झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने छोड़ी सरकारी सुरक्षा, लौटाए 16 बॉडीगार्ड और 3 गाड़ियां; बिना स्कॉट घूम रहे
झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पुलिस मुख्यालय के पत्र से नाराज होकर अपनी सुरक्षा में तैनात 16 सुरक्षाकर्मी और 3 सरकारी वाहन वापस कर दिए हैं। पिछले पांच दिनों से वह बिना सुरक्षा और स्कॉट के सरकारी कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
HighLights:
- वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अपनी सुरक्षा में तैनात 16 सुरक्षाकर्मियों और 3 वाहनों को वापस किया
- पुलिस मुख्यालय के एक पत्र के बाद मंत्री ने यह फैसला लिया
- पिछले पांच दिनों से बिना स्कॉट और सुरक्षा कर्मियों के सरकारी कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं
- कैबिनेट बैठक और खेलगांव कार्यक्रम में भी बिना सुरक्षा पहुंचे
- मंत्री का कहना है कि 16 जवानों के लिए तीन गाड़ियों का काफिला व्यावहारिक नहीं था
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड की राजनीति में इन दिनों एक अनोखा और चर्चित फैसला सुर्खियों में है। राज्य सरकार में कांग्रेस कोटे से मंत्री और वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अपनी सुरक्षा में तैनात 16 सुरक्षाकर्मियों और उनके लिए उपलब्ध कराए गए तीन सरकारी वाहनों को वापस कर दिया है। इसके बाद से वह बिना किसी सुरक्षा काफिले और स्कॉट के सरकारी कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं।
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वित्त मंत्री का यह कदम राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि पुलिस मुख्यालय की ओर से भेजे गए एक पत्र के बाद मंत्री ने नाराज होकर यह फैसला लिया। पत्र में उनकी सुरक्षा व्यवस्था में लगे वाहनों में से एक वाहन वापस लेने की बात कही गई थी।
पुलिस मुख्यालय के पत्र से बढ़ी नाराजगी
जानकारी के अनुसार वित्त मंत्री की सुरक्षा में कुल 16 सुरक्षाकर्मी और तीन वाहन तैनात थे। इसी बीच पुलिस मुख्यालय की ओर से वित्त विभाग को एक पत्र भेजा गया, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था में लगे एक वाहन को वापस लेने का निर्देश दिया गया। इसके बाद वित्त विभाग के संयुक्त सचिव ने संबंधित पत्र वित्त मंत्री तक पहुंचाया।
सूत्रों के अनुसार, मंत्री का मानना था कि 16 सुरक्षाकर्मियों को केवल दो या तीन वाहनों में समायोजित कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना न तो व्यावहारिक है और न ही सुरक्षा के लिहाज से उचित। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने सुरक्षा से जुड़ी पूरी व्यवस्था ही सरकार को वापस लौटा दी।
पिछले पांच दिनों से बिना सुरक्षा के कर रहे दौरा
वित्त मंत्री पिछले करीब पांच दिनों से बिना सुरक्षा कर्मियों के ही सरकारी कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। गुरुवार को आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में भी वह बिना किसी सुरक्षा घेरे के पहुंचे। हालांकि, मंत्री अभी भी विभागीय कार्यों के लिए सरकारी वाहन का उपयोग कर रहे हैं।शुक्रवार को राजधानी रांची के खेलगांव में आयोजित एक कार्यक्रम में भी उनकी मौजूदगी बिना सुरक्षा व्यवस्था के देखी गई। मंत्री को इस रूप में देखकर कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी और अन्य लोग भी हैरान रह गए।
आवास पर बुला रहे जवान, लेकिन साथ नहीं ले जा रहे
जानकारी के मुताबिक, उनकी सुरक्षा में तैनात गार्ड और स्पेशल ब्रांच के जवानों को मंत्री अपने सरकारी आवास पर बुला रहे हैं, लेकिन किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम या यात्रा के दौरान उन्हें अपने साथ नहीं ले जा रहे हैं। इससे सुरक्षा एजेंसियों के सामने भी नई चुनौती खड़ी हो गई है।
राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चा
वित्त मंत्री के इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे सादगी और प्रशासनिक खर्चों में कटौती की दिशा में उठाया गया कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे पुलिस मुख्यालय और सरकार के बीच समन्वय की कमी से जोड़कर देख रहे हैं।






