रांची। दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) के कमांड क्षेत्र हजारीबाग, चतरा, धनबाद, कोडरमा, रामगढ़, बोकारो और गिरिडीह में हर दिन 18 घंटे का पावर कट से जनता परेशान है। डीवीसी ने झारखंड गवर्नमेंट पर लगभग 4995 करोड़ रुपये की बकाया राशि के भुगतान को लेकर झारखंड के अपने कमांड एरिया में चरणबद्ध तरीके से 18 घंटे बिजली कटौती करनी शुरू कर दी है।बिजली कटौती गुरुवार को भी जारी रही। डीवीसी कमांड एरिया में दूसरे दिन ग्रामीण क्षेत्रों में 20 घंटे एवं शहरी क्षेत्रों में 18 घंटे की बिजली कटौती हुई। डीवीसी कमांड एरिया में गंभीर बिजली संकट छा गया है। बिजली संकट के कारण जलसंकट भी उत्पन्न हो गया है। डीवीसी कमांड एरिया में डीवीसी 600 मेगावाट तक बिजली आपूर्ति हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, रामगढ़, बोकारो, धनबाद और गिरिडीह इलाके में करता है।
सुचारू रूप से राज्यवासियों को बिजली मिले यह सुनिश्चित करना है:हेमन्त सोरेन

सीएम हेमन्त सोरेन ने कहा कि जिस प्रकार डीवीसी हरकत कर रहा है। वह ठीक नहीं है। सरकार इनकी कार्य प्रणाली पर नजर रखे हुए है। लोगों को जैसी बिजली उपलब्ध हो रही थी। वैसा ही उपलब्ध हो। सरकार इस विषय पर गंभीर है। यह भारत सरकार का उपक्रम है। राज्य सरकार पहले समस्या का समाधान करने को प्राथमिकता मान कार्य कर रही है।
बिजली संकट पर राज सिन्हा,पूर्णिमा सिंह व अमितेश सहाय सीएम से मिले

डीवीसी द्वारा बिजली कटौती के कारण कोयला राजधानी धनबाद बिजली संकट से लोग परेशान हैं। बिजली कटौती का पानी सप्लाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इंडस्ट्री पर भी असर पड़ रहा है।

बिजली संकट को लेकर धनबाद एमएलए राज सिन्हा, झरिया एमएलए पूर्णिमा नीरज सिंह व जेएमएम व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रसिडेंट अमितेष सहाय गुरुवार को सीएम से अलग-अलग मुलाकात की। इन नेताओं से बिजली कटौती व डीवीसी की मनमानी ने सीएम को अगत कराय। सीएम से बिजली संकट की समाधान की मांग की गयी।
जेएमएम ने बिजली कटौती के खिलाफ धनबाद में सेंट्रल गर्वनमेंट का पुतला फूंका

जेएमएम ने डीवीसी द्वारा झारखंड में बिजली कटौती के खिलाफ गुरुवार को रणधीर वर्मा चौक पर सेंट्रल गवर्नमेंट का का पुतला दहन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष रमेश टुड्डू ने किया। सेंट्रल गवर्नमेंट के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गयी। जेएमएम जिलाध्यक्ष रमेश टुड्डू ने कहा कि डीवीसी द्वारा झारखंड की जमीन, कोयला, पानी का इस्तेमाल कर यहां के लोगों आंख दिखाने का काम तुरंत बंद होना चाहिए। बीजेपी के शासन काल में 4500 करोड़ रुपये बकाया रहने के बावजूद डी.वी.सी प्रबंधन को हिम्मत नहीं हुई कि पैसे मांग सकें। कार्यक्रम में मुकेश सिंह,देबू महतो, पवन महतो, जग्गू महतो, अरूनव सरकार, हेमंत कुमार सोरेन, राजेन्द्र किस्कु, लखन प्रामाणिक, समीर रवानी, अमित महतो समेत अन्य उपस्थित थे।
बैंक मोड़ चैंबर की की आपातकालीन बैठक

