गिरिडीह में CBI का बड़ा एक्शन: 50 हजार घूस लेते CGST कमिश्नर और इंस्पेक्टर गिरफ्तार, जमशेदपुर-नालंदा तक रेड
गिरिडीह में CBI की बड़ी कार्रवाई में CGST कमिश्नर बुद्धेश्वर सुंडी और इंस्पेक्टर बिरजू कुमार को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। जमशेदपुर और बिहार के नालंदा स्थित आवासों पर भी छापेमारी जारी है।
- 90 हजार की डील, 50 हजार की पहली किस्त और फिर CBI की एंट्री…
- GST ऑफिस बना ‘घूस का अड्डा’?
गिरिडीह (Threesocieties.com Desk): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की धनबाद टीम ने झारखंड के गिरिडीह में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग के कमिश्नर और एक इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे GST विभाग में हड़कंप मच गया है।
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गिरफ्तार अधिकारियों में CGST कमिश्नर बुद्धेश्वर सुंडी और GST इंस्पेक्टर बिरजू कुमार शामिल हैं। सीबीआई ने बुधवार को गिरिडीह स्थित जीएसटी कार्यालय में ट्रैप बिछाकर दोनों को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए दबोचा। इसके बाद टीम ने आरोपियों के झारखंड के जमशेदपुर और बिहार के नालंदा स्थित आवासों पर भी एक साथ छापेमारी शुरू कर दी।
तीन करोड़ के GST बिल को लेकर परेशान था कारोबारी
पूरा मामला गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड के खाती गांव निवासी राजू अंसारी से जुड़ा है। राजू अंसारी सरकारी योजनाओं में ईंट, बालू और गिट्टी की सप्लाई का काम करते हैं। बताया गया कि पिछले तीन वर्षों से उन्हें करीब तीन करोड़ रुपये के GST बिल को लेकर लगातार परेशान किया जा रहा था।
इसी महीने विभाग की ओर से उन्हें 90 लाख रुपये के बिल भुगतान से संबंधित नोटिस जारी किया गया। परेशान होकर जब राजू अंसारी ने GST इंस्पेक्टर बिरजू कुमार से संपर्क किया तो उन्हें कमिश्नर बुद्धेश्वर सुंडी के पास भेजा गया।
विभाग में चल रहा था ‘सिंडिकेट’!
पीड़ित कारोबारी के अनुसार, GST कार्यालय में एक संगठित सिंडिकेट सक्रिय था, जिसमें अनीस कुमार नाम का एक बाहरी व्यक्ति भी शामिल था। आरोप है कि कमिश्नर ने खुद राजू अंसारी को मामले के निपटारे के लिए अनीस कुमार से संपर्क करने को कहा।पहले मामले को रफा-दफा करने के लिए 90 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई। बाद में मोलभाव के बाद 65 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। तय हुआ कि पहली किस्त के रूप में बुधवार को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
भाकपा माले नेता की पहल पर CBI तक पहुंची शिकायत
राजू अंसारी ने पूरे मामले की जानकारी भाकपा माले नेता राजेश सिन्हा को दी। इसके बाद राजेश सिन्हा ने सीधे CBI से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए धनबाद CBI के एसपी भंवरलाल मीणा के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई।बुधवार सुबह CBI डीएसपी रघुनाथ कुमार के नेतृत्व में करीब 15 अधिकारियों की टीम गिरिडीह के बरमसिया रोड स्थित GST कार्यालय पहुंची और जाल बिछा दिया।
जैसे ही रिश्वत का लिफाफा पहुंचा, CBI ने दबोचा
योजना के मुताबिक, राजू अंसारी 50 हजार रुपये का लिफाफा लेकर GST कार्यालय पहुंचे। बताया गया कि कमिश्नर बुद्धेश्वर सुंडी के इशारे पर राजू ने वह रकम इंस्पेक्टर बिरजू कुमार को सौंपी। जैसे ही इंस्पेक्टर ने रिश्वत का लिफाफा हाथ में लिया, पहले से घात लगाए बैठी CBI टीम ने दोनों अधिकारियों को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान GST कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
देर रात तक चला सर्च ऑपरेशन
गिरफ्तारी के बाद CBI टीम ने देर शाम तक गिरिडीह GST कार्यालय में सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर हार्ड डिस्क और अन्य रिकॉर्ड खंगाले गए। इसके साथ ही भ्रष्टाचार के नेटवर्क की गहराई का पता लगाने के लिए अलग-अलग टीमों ने झारखंड के जमशेदपुर और बिहार के नालंदा स्थित आरोपियों के आवासों पर भी एक साथ छापेमारी की। हालांकि, इन छापों में क्या बरामद हुआ है, इस पर CBI की ओर से फिलहाल आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। दोनों अधिकारियों को हिरासत में लेकर धनबाद ले जाया गया है, जहां उनसे पूछताछ जारी है।
GST विभाग में मचा हड़कंप
CBI की इस कार्रवाई के बाद पूरे GST विभाग में हड़कंप की स्थिति है। विभागीय स्तर पर कई अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, CBI अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह रिश्वतखोरी का मामला किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।






