झारखंड दूध उत्पादन में 2022 तक आत्मनिर्भर बनेगा: रणधीर सिंह

  • कृषि मंत्री ने विभाग की साढे चार साल की उपलब्धियां गिनाई
  • आगे की योजनाओं की दी जानकारी
रांची: कृषि, पशुपालन व सहकारिता मंत्री रणधीर सिंह ने कहा है कि झारखंड जिस तरह मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर बन चुका है, उसी तरह दूध उत्पादन में भी वर्ष 2022 तक यह राज्य आत्मनिर्भर बनेगा. वर्ष 2029 तक झारखंड को आर्गेनिक स्टेट बनाने का भी राज्य सरकार का लक्ष्य है. कृषि मंत्री मंगलवार को सूचना भवन में प्रेस कांफ्रेस में अपने विभाग की साढ़े चार साल की उपलब्धियां गिनायी. आगे की योजनाओं की जानकारी दी. मौके पर कृषि सचिव पूजा सिंघल, मत्स्य निदेशक एचएन द्विवेदी व अन्य विभागीय अफसर उपस्थित थे. कृषि मंत्री ने बताया कि 300 बिजनेस कॉरेसपोंडेंट की नियुक्त की गयी है जिन्हें माइक्रो एटीएम दिए गए हैं ताकि वे किसानों को बैंकिंग सुविधा मुहैया करा सकें. सहकारी बैंकों द्वारा डिजिटल ट्रांजेक्शन को प्रोत्साहित करने के लिए झारखंड विद्युत वितरण निगल लिमिटेड के लिए बिल कलेक्शन सिस्टम का निर्माण किया गया है. इसके तहत पूरे राज्य में बिजली का भुगतान पॉस मशीन के माध्यम से किया जायेगा.46 वैसे प्रखंडों जहां सब्जियां बड़ी मात्रा में उत्पादित होती हैं, वहां 30 मिट्रिक टन क्षमता के एक-एक कोल्ड रूम का निर्माण कराया जा रहा है.उन्होंने कहा कि 14 जिलों देवघर, गुमला, गिरिडीह, रांची, लोहरदगा, सिमडेगा, चाईबासा, जमशेदपुर, पलामू, गढ़वा, चतरा, बोकारो, साहिबगंज तथा गोड्डा में पांच हजार मिट्रिक टन क्षमता वाले कोल्ड स्टोरेज का निर्माण झारखंड राज्य भवन निर्माण कारपोरेशन के माध्यम से हो रहा है. जमशेदपुर तथा दुमका में एक-एक तथा देवघर में दो मछली बाजार का भी निर्माण कराया जायेगा. होटवार डेयरी प्लांट की कैपिसिटी 2.5 लाख लीटर होगी उन्होंने कहा कि रांची के पशुपालक जितना दूध का उत्पादन करते हैं उतनी खपत रांची के होटवार स्थित 100 लीटर क्षमता वाले डेयरी प्लांट में नहीं हो पा रही है. राज्य सरकार इसकी क्षमता बढ़ाकर 2.5 लाख करने की दिशा में काम कर रही है. पलामू, देवघर के सारठ तथा साहिबगंज में 50 लीटर क्षमता वाले डेयरी प्लांट का निर्माण किया जा रहा है. रांची में एक मिल्क प्रोडक्ट प्लांट तथा जमशेदपुर एवं गिरिडीह में 50 हजार लीटर क्षमता वाले डेयरी प्लांट की स्थापना की जा रही है. 74 लोगों ने पैसा वापस नहीं किया सहकारी बैंकों से लोन लेकर 74 लोगों ने वापस नहीं किया. इसे स्वीकार करते हुए मंत्री ने कहा कि यह बकाया कई वर्षों का है. संबंधित लोगों पर सर्टिफिकेट केस हो रहा है. पिछले तीन माह में दस परसेंट राशि रिकवरी हुई है. इस साल तक 15 फीसद तक रिकवरी करने की योजना है. उन्होंने गुमला सहकारी बैंक, बिशुनपुर में कैशियर द्वारा 4.46 करोड़ के गबन पर कहा कि 2.37 करोड़ रुपये की वसूली हो गई है. कैशियर व अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज हुई है. उपलब्धियां 260 सिंगल विंडो सेंटर की स्थापना. 25,13,090 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड. 3164 मृदा परीक्षक किट वितरित किये गये. 71 किसानों को मास्टर ट्रेनर के रूप में इजरायल भेजा गया. जलनिधि योजना के तहत विशेष सिंचाई सुविधा के लिए 2659 डीप बोङ्क्षरग तथा 3,334 परकोलेशन टैंक का निर्माण. 2874 महिला सहायता समूहों के बीच कृषि यंत्र का वितरित. 42,486 बीपीएल महिलाओं को 90 फीसद अनुदान पर गया.