डीवीसी द्वारा जारी18 घंटे बिजली कटौती की समस्या को लेकर गुरुवार कोबैंक मोड़ चेंबर ऑफ कॉमर्स ने कार्यकारिणी समिति की आपातकालीन बैठक की।बैठक में चेंबर के अध्यक्ष प्रभात सुरोलिया ने कहा कि दिन में 18-18 घंटे बिजली कटौती से उद्योग, व्यापार के साथ साथ बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। यहां के कोयला और पानी से दूसरे शहर और राज्य रोशन हो रहे हैं और यहां की जनता की घोर उपेक्षा का सामना कर रही है। उन्होंने कहा बिजली विभाग के महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा है और समस्या का तत्काल निवारण करने का आग्रह किया है।सचिव प्रमोद गोयल ने कहा कि बिजली समस्या की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उपभोक्ता नियमित रुप से बिजली विपत्र का भुगतान करती है। डीवीसी और सरकार के बीच भुगतान के संबंध में जो भी पेंच है, उसका हल सरकार को शीघ्र निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि चेंबर हमेशा जनहित के मुद्दों को लेकर आगे बढ़ा है। इस गंभीर मुद्दे पर भी चेंबर शांत नहीं रहेगा। समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो चेंबर आंदोलन करने को बाध्य होगा।चेंबर के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र अरोड़ा ने कहा कि डीवीसी द्वारा 18 घंटे का पावर कट सुनियोजित साजीश के तहत किया जा रहा है। इस विकट परिस्थिति का ठिकरा सरकार और डीवीसी एक दूसरे पर फोड़ रहे हैं। इस समस्या से उपभोक्ताओं का लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा बिजली कटौती से जहां उद्योग धंधे चौपट हो रहे हैं वहीं आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा पर भी बुरा प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि डीवीसी को स्पष्ट रूप से संदेश देना होगा कि झारखंड में प्लांट है तो झारखंड की जनता की उपेक्षा कतई बर्दाश्त नहीं की जा सकती।बैठक में लोकेश अग्रवाल, सुदर्शन जोशी, संजय लोधा, सुशील नारनोली, संदीप मुखर्जी, नितीन पटेल सहित अन्य सदस्यों ने अपने अपने विचार प्रकट किए।
डीवीसी केंद्र सरकार के इशारे पर चलना बंद करें,जेएमएम कोयला नहीं जाने देगी: मथुराटुंडी एमएलए मथुरा प्रसाद महतो ने कहा है कि झारखंड सरकार को बदनाम करने के लिए 18-18 घंटे तक बिजली कटौती की जा रही है। बिजली कटौती से धनबाद, गिरिडीह, रामगढ़, कोडरमा, चतरा, पूर्वी सिंहभूम के लोग त्राहिमाम है। धनबाद कोयलांचल के टुंडी, बाघमारा, झरिया, धनबाद, बाघमारा, गोविंदपुर, निरसा, बलियापुर, तोपचांची, गोमो, राजगंज के छोटे बड़े व्यवसायी, छात्र, वृद्ध, मरीज, बच्चे परेशान हैं। पूर्व की बीजेपी सरकार ने डीवीसी के बकाये पैसे नहीं दिये। भाजपा की रघुवर सरकार सरकारी खजाने को पार्टी को चमकाने में लगी रही, पैसों का दुरूपयोग किया, कितु बिजली बकाये का भुगतान नही किया। राज्य की कोष को खोखला कर दिये। अब 5000 करोड़ रुपये की बकाया पर डीवीसी केन्द्र सरकार के इशारे पर झारखंडवासियों को परेशान कर रही है, अन्य राज्यों में भारी भरकम पैसा बकाया रहने के बावजूद उन्हें निर्बाध बिजली आपूर्ति किया जा रहा है। डीवीसी 600 मेगावाड की जगह मात्र 200 मेगावाड बिजली आपूर्ति कर रही है, डीवीसी अपने दोहरी नीति में जल्द बदलाव लाये, केंद्र के इशारे पर चलना बंद करे। क्योंकि जनता को हो रही परेशानी से हेमंत सरकार भी परेशान हैं। डीवीसी अपनी नीति में बदलाव लाये अन्याय झामुमो झारखंड से एक भी छंटाक कोयला नहीं जाने देगी। उन्होंने कहा कि जनसमस्या को देखते हुए रांची में सीएम हेमंत सोरेन से इस मुद्दे पर बातचीत की है। सीएम के प्रयास से बिजली संकट से जल्द निजात दिलाने का कोशिश करेंगे।
बकाया पैसा नहीं मिलने पर डीवीसी का प्लांट हो जायेगा बंद
डीवीसी ने 4995 करोड़ रुपये बकाया राशि को लेकर झारखंड में कमांड एरिया में चरणबद्ध बिजली कटौती शुरू किया है। डीवीसी के अतिरिक्त निदेशक एके दे ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक झारखंड सरकार बकाया पैसे का भुगतान नहीं करती तबतक बिजली की कटौती जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पैसे के अभाव में बोकारो थर्मल, चंद्रपुरा एवं कोडरमा का प्लांट चलाना बेहद मुश्किल हो रहा है।बीसीसीएल ने भी पैसे के अभाव में डीवीसी को कोयला देने ने आनाकानी कर रहा है जिससे डीवीसी के कई प्लांटों में कोयले की बेहद कमी हो गई है।