पटना: रिमांड होम यौन शोषण मामले में हाईकोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, मांगी रिपोर्ट, एक्स IPS ने लगाये गंभीर आरोप

पटना हाईकोर्ट ने गाय घाट स्थित उत्तर रक्षा गृह (आफ्टर केअर होम) की घटना का स्वत: संज्ञान लिया है। याचिका को पटना हाईकोर्ट में जुवेनाइल जस्टिस मानिटरिंग कमेटी की अनुशंसा पर निबंधित किया गया है। 

पटना: रिमांड होम यौन शोषण मामले में हाईकोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, मांगी रिपोर्ट, एक्स IPS ने लगाये गंभीर आरोप
  • बांग्लादेश की दो लड़कियों समेत पांच को बेचे जाने का डर
  • सात फरवरी को हाईकोर्ट में सुनवाई

पटना। पटना हाईकोर्ट ने गाय घाट स्थित उत्तर रक्षा गृह (आफ्टर केअर होम) की घटना का स्वत: संज्ञान लिया है। याचिका को पटना हाईकोर्ट में जुवेनाइल जस्टिस मानिटरिंग कमेटी की अनुशंसा पर निबंधित किया गया है। 

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जुवेनाइल जस्टिस मानिटरिंग कमेटी में जस्टिस आशुतोष कुमार चेयरमैन, जस्टिस अंजनी कुमार शरण और जस्टिस नवनीत कुमार पांडेय सदस्य हैं। कमेटी ने उक्त मामले में 31 जनवरी को अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट को गंभीरता से लिया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में एफआइआर दर्ज नहीं करने को लेकर नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने समाज कल्याण विभाग से की गई कार्रवाई के संबंध में जवाब भी मांगा हे। इस मामले में अगली सुनवाई सात फरवरी को होगी। 
एक्स आइपीएस अफसर अमिताभ कुमार दास ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक पत्र लिखा है।श्री दास ने पत्र में लिखा है कि रिमांड होम से लड़कियों की सप्लाई बिहार गवर्नमेंट के कई मिनिस्टर्स तक की जाती है। इसलिए सरकार इस मामले को रफादफा करने में लगी हुई है। उन्होंने इस मामले की सही से जांच नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि समाज कल्याण विभाग ने खुद जैसे-तैसे जांच की और रिपोर्ट जारी कर दिया।अमिताभ कुमार दास ने अपने पत्र में सीधे तौर सरकार की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए गवर्नर से सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड का हवाला देते हुए कहा है कि कैसे उस वक्त की समाज कल्याण विभाग की मंत्री मंजू सिन्हा को इस्तीफा तक देना पड़ा था।
महिला वकील का दावा पांच लड़किया लापता
महिला रिमांड होम से जुड़े मामलों को देखने वाली महिला वकील मीनू कुमारी का दावा है कि वहां रहने वाली पांचलड़कियां लापता हैं। इनमें दो लड़कियां बांग्लादेश की रहने वाली थीं। वर्तमान में ये लड़कियां कहां हैं? किस हाल में हैं? इस बारे में उन्हें कुछ भी नहीं पता है।वकील मीनू कुमारी लड़कियों के लगातार संपर्क में थीं, लेकिन अब उनसे कोई बात नहीं हो पा रही है।
उन्होंने कहा है कि अब जब रिमांड होम के मामले पर पटना हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान ले लिया है तो महिला वकील लापता पांच लड़कियों का मुद्दा भी 'इंटरवेन पिटिशन' के जरिए उठाएंगी। जल्द ही इस मामले में 'इंटरवेन पिटिशन' हाईकोर्ट में दाखिल किया जायेगा। मीनू कुमारी का कहना है कि जब हम रिमांड होम का मामला देख रहे थे तो उस दौरान वहां रहने वाली तीन-चार लड़कियां मेरे संपर्क में थीं। कानूनी जानकारी के लिए वो बराबर मुझसे बात करती रहती थीं। रिमांड होम से बाहर आने की कानूनी प्रक्रिया जानने के लिए वे मुझ से बात करती थीं। उनका मामला टेकअप कर ही रहे थे। तभी पता चला कि वे लड़कियां अब वहां नहीं हैं।वकील ने कहा कि डर है कि शायद उन लड़कियों को भी बेच दिया गया हो। मुझे उन लड़कियों का फिजिकल वेरिफिकेशन कराना है। मेरी जानकारी में लापता लड़कियों की संख्या 5 है। इस मामले में जांच के लिए कोर्ट से मांग करूंगी। उनके रिकॉर्ड के बारे में पुछूंगी।

निर्भया केस की वकील ने कहा- यह मामला मुजफ्फरपुर शेल्टर होम जैसा
 निर्भया केस की वकील सीमा कुशवाहा दिल्ली से पटना पहुंची और रिमांड होम की पीड़ित के पक्ष में खड़ी हो गई हैं। पटना में महिला विकास मंच की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीमा कुशवाहा ने कहा कि पटना की सड़कों पर एक बेटी पिछले 5 दिनों से न्याय की भीख मांग रही है, लेकिन कोई नहीं सुन रहा। यह मामला भी कहीं न कहीं मुजफ्फरपुर शेल्टर होम जैसा ही है। समाज कल्याण विभाग ने बिना कोई जांच किये मामले को रफा-दफा कर दिया. जो हुआ वो 21वीं सदी के भारत पर धब्बा है।सीमा कुशवाहा ने कहा कि रिमांड होम की अधीक्षक वंदना गुप्ता पर केवल एक पीड़िता नहीं आरोप लगा रही, कई और भी बच्चियां ने अपनी पीड़ा बता रही है। उन्होंने कहा कि आखिर पटना में लड़कियों के साथ ऐसा क्यों हो रहा है?

उन्होंने कहा कि प्रशासन संवेदनशील नहीं है. लगातार फोन आ रहे हैं, लेकिन पहले कोई एफआईआर तक लॉज करने को तैयार नहीं। उल्टा लड़की को उदंड बता रहे हैं, उसके चरित्र पर सवाल उठा रहे हैं। वकील ने कहा कि बिहार सरकार को इसपर त्वरित कार्रवाई के लिए एसआईटी का गठन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केश काफी संवेदनशील है इसलिए इस केस की मॉनिटरिंग हाई कोर्ट को करना चाहिए। देश के सभी रिमांड और शेल्टर होम से सालाना रिपोर्ट मांगी जानी चाहिए. कोर्ट इनसे रिपोर्ट मांगे।
लड़की के बयान से हुआ खुलासा
गायघाट स्थित महिला रिमांड होम से फरार हुई एक युवती ने रिमांड होम की सुपरिटेंडेंट वंदना गुप्ता पर संगीन आरोप लगाया है। रिमांड होम की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाया है। लड़की के बयान सामने आने के बाद समाज कल्याण विभाग में खलबली मच गयी। पिछले रविवार को लगभग तीन मिनट के वीडियो में युवती ने कहा कि यहां गंदा काम होता है। रिमांड होम की खूबसूरत लड़कियां मैम (अधीक्षिका वंदना गुप्ता) को प्यारी होती हैं।