भागलपुर में बिल्डर की हत्या , थाने के सामने बंद ऑफिस से मिला शव; बिजनस विवाद और करीबी लोगों पर शक
भागलपुर में बिल्डर बजरंग कुमार की हत्या ने सनसनी फैला दी है। तिलकामांझी थाने के सामने स्थित उनके कार्यालय से शव बरामद हुआ। पुलिस व्यक्तिगत रंजिश, कारोबारी विवाद और करीबी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
HighLights:
- भागलपुर के तिलकामांझी थाने के सामने स्थित कार्यालय से बिल्डर बजरंग कुमार का शव बरामद।
- पुलिस को हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश और कारोबारी विवाद की आशंका।
- घटना से पहले ऑफिस में शराब पार्टी होने के संकेत मिले।
- तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो संदिग्धों से पूछताछ जारी।
- थाना के सामने हुई वारदात ने पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए।
भागलपुर (Threesocieties.com Desk): बिहार के भागलपुर जिले में जमीन कारोबारी और बिल्डर बजरंग कुमार की हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह वारदात तिलकामांझी थाने के ठीक सामने स्थित उनके कार्यालय में हुई, जबकि किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
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पुलिस के अनुसार, बजरंग कुमार पिछले दो दिनों से लापता थे। परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे और पुलिस से भी मदद की गुहार लगा रहे थे। इसी दौरान उनकी पत्नी ने पुलिस को बताया कि कार्यालय कई दिनों से बंद है, लेकिन अंदर का पंखा लगातार चल रहा है। संदेह के आधार पर पुलिस ने कार्यालय का ताला खुलवाया, जहां अंदर बजरंग कुमार का शव मिला।
हत्या से पहले ऑफिस में पार्टी होने के संकेत
घटनास्थल से मिले कुछ साक्ष्य इस ओर इशारा करते हैं कि हत्या से पहले कार्यालय में कुछ लोग मौजूद थे और वहां बैठकर शराब पी गई थी। पुलिस को घटनास्थल से शराब पीने में इस्तेमाल किए गए ग्लास भी मिले हैं। जांच अधिकारियों का मानना है कि कार्यालय में आने वाले लोग संभवतः मृतक के परिचित या करीबी रहे होंगे।
क्रूरता के साथ की गई हत्या
प्रारंभिक जांच में पुलिस को घटनास्थल से संघर्ष के सीमित निशान मिले हैं। शव की स्थिति और घटनास्थल से मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस यह मानकर चल रही है कि हत्या केवल लूटपाट के उद्देश्य से नहीं की गई, बल्कि इसके पीछे गहरी व्यक्तिगत रंजिश या कोई गंभीर विवाद हो सकता है। हालांकि पुलिस ने अभी हत्या के तरीके और उससे जुड़े तथ्यों पर आधिकारिक तौर पर विस्तृत टिप्पणी करने से परहेज किया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
दो संदिग्ध हिरासत में, कई एंगल पर जांच
तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने कोतवाली और परबत्ती इलाके से दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और मृतक के हालिया संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं।पुलिस जमीन कारोबार, निर्माण कार्य से जुड़े विवाद, रुपये के लेन-देन और व्यक्तिगत रंजिश समेत कई पहलुओं पर जांच कर रही है।
परिजनों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
मृतक के पिता दिनेश्वर प्रसाद सिंह ने आरोप लगाया कि सुबह पुलिस को सूचना दिए जाने के बावजूद तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि परिवार ने कुछ लोगों के नाम और कारोबारी विवाद की जानकारी भी पुलिस को दी थी, लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते कार्यालय की जांच की जाती, तो संभव है कि मामले का खुलासा पहले हो जाता।
नकदी और दस्तावेजों के एंगल की भी जांच
स्थानीय लोगों के अनुसार, बजरंग कुमार अक्सर अपने कार्यालय में नकदी रखते थे और कारोबार से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी वहीं रहते थे। ऐसे में पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपित अपने साथ कोई नकदी या दस्तावेज लेकर गए हैं। हालांकि कार्यालय के अन्य सामान और मृतक की बाइक सुरक्षित मिलने के कारण फिलहाल जांच का फोकस व्यक्तिगत दुश्मनी और करीबी लोगों की भूमिका पर अधिक है।
24 घंटे में खुलासे का दावा
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव मौके पर पहुंचे और विशेष जांच टीम का गठन किया। उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने और दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।थाने के ठीक सामने हुई इस सनसनीखेज वारदात ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की निगरानी प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पूरे जिले की निगाहें पुलिस जांच और इस हत्याकांड के खुलासे पर टिकी हुई हैं।






