“बीबीएमकेयू क्लस्टर सिस्टम पर लग सकती है रोक! राज्यपाल से मिले रागिनी-संजीव, छात्रों को मिली बड़ी उम्मीद”
रांची में राज्यपाल संतोष गंगवार से विधायक रागिनी सिंह और धनबाद मेयर संजीव सिंह ने मुलाकात कर BBMKU के प्रस्तावित क्लस्टर सिस्टम को छात्र हित के खिलाफ बताया। डिगवाडीह डिग्री कॉलेज की बदहाल स्थिति और छात्रों की समस्याओं को लेकर राज्यपाल ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।
- रागिनी सिंह और संजीव सिंह ने राज्यपाल के सामने उठाई BBMKU क्लस्टर सिस्टम की खामियां”
- “धनबाद-झरिया के छात्रों के लिए राहत की उम्मीद
- राज्यपाल ने क्लस्टर सिस्टम पर कार्रवाई के दिए संकेत”
- “रागिनी-संजीव की पहल रंग लाई? राज्यपाल बोले- छात्रों के हितों से नहीं होगा समझौता”
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े एक अहम मुद्दे को लेकर झरिया विधायक रागिनी सिंह और धनबाद मेयर संजीव सिंह ने गुरुवार को रांची स्थित राजभवन में राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की। इस दौरान दोनों जनप्रतिनिधियों ने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (BBMKU) में प्रस्तावित क्लस्टर सिस्टम का जोरदार विरोध करते हुए इसे छात्र हितों के खिलाफ बताया। साथ ही डिगवाडीह स्थित नवस्थापित डिग्री कॉलेज की बदहाल स्थिति को भी राज्यपाल के समक्ष गंभीरता से उठाया गया।
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इस मुलाकात को धनबाद और झरिया क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से विद्यार्थी और अभिभावक क्लस्टर सिस्टम को लेकर चिंता जता रहे थे। अब राज्यपाल द्वारा इस मामले में पहल करने के आश्वासन के बाद छात्रों में राहत और उम्मीद का माहौल बन गया है।
“क्लस्टर सिस्टम से बढ़ेंगी छात्रों की परेशानियां”
विधायक रागिनी सिंह ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में कहा कि BBMKU के अंतर्गत प्रस्तावित क्लस्टर सिस्टम लागू होने से हजारों छात्रों को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कोयलांचल क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियां अलग हैं, जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं श्रमिक, निम्न मध्यमवर्गीय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं।ऐसी स्थिति में यदि विद्यार्थियों को अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ाई के लिए भेजा जाएगा, तो उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। प्रतिदिन लंबी दूरी तय करने से समय की बर्बादी होगी और पढ़ाई भी प्रभावित होगी।
रागिनी सिंह ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो छात्रों के लिए सहज और सुविधाजनक हो, न कि उन्हें अतिरिक्त बोझ देने वाली।
“छात्राओं की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल”
धनबाद मेयर संजीव सिंह ने भी क्लस्टर सिस्टम को छात्र विरोधी बताते हुए कहा कि यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो छात्राओं को सबसे अधिक परेशानी होगी। लंबी दूरी तय करने में सुरक्षा संबंधी खतरे बढ़ेंगे, परिवहन की समस्या होगी और अभिभावकों पर आर्थिक दबाव भी बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं कोयलांचल क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं के लिए प्रतिदिन दूसरे कॉलेजों तक पहुंचना आसान नहीं होगा। इससे कई छात्राएं पढ़ाई छोड़ने तक को मजबूर हो सकती हैं।
मेयर ने राज्यपाल से आग्रह किया कि छात्रों के भविष्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्लस्टर सिस्टम पर पुनर्विचार किया जाए।
राज्यपाल ने दिया सकारात्मक आश्वासन
राज्यपाल संतोष गंगवार ने दोनों जनप्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि छात्र हितों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि BBMKU क्लस्टर सिस्टम को लेकर संबंधित विभागों, विश्वविद्यालय प्रशासन और जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी जाएगी तथा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
राज्यपाल ने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा कोई भी निर्णय उनकी वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही लिया जाना चाहिए।
राजभवन से मिले इस सकारात्मक संकेत के बाद अब छात्रों और अभिभावकों में उम्मीद जगी है कि विवादित क्लस्टर सिस्टम पर रोक लग सकती है।
डिगवाडीह डिग्री कॉलेज की बदहाली भी बनी बड़ा मुद्दा
मुलाकात के दौरान विधायक रागिनी Singh ने झरिया विधानसभा क्षेत्र के डिगवाडीह स्थित नए डिग्री कॉलेज की खराब स्थिति को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं का गंभीर अभाव है।
ज्ञापन में शिक्षकों की कमी, पुस्तकालय नहीं होना, विज्ञान प्रयोगशाला की अनुपलब्धता, शुद्ध पेयजल संकट, खराब साफ-सफाई व्यवस्था और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था जैसे कई मुद्दों को विस्तार से रखा गया।
विधायक ने कहा कि कॉलेज परिसर चारों तरफ से खुला होने के कारण असामाजिक तत्वों की आवाजाही बनी रहती है, जिससे छात्राओं में असुरक्षा का माहौल है।
उन्होंने कॉलेज में सुरक्षा गार्ड, CCTV कैमरे, मुख्य प्रवेश द्वार पर निगरानी व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, वाई-फाई सुविधा, डिजिटल संसाधन और बैठने की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की।
“स्वयं निरीक्षण करेंगे राज्यपाल”
राज्यपाल संतोष गंगवार ने डिगवाडीह डिग्री कॉलेज की स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि वे स्वयं क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कॉलेज में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
राज्यपाल के इस बयान को लेकर क्षेत्र के छात्रों और अभिभावकों में उत्साह देखा जा रहा है।
छात्रों और अभिभावकों में जगी नई उम्मीद
राज्यपाल भवन में हुई यह मुलाकात अब धनबाद और झरिया क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। छात्र संगठनों और अभिभावकों का मानना है कि यदि क्लस्टर सिस्टम पर पुनर्विचार होता है और डिगवाडीह कॉलेज में सुविधाएं बढ़ती हैं, तो इसका सीधा लाभ हजारों विद्यार्थियों को मिलेगा।
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा शिक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाए जाने के बाद अब लोगों को उम्मीद है कि कोयलांचल क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था में जल्द सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।






