अब सुबह-सुबह सीटी बजाकर कचरा कलेक्शन होगा
लोगों से इसके लिए कोई फीस नहीं ली जायेगी
धनबाद: धनबाद नगर निगम(डीएमसी) में गुरुवार से इंटीग्रेटेड ठोस कचरा प्रबंधन योजना की शुरुआत हो गयी है. झारखंड के राजस्व व भूमि सुधार,पर्यटन, कला - संस्कृति, खेल - कूद एवं युवा विभाग के मंत्री अमर कुमार बाउरी, मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल, एमएलए राज सिन्हा समेत अन्य बरटांड में कचरा संग्रहण करने वाले वाहनों को हरी झंडी दिखाकर योजना का विधिवत शुभारंभ किया. यह वाहन टाउन में डोर टु डोर कचरा संग्रहण करेगी. कचरा संग्रहण वाहन पर डिरुट स्टाफ गली-मोहल्ले में पहुंचकर सीटी बजायेंगे. सीटी की आवाज सुनकर लोग अपने घरों से कचरा लेकर बाहर निकल सफाई कर्मचारियों को सौंप देंगे. इस नयी सिस्टम के लिए लोगों को किसी तरह का कोई फीस नहीं देना होगा. डीएमसी सॉलिड वेस्ट टिपिंग फीस डीएमएफटी फंड से पेमेंट करेगी.कार्यक्रम में एमएलए राज सिन्हा, डीएमसी के सीइओ चंद्रमोहन कश्यप, जियाडा डायरेक्टर सत्येंद्र कुमार, रेम्की डायरेक्टर, सभी वार्ड काउंसलर व कॉरपोरेशन के अन्य अफसर व स्टाफ मौजूद थे.
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मंच पर मंत्री, मेयर व अन्य.[/caption]
लोग टाउन को क्लीन रखने में अपनी जिम्मेदारी निभायें: बाउरी
इंटीग्रेटेड ठोस कचरा प्रबंधन योजना की शुभारंभ के मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री अमर बाउरी ने लोगों से टाउन की सफाई में अपनी भूमिका निभाने की अपील की.उन्होंने कहा कि डीएमसी द्वारा प्रारंभ की गई यह महत्वपूर्ण योजना है. हम कचरा पैदा करते हैं लेकिन इस योजना से उसे नगर निगम आने वाले दिनों में एनर्जी में तब्दील करेगा. इस योजना के लिए नागरिकों को भी डीएमसी को सहयोग करना चाहिए. कचरे का सीधा असर हमारे जीवन एवं स्वास्थ्य पर पड़ता है. इस कारण लोगों में प्रतिरोध क्षमता भी खत्म हो रही है.
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे गिला एवं सूखा कचरा को अलग कर नगर निगम की गाड़ी में डिपॉजिट करें. उन्होंने पानी को बचाने की भी लोगों से अपील की. मंत्री ने कहा कि पेड़, पानी का संरक्षण व स्वच्छ वातावरण निर्माण हम सबकी जिम्मेदारी है. कुछ दिनों पहले दिल्ली के बारे में खबर आई कि उसके कचरे को जमा किया जाये तो कुतुब मीनार से ऊंचा हो जायेगा.ऐसे में अगर देश भर का कचरा जमा किया जाये यह अंतरिक्ष तक पहुंच सकता है.कचरा हमारे जल स्रोतों को गंदा कर रहा है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाता है. पेड़ लगाना, जलस्रोतों को बनाये रखना सिर्फ ग्रामीणों का काम नहीं. सब लोगों को अपना योगदान करना चाहिए. लोग इतना जरुर करें कि स्वच्छता पर ध्यान दें.
श्री बाउरी ने डीएमसी के सीइओ चंद्रमोहन कश्यप से पूछा कि जल छाजन नहीं करने वालों पर फाइन लगाते हैं कि नहीं? सीईओ के हां करने पर मंत्री ने कहा कि अब हम इस नियम को बदलने जा रहे हैं. जल छाजन नहीं करने वाले दंडित नहीं होंगे, बल्कि जल छाजन करने वालों को अनुदान दिया जायेगा. बेहतर काम करने वालों को पुरस्कृत भी किया जायेगा, ताकि लोग इसके लिए आगे आयें और स्वत: अपने-अपने बिल्डिंग में जल छाजन की व्यवस्था करें.
