबादला नीति लागू कर दी है। 15 साल से एक ही स्थान पर तैनात 1,954 अधिकारियों का ट्रांसफर होगा। HRMS पोर्टल के जरिए ऑनलाइन प्रक्रिया होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का लक्ष्य है।
धनबाद (Threesocieties.com Desk): देश की सबसे बड़ी कोयला कंपनी Coal India Limited ने अपने अधिकारियों के लिए बहुप्रतीक्षित नई तबादला नीति लागू कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत 15 साल से अधिक समय से एक ही स्थान या सहायक कंपनी में जमे 1,954 अधिकारियों का स्थानांतरण किया जायेगा। कंपनी प्रबंधन का मानना है कि इस कदम से कार्यक्षमता बढ़ेगी, पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा।
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कंपनी की यह नीति 12 फरवरी 2026 को लिए गए निर्णय के आधार पर तैयार की गई है और अब इसे औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है।
15 साल से जमे अधिकारियों पर सबसे ज्यादा असर
नई नीति का सबसे अधिक असर उन अधिकारियों पर पड़ेगा जो लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात हैं। कंपनी स्तर पर ऐसे कुल 1,954 अधिकारी चिन्हित किये गये हैं। इनमें विभिन्न सहायक कंपनियों के अधिकारी शामिल हैं, जिनमें प्रमुख रूप से —
Bharat Coking Coal Limited (बीसीसीएल) – 151 अधिकारी
Eastern Coalfields Limited (ईसीएल) – 201 अधिकारी
Central Coalfields Limited (सीसीएल) – 250 अधिकारी
Central Mine Planning and Design Institute Limited (सीएमपीडीआईएल) – 126 अधिकारी
एमसीएल – 216 अधिकारी
एनसीएल – 147 अधिकारी
एनईसी – 7 अधिकारी
एसईसीएल – 451 अधिकारी
डब्ल्यूसीएल – 352 अधिकारी
डीसीसी – 1 अधिकारी
कोल इंडिया मुख्यालय – 12 अधिकारी
कार्यक्षमता बढ़ाने पर कंपनी का जोर
कोल इंडिया प्रबंधन का मानना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती से कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। इसलिए नियमित अंतराल पर तबादला जरूरी है। नई नीति के जरिए अधिकारियों को नए कार्यक्षेत्रों में काम करने का मौका मिलेगा, जिससे उनका अनुभव बढ़ेगा और कंपनी की समग्र कार्यक्षमता में सुधार होगा।
पारदर्शिता बढ़ेगी, नेक्सस पर लगेगी रोक
तबादलों का एक अहम उद्देश्य स्थानीय स्तर पर बनने वाले संभावित नेक्सस (गठजोड़) को खत्म करना भी है। प्रबंधन का मानना है कि जब अधिकारी लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में रहते हैं तो बाहरी पक्षों के साथ अनौपचारिक संबंध बनने की आशंका बढ़ जाती है। नियमित ट्रांसफर से इस तरह की स्थितियों पर नियंत्रण रखा जा सकेगा और विजिलेंस मामलों में भी कमी आएगी।
चॉइस पोस्टिंग का भी मिलेगा विकल्प
नई तबादला नीति में कुछ श्रेणियों के अधिकारियों को उनकी वरिष्ठता और सेवा अवधि के आधार पर पसंद का स्थान चुनने का विकल्प भी दिया गया है। हालांकि यह सुविधा सभी को नहीं मिलेगी, बल्कि तय मानकों के आधार पर चयनित अधिकारियों को ही इसका लाभ दिया जाएगा।
पदोन्नति पर सहायक कंपनी बदलना अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत नॉन-एग्जीक्यूटिव से एग्जीक्यूटिव कैडर में पदोन्नति मिलने पर संबंधित अधिकारी का सहायक कंपनी बदलना अनिवार्य होगा। हालांकि इस नियम से सर्वे विभाग को फिलहाल छूट दी गई है।
तीन साल से पहले वापसी नहीं
नीति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी अधिकारी का तबादला किसी दूसरी सहायक कंपनी में किया जाता है तो उसे कम से कम तीन वर्ष तक वहीं सेवा देनी होगी। इस अवधि से पहले पुराने स्थान या कंपनी में वापसी संभव नहीं होगी।
HRMS पोर्टल से होगी पूरी प्रक्रिया
नई तबादला नीति के तहत अब पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया गया है। सभी आवेदन, विकल्प और चॉइस पोस्टिंग एचआरएमएस (HRMS) पोर्टल के ऑनलाइन मॉड्यूल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होने की उम्मीद है।
कोल इंडिया मुख्यालय के 12 अधिकारी भी सूची में
कंपनी मुख्यालय स्तर पर भी 15 साल से अधिक समय से तैनात 12 अधिकारियों के नाम सूची में शामिल किए गए हैं। इनमें मानव संसाधन, खनन, वित्त, पीआर और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जिनकी सेवा अवधि 18 से लेकर 34 वर्ष तक बताई गई है।






