कोयला चोरी और अवैध खनन पर सख्ती की तैयारी, दिल्ली में BCCL-CISF की हाईलेवल बैठक

नई दिल्ली में BCCL के CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने CISF के डीजी प्रवीर रंजन और Coal India चेयरमैन बी. साईराम की मौजूदगी में बैठक की। अवैध कोयला खनन, कोयला चोरी और BCCL अधिकारियों पर हमलों को रोकने के लिए सुरक्षा रणनीति पर चर्चा हुई।

कोयला चोरी और अवैध खनन पर सख्ती की तैयारी, दिल्ली में BCCL-CISF की हाईलेवल बैठक
धनबाद के कोयला क्षेत्रों में बढ़ेगी सुरक्षा और निगरानी।

         HighLights:

  • नई दिल्ली में BCCL, CISF और Coal India के शीर्ष अधिकारियों की अहम बैठक
  • अवैध कोयला खनन और कोयला चोरी पर रोक लगाने के लिए रणनीति तैयार
  • BCCL अधिकारियों पर हमले की घटनाओं पर भी गंभीर चर्चा
  • CISF ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का भरोसा दिया
  • राष्ट्रीय संपत्तियों और कोयला उत्पादन की सुरक्षा पर विशेष जोर

नई दिल्ली/धनबाद (Threesocieties.com Desk): देश की ऊर्जा सुरक्षा और कोयला उत्पादन को प्रभावित करने वाली अवैध खनन और कोयला चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए शनिवार को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में Manoj Kumar Agarwal ने Praveer Ranjan से मुलाकात की। इस दौरान B. Sairam भी मौजूद रहे।

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बैठक में Bharat Coking Coal Limited (BCCL) के कोयला क्षेत्रों में बढ़ रही अवैध खनन गतिविधियों, कोयला चोरी और कंपनी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर होने वाले हमलों के मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। इन घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों और कोयला कंपनी के बीच बेहतर समन्वय विकसित करने पर सहमति बनी।

बैठक के दौरान Praveer Ranjan ने भरोसा दिलाया कि Central Industrial Security Force (CISF) राष्ट्रीय संपत्तियों की सुरक्षा के अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए BCCL को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि कोयला क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मजबूत और व्यावहारिक उपाय विकसित किए जाएंगे।बैठक में यह भी माना गया कि अवैध खनन और कोयला चोरी केवल आर्थिक नुकसान का कारण नहीं बनती, बल्कि इससे राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा और उत्पादन प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के बीच बेहतर संस्थागत सहयोग समय की आवश्यकता है।

इस अवसर पर अधिकारियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि देश की औद्योगिक और ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में कोयला क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए कोयला उत्पादन में किसी भी प्रकार की बाधा को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना आवश्यक है।बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि राष्ट्रीय संपत्तियों, बुनियादी ढांचे और कार्यबल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, यह कदम प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।

गौरतलब है कि झारखंड के कोयला क्षेत्रों, विशेषकर धनबाद और आसपास के इलाकों में अवैध खनन और कोयला चोरी लंबे समय से बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में BCCL, CISF और Coal India Limited (CIL) के शीर्ष अधिकारियों की यह बैठक आने वाले दिनों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।