दुमका।दुमका पॉस्को कोर्ट ने जिले के रामगढ़ में छह वर्ष की मासूम बच्ची से गैंगरेप के बाद मर्डर मामले में मंगलवार को तीन अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाई है। प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश तौफीकुल हसन की कोर्ट ने घटना के 28 दिनों के अंदर ही फैसला सुनाकर इतिहास रच दिया है। कोर्ट ने तीन दिनों तक इस मामले की लगातार सुनावाई की। कोर्ट ने सोमवार को तो देर रात 10:35 बजे तक बैठकर सुनवाई पूरी की। कोर्ट ने फैसले के लिए कोर्ट ने मंगलवार का दिन मुकर्र किया था।कोर्ट ने मंगलवार को पहले तीनों आरोपी मीठू राय, पंकज मोहली और अशोक राय को को दोषी करार दिया गया। फिर फांसी की सजा सुना दी। कोर्ट के इस फैसले को लोग न्याय की नजीर के रूप में देख रहे हैं।
तीन दिन तक केवल इसी मामले की हुई सुनवाई
कोर्ट में में तीन दिन से केवल इसी मामले की सुनवाई चली। शुक्रवार को पहले दिन परिवार के सदस्यों की गवाही हुई। शनिवार को दंडाधिकारी विजय कुमार ठाकुर, एसआइ संतोष कुमार, हवलदार प्रेम प्रकाश चौबे और शव का पोस्टमार्टम करने वाले मेडिकल कॉलेज के डाक्टर गौतम कुमार की गवाही हुई थी। सोमवार को डीएसपी समेत छह ने गवाही दी।
सोमवार देर रात तक हुई सुनवाई मंगलवार को हुआ फैसला
दुमका पॉक्सो कोर्ट ने गैंगरेप और हत्या के मामले में तीनों अभियुक्तों मीठू राय, पंकज मोहली और अशोक राय को अपहरण, गैंगरेप और हत्या के मामले में दोषी करार दिया। अभियोजन पक्ष ने तीनों को फांसी की सजा की मांग की। कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। मामले का स्पीडी ट्रायल पूरे देश में नजीर बना है। महज तीन दिनों में प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश तौफीकुल हसन की कोर्ट ने 16 गवाहों की गवाही सुनी। सोमवार को सुबह 11 बजे से शुरू हुई अदालत की कार्रवाई रात करीब 10:35 पर खत्म हुई। मंगलवार को मामले में न्यायाधीश ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया।
क्या है मामला
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 पांच फरवरी को घटना घटी थी। छह साल की मासूम बच्ची के साथ रिश्ते के एक चाचा व उसके दो साथियों ने गैंगरेप कर मर्डर कर दी थी। मिट्ठू राय व उसके दो दोस्त पांच फरवरी को बच्ची को मेला दिखाने ले गये थे। परिजनों ने बच्ची के गायब होने की कंपलेन पुलिस से की। पुलिस ने सात फरवरी को जमीन के नीचे दबा बच्ची का शव बरामद कर मामला दर्ज किया। दुमका पुलिस ने 11 फरवरी को मुंबई पुलिस के सहयोग से मिट्ठू को गिरफ्तार किया। मिट्ठू की निशानदेही पर अन्य दोनों अभियुक्त पंकज व अशोक को भी पकड़ा गया। 12 फरवरी को पुलिस ने सभी अभियुक्तों को कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेजा गया। पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ 26 फरवरी को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया। 27 फरवरी को कोर्ट में आरोप गठित हुआ। कोर्ट ने मामले की गंभीरता देखते हुए 28 फरवरी को पीडि़त परिवार के छ: लोगों की गवाही सुनी। 29 को डॉक्टर समेत अन्य चार लोगों ने गवाही दी। एक मार्च को रविवार था। कोर्ट ने सोमवार दो मार्च को देर रात तक मामले की सुनवाई कर छ: गवाहों का परीक्षण किया। अभियुक्तों का बयान भी कलमबंद किया गया। कोर्ट ने मंगलवार को मामले में अपना फैसला सुना दिया।
पुलिस का कहना है कि घटना के बाद सात फरवरी तक मुख्य आरोपी मिट्ठू राय का मोबाइल लोकेशन घटनास्थल, गांव एवं आसपास के इलाके में मिला था। फिर वह भागलपुर के रास्ते मुंबई भाग निकला। पलिस टीम उसके पीछे पड़ गई। मुंबई पुलिस ने पूरा सहयोग किया। उसे मुंबई से दबोच लिया गया।