Twisha Death Case: ट्विशा शर्मा के फरार पति समर्थ की हाईकोर्ट में गुहार, पुलिस ने बढ़ाया इनाम; CBI जांच की तैयारी

भोपाल में ट्विशा शर्मा मौत मामले में बड़ा अपडेट। फरार पति समर्थ सिंह ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की, पुलिस ने इनाम राशि 30 हजार रुपये की। दूसरी ओर ट्विशा के माता-पिता दोबारा पोस्टमार्टम की मांग लेकर हाईकोर्ट जाएंगे। MP सरकार ने CBI जांच के लिए केंद्र को पत्र भेजने पर सहमति जताई।

Twisha Death Case: ट्विशा शर्मा के फरार पति समर्थ की हाईकोर्ट में गुहार, पुलिस ने बढ़ाया इनाम; CBI जांच की तैयारी
समर्थ सिंह व ट्विशा शर्मा (फाइल फोटो)।

भोपाल (Threesocieties.com Desk) : भोपाल में नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। शादी के महज पांच महीने बाद ससुराल में हुई ट्विशा की मौत ने अब बड़ा कानूनी और राजनीतिक मोड़ ले लिया है। मामले में मुख्य आरोपित और फरार पति समर्थ सिंह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वहीं पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर घोषित इनाम राशि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दी है।

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भोपाल कोर्ट से झटका, अब हाईकोर्ट में जमानत की गुहार

सूत्रों के अनुसार समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पहले भोपाल जिला अदालत से खारिज हो चुकी है। इसके बाद उसने राहत पाने के लिए अब हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। पुलिस लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही है, लेकिन अब तक वह गिरफ्त से बाहर है।

ट्विशा के माता-पिता भी जाएंगे हाईकोर्ट

दूसरी ओर ट्विशा शर्मा के स्वजन भी कानूनी लड़ाई को और आगे ले जाने की तैयारी में हैं। भोपाल की न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग संबंधी याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद परिवार अब जबलपुर हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रहा है। परिजनों का आरोप है कि ट्विशा की मौत सामान्य आत्महत्या नहीं बल्कि दहेज हत्या और प्रताड़ना का मामला है। परिवार का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई गंभीर चोटों के निशान सामने आए हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

कोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग क्यों ठुकराई?

भोपाल कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ट्विशा का पोस्टमार्टम एम्स भोपाल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में हुआ है और अब तक पुलिस ने रिपोर्ट पर कोई आपत्ति नहीं जताई है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 197 के तहत स्थानीय अदालत के अधिकार सीमित हैं और वह दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश नहीं दे सकती। हालांकि कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि शव को मध्य प्रदेश की सीमा के भीतर किसी बड़े चिकित्सा संस्थान में माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तापमान पर सुरक्षित रखा जाए ताकि भविष्य में जांच के दौरान साक्ष्य प्रभावित न हों।

CBI जांच की संभावना हुई तेज

मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। ट्विशा के परिजनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर CBI जांच, पति समर्थ की तत्काल गिरफ्तारी और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग उठाई। मुख्यमंत्री ने CBI जांच के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजने पर सहमति जता दी है। इसके बाद माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही केंद्र को औपचारिक पत्र भेज सकती है। यदि ऐसा होता है तो मामला CBI को सौंपा जा सकता है।

वायरल ऑडियो से मचा नया बवाल

इसी बीच ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह का कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वायरल ऑडियो में ट्विशा को लेकर कथित रूप से गंभीर बातें कही गई हैं। पुलिस ने इस ऑडियो को भी जांच के दायरे में शामिल कर लिया है।

मौत से पहले चोट के निशान ने बढ़ाए सवाल

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा के सिर, कान और हाथ पर चोट के निशान मिलने की पुष्टि हुई थी। डॉक्टरों के अनुसार ये चोटें मौत से पहले की थीं और किसी ठोस वस्तु से लगने की आशंका है। इसी आधार पर ट्विशा के परिवार ने हत्या और दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया है।

क्या है पूरा मामला?

12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा फंदे से लटकी मिली थीं। ट्विशा की शादी कुछ महीने पहले ही समर्थ सिंह से हुई थी। समर्थ की मां गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं। घटना के बाद ट्विशा के माता-पिता ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया था। अब पूरे मामले पर प्रदेशभर की नजर टिकी हुई है। एक ओर फरार पति कानून से राहत पाने की कोशिश में है, वहीं दूसरी ओर ट्विशा के परिजन इंसाफ की लड़ाई को हाईकोर्ट तक ले जाने की तैयारी कर चुके हैं।