धनबाद बनेगा डस्ट फ्री सिटी: मेयर
मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट डीएमसी का तीन अच्छे कामों में से एक है. आने वाले दिनों में शहर को डस्ट फ्री बनाया जायेगा. ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से सूखा एवं गीला कचरा को अलग किया जाएगा तथा इसे खाद, टाइल्स तथा एनर्जी में तब्दील किया जायेगा.इस कार्य के लिए हर्ल द्वारा सिन्दरी में भूमि भी उपलब्ध कराई गयी है.जहां कोई आबादी भी नहीं है. ऐसे में वहां कचरा डंप करने में परेशानी या विरोध नहीं होगा. शीघ्र योजना पर कार्य आरंभ हो जायेगा.
रोड पर कचरा फेकने वाले दंडित होंगे
मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने कहा कि सड़क पर कचरा फेंकने वाले अब दंडित होंगे.रोड पर कचड़ा फेंकने वालों पर फाइन लगाया जायेगा. मेयर ने कहा कि पिछले दिनों स्वच्छ शहरों में हम इसलिए पिछड़े क्योंकि हमारे पास ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नहीं था. अब यह हो गया है. डीएमसी के स्टाफ घर-घर से गीला व सूखा कचरा संग्रहित करेंगे. कचरा डंप करने के लिए डीएमसी को सिंदरी के पास जमीन मिली है, जहां कोई आबादी भी नहीं है. ऐसे में वहां कचरा डंप करने में परेशानी या विरोध नहीं होगा.
घर-घर बंटेंगे डस्टबीन, गीला-सूखा कचरा अलग होगा
मेयर ने कहा कि कचरा को फिर से उपयोग में लाने के लिए गीला व सूखा कचरा को घर से ही अलग कर लिया जायेगा. इसके लिए डीएमसी के स्टाफ हर घर में दो-दो डस्टबीन फ्री में बांटेंगे. सफाई वाहन में भी गीला व सूखा कचरा अलग-अलग संग्रहित किया जायेगा. इससे कचरा संग्रहण में स्टाफ को सुविधा होगा. धनबाद में प्रति व्यक्ति 250 ग्राम कचरा का निस्तारण होता है.
कचरे से बिजली, टाइल्स और खाद बनेंगे. मेयर का कहना है कि कचरा को संग्रहित कर उससे बिजली, टाइल्स और खाद बनाये जायेंगे. गीला कचरा को खाद में बदलकर किसानों को उपलब्ध कराया जायेगा. ठोस कचरे से प्लास्टिक अलग व अन्य पदार्थ अलग कर लिए जायेंगे.कचरा से बिजली व टाइल्स, ब्रिक्स का निर्माण किया जायेगा.
कोल कंपनियां उड़ा रहीं है मानकों की धज्जियां
मेयर ने कहा कि धनबाद में कोल कंपनियां ही प्रदूषण की मुख्य वजह है. कोल कंपनिया मानकों की धज्जियां उड़ा रही हैं.शहर के लोग कोल डस्ट से परेशान हैं. घरेलू कचरे से भी लोग परेशान हैं. ठोस कचरा प्रबंधन कर हम कम से कम कुछ हद तक प्रदूषण से मुक्ति पा सकते हैं. मेयर का कहना है कि इंदौर में गंदगी के कारण पहले प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये की दवा की खपत टाउन में होती थी. अब इंदौर सर्वाधिक साफ शहर हो गया है. शहर साफ रहने से लोग कम बीमार होते हैं और प्रतिवर्ष 28 करोड़ रुपये की दवा की खपत कम हुई है.
एमएलए राज सिन्हा ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन समय की आवश्यकता थी.मेयर , नगर आयुक्त, सभी वार्ड पार्षद तथा नगर निगम को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि मेयरके कुशल नेतृत्व में तथा केंद्र एवं राज्य की डबल इंजन सरकार का लाभ कब धनबाद सहित पूरे झारखंड को मिल रहा है. जियाडा डायरेक्टर सत्येंद्र कुमार ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है. स्वच्छता अभियान को मूर्त रूप देने के लिए यह बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है.डीएमसी कमिशनर चंद्रमोहन कश्यप ने कहा कि नगर निगम ने स्वच्छता एवं सफाई कार्यक्रम को एक कदम आगे बढ़ाया है. रैमकी ग्रुप के सहयोग से और आगे बढ़ने का प्रयास किया जायेगा.जनता सहयोग प्रदान करें. जनता की प्रेरणा एवं उत्साह की आवश्यकता है. डीएमसी जनता की हर आकांक्षा को पूरा करेगा.
14 वार्ड में सफाई की नई व्यवस्था
डीएमसी में 55 वार्ड हैं. इनमें वार्ड 20 से 33 में फिलहाल सफाई की नई व्यवस्था लागू की गयी है. जुलाई के अंत तक सभी वार्डों में डोर टु डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था लागू कर दी जायेगी.कचरा संग्रहण का कार्य रेम्की कंपनी द्वारा किया जायेगा.