DVC में बड़ा फेरबदल: NTPC के CMD गुरदीप सिंह को चेयरमैन का एडीशनल चार्ज, एसके पांडा बने मेंबर-सेक्रेटरी
दामोदर घाटी निगम (DVC) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। NTPC के CMD गुरदीप सिंह को DVC चेयरमैन का अतिरिक्त प्रभार मिला है जबकि एसके पांडा नए मेंबर-सेक्रेटरी बने हैं। साथ ही कई वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यभार में बदलाव किया गया है।
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): दामोदर घाटी निगम (DVC) के शीर्ष प्रबंधन में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने कई महत्वपूर्ण नियुक्तियों और पदस्थापनाओं को मंजूरी दे दी है। नए आदेशों के तहत DVC चेयरमैन, मेंबर-सेक्रेटरी और कई वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यभार में बड़े बदलाव किए गए हैं। यह फेरबदल 1 जून 2026 से प्रभावी होगा।
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NTPC के CMD गुरदीप सिंह को मिला DVC चेयरमैन का अतिरिक्त प्रभार
ऊर्जा मंत्रालय के DVC सेक्शन द्वारा जारी आदेश (संख्या: 10/10/2025-DVC) के अनुसार, NTPC के मौजूदा चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर गुरदीप सिंह को DVC चेयरमैन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उनका यह कार्यकाल 1 जून 2026 से 31 जुलाई 2026 तक अथवा अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। गौरतलब है कि DVC के वर्तमान चेयरमैन एस सुरेश कुमार 31 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने सेवा विस्तार के लिए प्रयास किए थे, लेकिन ऊर्जा मंत्रालय ने विस्तार नहीं दिया।
एसके पांडा बने नए मेंबर-सेक्रेटरी
ऊर्जा मंत्रालय के एक अन्य आदेश के तहत DVC के मेंबर टेक्निकल एसके पांडा को मेंबर-सेक्रेटरी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उनका कार्यकाल 1 जून 2026 से अगले छह महीने अथवा अगले आदेश तक रहेगा। यह पद लंबे समय से रिक्त था। पूर्व में मेंबर-सेक्रेटरी डॉ. जॉन मथाई के जाने के बाद चेयरमैन एस सुरेश कुमार ही इस अतिरिक्त जिम्मेदारी को संभाल रहे थे।
DVC मुख्यालय में बड़े स्तर पर अधिकारियों का फेरबदल
DVC मानव संसाधन विभाग ने भी निगम कार्य के हित में बड़ा प्रशासनिक पुनर्गठन किया है। जारी आदेश के अनुसार: • कार्यकारी निदेशक (प्रोजेक्ट) पीएलएसएस चैतन्य प्रकाश को नया कार्यकारी निदेशक (ऑपरेशन) बनाया गया है। • कार्यकारी निदेशक राजेश कुमार को नया ED (Project) की जिम्मेवारी मिली है। मुख्य महाप्रबंधक (ई) डॉ. धवला वेंकट राजन को पदोन्नत कर अतिरिक्त सचिव बनाया गया है। यह सभी बदलाव भी 1 जून से प्रभावी होंगे।
क्यों अहम माना जा रहा है यह बदलाव?
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि NTPC जैसे बड़े सार्वजनिक उपक्रम का नेतृत्व कर रहे गुरदीप सिंह का अनुभव DVC के लिए संक्रमण काल में उपयोगी साबित हो सकता है। इससे पहले भी उन्हें DVC चेयरमैन का अतिरिक्त प्रभार दिया जा चुका है।
भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों के बीच बदलाव
DVC में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब निगम के भीतर अनियमितताओं और प्रशासनिक निर्णयों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने भी ऊर्जा मंत्रालय को पत्र लिखकर कथित अनियमितताओं की जांच और कार्रवाई की मांग की थी।ऊर्जा मंत्रालय के उप सचिव जे मिश्रा के हस्ताक्षर से जारी आदेशों के बाद अब DVC के भीतर नए नेतृत्व के साथ प्रशासनिक दिशा बदलने की चर्चा तेज हो गई है।






