धनबाद: एसीबी ने DMC के असिस्टेंट इंजीनियर को 17 हजार 500 रुपये घूस लेते दबोचा, घर में चार लाख कैश मिला

  • कंट्रेक्टर मांग रहे थे तीन परसेंट कमीशन
  • पॉकेट से भी मिली 61 हजार रुपये कैश
  • घर का एक अलमीरा नहीं खुला, सील की गयी
  • आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज होगा
धनबाद:एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने धनबाद म्यूनिशिपल कॉरपोरेशन (डीएमसी) के असिस्टेंट इंजीनियर मनोज कुमार को मंगलवार को रुपये 17 हजार पांच सौ रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है.एसीबी असिस्टेंट इंजीनियर के ऑफिस, बोकारो घर में व धनबाद के बरटांड़ जयप्रकाश नगर गली नंबर छह स्थित किराये के मकान की भी सर्च की है. एसीबी को घर की सर्च के दौरान कई बैंक अकाउंट,  कागजात व चार लाख से ज्यादा कैश मिले हैं. ऑफिस में ही असिस्टेंट इंजीनियर की तलाशी के दौरान उनकी जेब से भी 61 हजार रुपये कैश मिला.एसीबी ऑफिस ले जाकर असिस्टेंट इंजीनियर से पूछताछ की गयी. सिस्टेंट इंजीनियर के धनबाद जय प्रकाश नगर स्थित किराये के घर से चार लाख से ज्यादा कैश मिली है. सही चाबी नहीं मिलने के कारण  घर का एक अलमीरा नहीं खुल सका है. देर रात हो जाने के कारण एसीबी टीम एक अलमीरा को सील कर दी है.  अलमीरा में भी लाखों रुपये कैश होने की संभावना है. डीएमसी के वार्ड नंबर 33 में छह लाख दो हजार का वर्क का टेंडर कंट्रेक्टर मोहित सिंह को मिला है.असिस्टेंट इंजीनियर मनोज कुमार से तीन परसेंट कमीशन मांग रहे थे. पैसे नहीं देने पर ऑफिस से डांटकर भाग दिया था. कंट्रेक्टर को परेशान किया जा रहा था. कंट्रेक्टर मोहित ने एसीबी में 14 अगस्त को कंपलेन की.एसपी सुदर्शन प्रसाद मंडल ने डीएसपी अशोक गिरि को मामला की जांच की जिम्मेवारी दी डीएसपी खुद डीएमसी ऑफिस गये थे.डीएसपी की जांच में कंट्रेक्टर मोहित द्वारा असिस्टेंट इंजीनियर मनोज कुमार के खिलाफ लगाये गये आरोप सही पाये गये.आरोप सही पाये जाने के बाद अस्सिटेंट इंजीनियर के खिलाफ धनबाद एसीबी पुलिस स्टेशन में असिस्टेंट इंजीनियर मनोज कुमार के खिलाफ पीसी एक्ट के तहत एफआइआर दर्ज की गयी. कंट्रेक्टर मोहित द्वारा असिस्टेंट इंजीनियर मनोज कुमार को ऑफिस में 17 हजार पांच सौ रुपये घूस दी जा रही थी. एसीबी ने असिस्टेंट इंजीनियर मनोज कुमार रंगेहाथ धर दबोचा. असिस्टेंट इंजीनियर मनोज कुमार को एसीबी ऑफिस लाकर घर का पता व डिटेल जानकारी मांगी गयी तो वह बार-बार झूठ बोलते रहे. वह बोकारो से धनबाद ऑफिस आते हैं. धनबाद में कोई घर नहीं है. एसीबी टीम मनोज को बोकारो लेकर गयी और घर की तलाशी ली. घर से कई बैंक अकाउंट व कागजात जब्त की गयी. असिस्टेंट इंजीनियर घंटो तक एसीबी को अपने घर के बारे में बरगलाने की कोशिश करते रहे.  एसीबी की सख्ती के बाद असिस्टेंट इंजीनियर ने  बताया कि  जयप्रकाश नगर गली नंबर छह में एक पुलिस वाला के घर में किराये पर रहते हैं. घर में अलमीरा में लाखों रुपये कैश हैं. एसीबी टीम बोकारो से लौटकर जय प्रकाश नगर स्थित घर की तलाशी ली, तलाशी में चार लाख रुपये से ज्यादा कैश मिले. चाबी नहीं मिलने कारण एक और अलमीरा खोला नहीं जा सका.  एसीबी की एक्शन से इस बात का खुलासा हो गया है कि डीएमसी में डेवलपमेंट वर्क में अफसर कमीशन लेते हैं. एसीबी रेड के बाद डीएमसी ऑफिस में हड़कंप मचा हुआ है.बताया जाता है कि असिस्टेंट इंजीनियर के जय प्रकाश नगर स्थित घर सर्च नहीं करने की फोन भी आ रही थी. मामला हाइलाइटेड होने व कंपलेनेट के एक्टिव रहने से पैरवी काम नहीं आ सकी. घर से कैश बरामदगी मामले में एसीबी अब असिस्टेंट इंजीनियर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज करेगी. एसीबी सभी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली है. असिस्टेंट इंजीनियर को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जायेगा. एसीबी एसपी सुदर्शन प्रसाद मंडल के निर्देश पर की गयी रेड में डीएसपी अशोक गिरि, समीर तिर्की,  इंस्पेक्टर शिवलाल टूड्डू व बिनोद पासवान शामिल थे.टीम के साथ मजिस्ट्रेट भी थे.