दिल की बीमारी जांच में क्रांति! IIT ISM धनबाद के प्रो. एसीएस राव का AI-VR आधारित ‘Ecopulse’ करेगा हार्ट स्कैन आसान

IIT (ISM) धनबाद के प्रो. ए.सी.एस. राव ने AI और VR आधारित ‘Ecopulse’ तकनीक विकसित की है, जो हृदय रोगों की जांच को तेज, आसान और अधिक सटीक बनाएगी। 3D हार्ट विजुअलाइजेशन और स्मार्ट एनालिसिस से डॉक्टरों को मिलेगा बेहतर निर्णय।

दिल की बीमारी जांच में क्रांति! IIT ISM धनबाद के प्रो. एसीएस राव का AI-VR आधारित ‘Ecopulse’ करेगा हार्ट स्कैन आसान
दिल की बीमारियों की जांच अब होगी और तेज।
  • अब 3D में दिखेगी दिल की धड़कन
  • AI बताएगा बीमारी का खतरा
  • 47 लाख की रिसर्च ग्रांट से विकसित हो रही अत्याधुनिक तकनीक

धनबाद (Threesocieties.com Desk): स्थित आईआईटी (आईएसएम) के प्रोफेसर ए. सी. एस. राव ने हृदय रोगों की जांच के क्षेत्र में एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने “इकोपल्स” (Ecopulse) नामक एक अत्याधुनिक प्रणाली विकसित की है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वर्चुअल रियलिटी (VR) पर आधारित है। यह नई तकनीक दिल की कार्यप्रणाली का स्वतः विश्लेषण कर डॉक्टरों को तेजी से और अधिक सटीक निर्णय लेने में मदद करेगी।

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यह नवाचार खासतौर पर उन क्षेत्रों के लिए बेहद उपयोगी माना जा रहा है, जहां हृदय रोग विशेषज्ञों की कमी है और समय पर जांच संभव नहीं हो पाती।

AI समझेगा हार्ट स्कैन, VR में दिखेगा दिल का 3D मॉडल

“इकोपल्स” तकनीक हार्ट स्कैन यानी इकोकार्डियोग्राफी से प्राप्त डेटा को समझकर उसमें छिपे पैटर्न की पहचान करती है। यह सिस्टम बिना पहले से लेबल किए गए डेटा के भी महत्वपूर्ण संकेतों को पहचान सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें वर्चुअल रियलिटी (VR) के माध्यम से दिल की गतिविधियों को 3D विजुअलाइजेशन के रूप में देखा जा सकता है। इससे डॉक्टरों को हृदय की संरचना और उसकी कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझने में सहायता मिलेगी।

एडवांस्ड सेल्फ-सुपरवाइज्ड लर्निंग से होगा सटीक विश्लेषण

प्रो. राव के अनुसार, इस तकनीक में Advanced Self-Supervised Learning का उपयोग किया गया है, जो इकोकार्डियोग्राफी डेटा का गहन विश्लेषण करता है। उन्होंने बताया— “यह सिस्टम बिना पहले से लेबल किए गए डेटा के भी महत्वपूर्ण पैटर्न पहचान सकता है। हमारा उद्देश्य जटिल मेडिकल डेटा को सरल बनाकर डॉक्टरों के लिए अधिक उपयोगी बनाना है।” इससे दिल की पंपिंग क्षमता, वाल्व की स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण हृदय संकेतकों का तेज़ी से आकलन संभव होगा।

समय रहते होगी बीमारी की पहचान, इलाज होगा आसान

हृदय रोगों में समय पर पहचान सबसे महत्वपूर्ण होती है। “इकोपल्स” सिस्टम दिल की पंपिंग क्षमता जैसे महत्वपूर्ण संकेतकों का मूल्यांकन कर बीमारी के शुरुआती चरण में ही डॉक्टरों को सतर्क कर सकता है। इससे मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा और गंभीर जटिलताओं से बचाव संभव होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक ग्रामीण और संसाधन-विहीन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बना सकती है।

47 लाख रुपये की रिसर्च ग्रांट से मिला बड़ा समर्थन

इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) से लगभग 47 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है। यह फंडिंग इस तकनीक की उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं को दर्शाती है। यह समर्थन न केवल शोध को गति देगा, बल्कि भविष्य में इसे बड़े स्तर पर चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाने में भी मददगार होगा।

मशीन लर्निंग और मेडिकल डेटा सिस्टम के विशेषज्ञ हैं प्रो. राव

प्रो. ए. सी. एस. राव मशीन लर्निंग, बायोइन्फॉर्मेटिक्स और डेटा आधारित सिस्टम के क्षेत्र में विशेषज्ञ माने जाते हैं। चिकित्सा इमेजिंग, रोग पूर्वानुमान और स्वास्थ्य तकनीक के क्षेत्र में उनका व्यापक अनुभव है। उनका यह नवाचार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।