झारखंड युवक कांग्रेस में बड़े बदलाव की आहट: श्रवण राव बने नए प्रभारी, कुमार गौरव का भविष्य अधर में !
झारखंड यूथ कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। अखिल भारतीय युवक कांग्रेस के महासचिव श्रवण राव को झारखंड का नया प्रभारी बनाया गया है। प्रदेश अध्यक्ष कुमार गौरव का पद पहले ही होल्ड पर है और अगले महीने कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति की संभावना जताई जा रही है। जानिए पूरा राजनीतिक घटनाक्रम।
HighLights:
- अखिल भारतीय युवक कांग्रेस के महासचिव श्रवण राव बने झारखंड यूथ कांग्रेस के नए प्रभारी
- पूर्व प्रभारी नवनीत कौर पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों में रहेंगी व्यस्त
- प्रदेश अध्यक्ष कुमार गौरव उर्फ सोनू सिंह का पद पहले से होल्ड पर, संगठनात्मक गतिविधियों से भी किए गए अलग
- अगले महीने एक या दो कार्यकारी प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की संभावना
- वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलदीप कुमार रवि और उपाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल सबसे मजबूत दावेदार
- धनबाद विवाद और अनुशासन समिति की रिपोर्ट के बाद राष्ट्रीय नेतृत्व ने लिया सख्त फैसला
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड प्रदेश यूथ कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया अब निर्णायक दौर में पहुंचती नजर आ रही है। अखिल भारतीय युवक कांग्रेस (IYC) के महासचिव श्रवण राव को झारखंड यूथ कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। इससे पहले यह जिम्मेदारी संभाल रहीं नवनीत कौर अब पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर पूरा फोकस करेंगी, जिसके चलते संगठन ने झारखंड की जिम्मेदारी श्रवण राव को सौंप दी है।
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राजनीतिक और संगठनात्मक हलकों में इस नियुक्ति को केवल प्रभारी परिवर्तन नहीं, बल्कि झारखंड यूथ कांग्रेस में व्यापक नेतृत्व बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है। हालांकि प्रभारी के बदलाव का एक पहलू विवाद भी है। मामले में आगे फैसला लेने के लिए नये प्रभारी की नियुक्ति कर सख्त संदेश दिया गया है।
कुमार गौरव की स्थिति लगातार कमजोर
प्रदेश अध्यक्ष कुमार गौरव उर्फ सोनू सिंह का पद पहले ही राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा होल्ड पर रखा जा चुका है। इसके बाद उन्हें संगठन की अधिकांश गतिविधियों से भी अलग कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, उन्हें ऑल इंडिया यूथ कांग्रेस और झारखंड यूथ कांग्रेस के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुपों से भी हटा दिया गया है। संगठन के भीतर इसे स्पष्ट संकेत माना जा रहा है कि राष्ट्रीय नेतृत्व फिलहाल कुमार गौरव को सक्रिय भूमिका में वापस लाने के मूड में नहीं है।
अगले महीने मिल सकता है कार्यकारी अध्यक्ष
संगठन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अगले महीने झारखंड यूथ कांग्रेस में दो या चार कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जा सकते हैं।यदि दो कार्यकारी अध्यक्ष बनाये जाते हैं तो वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलदीप कुमार रवि और पूर्व राष्ट्रीय सचिव अभिनव सिद्धार्थ, वर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल के नाम आगे बताए जा रहे हैं। दलित में कुलदीप कुमार रवि व एसटी में अभिनव सिद्धार्थ सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि करीब छह महीने तक कार्यकारी व्यवस्था चलाने के बाद स्थायी प्रदेश अध्यक्ष पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
धनबाद विवाद बना टर्निंग प्वाइंट
सूत्रों के मुताबिक पूरा विवाद जून महीने में धनबाद से शुरू हुआ। 8 जून 2026 को प्रस्तावित यूथ कांग्रेस के जनाक्रोश मार्च की तैयारियों की समीक्षा के लिए तत्कालीन प्रभारी नवनीत कौर धनबाद पहुंची थीं। इसी दौरान 7 जून को परिसदन में प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष कुमार गौरव के बीच कथित रूप से तीखी बहस और कहासुनी हुई। मामला राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचा, जिसके बाद अनुशासन समिति ने जांच शुरू की। जांच रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को गंभीर मानते हुए राष्ट्रीय नेतृत्व ने कुमार गौरव का पद होल्ड पर रखने का फैसला लिया।
आरोप है कि विवाद के कारण ही राष्ट्रीय अध्यक्ष ने धनबाद में प्रस्तावित जनाक्रोश मार्च में आने से इनकार कर दिया था। कुमार गौरव पर आरोप है कि युवक कांग्रेस के कार्यक्रमों में अनाधिकृत रुप से कांग्रेस नेताओं को बुलाया जाता था । काय्रर्क्रम में युवाओं की भागीदारी कम रहती थी। सांगठनिक कार्यक्रमों का सफल संचालन नहीं किया जा रहा था। कुमार गौरव के हाल के कुछ विवादास्पद फोटो व पुराने मामले की पेपर कटिंग भी जांच रिपोर्ट में संलग्न की गयी है। आरोप है कि तत्कालीन प्रदेश प्रभारी को मैनेज करने के लिए प्रलोभन दिया गया। प्रभारी ने इसकी भी कंपलेन की है।
दिल्ली में भी नहीं मिली राहत
जानकारी के अनुसार अनुशासन समिति की रिपोर्ट आने के बाद कुमार गौरव को नई दिल्ली बुलाया गया था। वे कुछ जिला अध्यक्षों के साथ अपनी बात रखने पहुंचे थे। लेकिन बैठक के दौरान कई जिला अध्यक्षों ने ही उनकी कार्यशैली पर सवाल उठा दिए। इतना ही नहीं, धनबाद के कुछ नेताओं ने भी राष्ट्रीय नेतृत्व से उनकी शिकायत की। बताया जाता है कि इनमें कुछ ऐसे नेता भी शामिल थे, जिन्हें पहले कुमार गौरव का करीबी माना जाता था। गौरव के व्यवहार व पुराने क्रियाकलाप व आरोपों की पुलिंदा देखते हुए कई बड़े नेताओं ने इनका फोन रिसीव करना भी बंद कर दिया है।
संगठन में बढ़ी दूरी
सूत्र बताते हैं कि वर्तमान समय में आधे से अधिक युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष कुमार गौरव के साथ नहीं हैं। राज्य के कई विधायक, मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी उनसे दूरी बनाते नजर आ रहे हैं। ऐसे में संगठन के भीतर उनकी स्थिति पहले की तुलना में काफी कमजोर मानी जा रही है।
राष्ट्रीय नेतृत्व का स्पष्ट संदेश
यूथ कांग्रेस नेतृत्व ने साफ संकेत दिया है कि संगठन में अनुशासन सर्वोपरि है। जब तक नया आदेश जारी नहीं होता, कुमार गौरव प्रदेश अध्यक्ष के अधिकारों का उपयोग नहीं कर पाएंगे और न ही किसी आधिकारिक संगठनात्मक कार्यक्रम में भाग ले सकेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि श्रवण राव की नियुक्ति के बाद झारखंड यूथ कांग्रेस में संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया और तेज होगी।
अब सबकी नजर अगले फैसले पर
श्रवण राव के प्रभारी बनने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि झारखंड यूथ कांग्रेस की कमान अगले कुछ सप्ताह में किसे सौंपी जाएगी। कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति लगभग तय मानी जा रही है। इसके बाद स्थायी प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि यह बदलाव केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि झारखंड यूथ कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से मजबूत करने की कवायद का हिस्सा है।






