जमशेदपुर: DD बार के CCTV में कैद हुए कई संदिग्ध चेहरे, हिमांशु हत्याकांड में राहुल दुबे की तलाश तेज
जमशेदपुर के DD बार में हिमांशु सिंह हत्याकांड की जांच में CCTV फुटेज से कई अहम सुराग मिले हैं। SIT को राहुल दुबे समेत कई संदिग्धों के चेहरे मिले हैं। गाना बजाने और पैसे लुटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद हत्या में बदल गया।
HighLights:
- DD बार के CCTV फुटेज में कई संदिग्ध चेहरों की पहचान हुई
- सोनारी निवासी राहुल दुबे की तलाश में SIT लगातार छापेमारी कर रही है
- गाना बजाने और रुपये लुटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद हत्या तक पहुंच गया
- राहुल दुबे का नाम 2021 के रोहित पासवान हत्याकांड में भी सामने आ चुका है
- मुख्य आरोपी दो लाख के इनामी विश्वनाथ मंडल की तलाश में ओडिशा और पश्चिम बंगाल में दबिश जारी
- मामले में सफेदपोश और अपराधियों के गठजोड़ की भी जांच की जा रही है
जमशेदपुर (Threesocieties.com Desk): झारखंड में जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डीडी बार में 27 जून की रात हुई मारपीट और उसके बाद हिमांशु सिंह की हत्या के मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) को सीसीटीवी फुटेज से कई अहम सुराग मिले हैं। बार के भीतर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग में सोनारी निवासी राहुल दुबे समेत कई संदिग्ध चेहरे दिखाई दिए हैं, जिनकी पहचान और भूमिका की जांच की जा रही है।
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प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना की शुरुआत डांस फ्लोर पर बार-बार गाना बजाने और रुपये लुटाने को लेकर हुए विवाद से हुई थी। दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई कहासुनी कुछ ही देर में मारपीट में बदल गई और बाद में यही विवाद हिमांशु सिंह की हत्या का कारण बन गया।
CCTV फुटेज से खुल रहे घटना के राज
घटना के बाद प्रशासन ने डीडी बार को सील कर दिया था। बाद में एसआईटी ने बार की सील खोलकर अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की गहन जांच की और डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) को जब्त कर लिया। फुटेज में कई ऐसे चेहरे सामने आए हैं जो घटना के दौरान बार के भीतर मौजूद थे। जांच अधिकारियों का मानना है कि फुटेज और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर फरार आरोपियों तक जल्द पहुंचा जा सकेगा।
राहुल दुबे की तलाश में लगातार छापेमारी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि सोनारी निवासी राहुल दुबे का डीडी बार में अक्सर आना-जाना था। सूत्रों के अनुसार, बार में किसी प्रकार का विवाद होने पर वह मामलों को सुलझाने या मैनेज करने की भूमिका निभाता था। घटना वाली रात भी उसने बार के मैनेजर समेत अन्य लोगों से संपर्क किया था। फिलहाल एसआईटी उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस ने मानगो के हिलव्यू कॉलोनी स्थित उसके एक रिश्तेदार के घर पर भी दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लग सका।
पुराने हत्याकांड में भी सामने आया था नाम
पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि राहुल दुबे का नाम वर्ष 2021 में सोनारी थाना क्षेत्र में हुए रोहित पासवान हत्याकांड में भी सामने आया था। जांच एजेंसियां उसके कथित आपराधिक नेटवर्क और संबंधों की भी पड़ताल कर रही हैं। उसे रवि दास गिरोह से जुड़ा बताया जा रहा है।
रिमांड पर आरोपियों से पूछताछ जारी
मामले में रिमांड पर लिए गए सोनू राम सरदार और राज लोहार से एसआईटी लगातार पूछताछ कर रही है। दोनों ने पुलिस को बताया कि डांस फ्लोर पर गाना बजाने और रुपये लुटाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते विवाद के बाद बार के मैनेजर और बाउंसरों ने उन्हें बाहर निकाल दिया था। पूछताछ में सोनू राम सरदार ने बताया कि मारपीट में वह घायल हो गया था। इसके बाद उसके सहयोगी विश्वनाथ बोदरा ने अपने अन्य साथियों को बुलाया, जिसके बाद स्थिति पूरी तरह हिंसक हो गई और हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।
सफेदपोश और अपराधियों के गठजोड़ की जांच
जांच एजेंसियों को यह भी इनपुट मिला है कि इस पूरे मामले में कुछ सफेदपोश लोगों और अपराधियों के गठजोड़ की भूमिका हो सकती है। इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए एसआईटी विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए शहर के विभिन्न डीएसपी के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
दो लाख के इनामी विश्वनाथ मंडल की तलाश जारी
मामले का मुख्य आरोपी दो लाख रुपये का इनामी अपराधी विश्वनाथ मंडल बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसआईटी की टीम झारखंड के अलावा ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी लगातार छापेमारी कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी का दबाव बढ़ाने के लिए पुलिस ने उसकी पत्नी को गम्हरिया थाना में रखा है। पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जल्द ही मामले का पूरा खुलासा किया जा सकेगा।
हिमांशु सिंह हत्याकांड ने एक बार फिर शहर में बार संस्कृति, अपराधियों की सक्रियता और कथित सफेदपोश संरक्षण को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें एसआईटी की जांच और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।






