बेटी-रोटी के रिश्ते पर ‘कागज़’ की दीवार! नेपाल बॉर्डर पर बिना ID नो-एंट्री, सीमावर्ती बाजारों में पसरा सन्नाटा

नेपाल सरकार द्वारा सीमा प्रवेश और कस्टम नियमों में सख्ती के बाद भारत-नेपाल सीमा पर पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। बिना वैध आईडी लोगों को बॉर्डर से लौटाया जा रहा है, जिससे सीमावर्ती व्यापार, मरीजों की आवाजाही और ‘रोटी-बेटी’ के रिश्ते पर असर पड़ रहा है।

बेटी-रोटी के रिश्ते पर ‘कागज़’ की दीवार! नेपाल बॉर्डर पर बिना ID नो-एंट्री, सीमावर्ती बाजारों में पसरा सन्नाटा
भारत-नेपाल सीमा पर सख्ती,भारत-नेपाल सीमा पर बदले नियम।

पटना (Threesocieties.com Desk) : भारत और नेपाल के बीच वर्षों पुराना ‘रोटी-बेटी’ का रिश्ता अब कागज़ी औपचारिकताओं की दीवार में उलझता दिखाई दे रहा है। नेपाल सरकार द्वारा सीमा प्रवेश और कस्टम नियमों में सख्ती किए जाने के बाद सीमावर्ती इलाकों में लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। बिहार के अररिया समेत कई सीमावर्ती जिलों में इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।

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नेपाल सीमा पर अब बिना वैध पहचान पत्र के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हर आने-जाने वाले व्यक्ति की सघन जांच की जा रही है। इसके चलते मजदूरों, मरीजों, व्यापारियों और रोजाना सीमा पार करने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

सीमावर्ती बाजारों में पसरा सन्नाटा

नेपाल सरकार के नए कस्टम नियमों और सुरक्षा जांच की सख्ती का सीधा असर सीमावर्ती बाजारों पर पड़ा है। पहले जहां नेपाली नागरिक बड़ी संख्या में भारतीय बाजारों में खरीदारी करने आते थे, वहीं अब बाजारों में ग्राहकों की भारी कमी देखने को मिल रही है।व्यापारियों का कहना है कि पहले सीमा पार आवाजाही बेहद सामान्य थी, लेकिन अब हर व्यक्ति से पहचान पत्र मांगा जा रहा है। कई मामलों में आधार कार्ड या डिजिटल कॉपी को भी मान्य नहीं माना जा रहा, जिसके कारण लोगों को बॉर्डर से वापस लौटना पड़ रहा है।

‘नो आईडी, नो एंट्री’ से बढ़ी मुश्किलें

नेपाल प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना वैध पहचान पत्र किसी भी भारतीय नागरिक को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सीमा पर अतिरिक्त पुलिस बल और जांच व्यवस्था तैनात की गई है। सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जो रोजमर्रा के काम, मजदूरी, इलाज या पारिवारिक कारणों से सीमा पार करते हैं। कई लोग दस्तावेज नहीं होने के कारण घंटों जांच के बाद वापस लौट रहे हैं।

बच्चों के लिए भी नया नियम लागू

नेपाल सरकार ने 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए भी नियम सख्त कर दिए हैं। अब बच्चों को सीमा पार कराने के लिए जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल आईडी कार्ड दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। सीमावर्ती परिवारों का कहना है कि अचानक लागू हुए इन नियमों से आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है, क्योंकि कई ग्रामीण परिवारों के पास जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।

इलाज के लिए नेपाल जाने वाले मरीज प्रभावित

अररिया और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों से रोजाना सैकड़ों मरीज नेपाल के बिराटनगर, धरान और लहान स्थित अस्पतालों में इलाज कराने जाते हैं। आंखों के इलाज और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नेपाल लंबे समय से भरोसेमंद केंद्र माना जाता रहा है। लेकिन अब पहचान पत्र की अनिवार्यता और कड़ी जांच के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग जरूरी कागजात नहीं होने के कारण सीमा से वापस लौटाए जा रहे हैं।

‘रोटी-बेटी’ के रिश्ते पर असर

सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि भारत और नेपाल के बीच सिर्फ व्यापारिक ही नहीं बल्कि पारिवारिक और सांस्कृतिक संबंध भी हैं। बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं जिनके रिश्तेदार दोनों देशों में रहते हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सुरक्षा जांच जरूरी है, लेकिन रोजमर्रा के सामानों पर कस्टम ड्यूटी और हर छोटी यात्रा के लिए कागजी औपचारिकताएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। इससे सदियों पुराने सामाजिक संबंधों पर भी असर पड़ रहा है।

सीमा पर बढ़ी चौकसी, संयुक्त गश्त जारी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हालिया समीक्षा बैठक के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने चौकसी और बढ़ा दी है। संयुक्त गश्त, हाईटेक निगरानी और साप्ताहिक समन्वय बैठकों के जरिए तस्करी और अवैध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। सीमा सुरक्षा बलों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए यह अभियान जरूरी है।

अधिकारियों ने क्या कहा?

नेपाल एपीएफ के डीएसपी शीतल श्रेष्ठ ने कहा कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से सभी देशों से आने वाले लोगों के लिए पहचान सत्यापन अनिवार्य किया गया है। सीमा पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हर व्यक्ति की जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। वहीं एसएसबी 52वीं वाहिनी अररिया के कार्यवाहक कमांडेंट पीएन सिंह ने कहा कि भारत और नेपाल के सुरक्षा बल लगातार समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। सीमा क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जांच व्यवस्था और अधिक मजबूत की गई है।