नई दिल्ली: बीजेपी ज्वाइन करने से पहले बोले ई श्रीधरन- यदि केरल में पार्टी सत्ता में आती है तो सीएम बनने को तैयार

ई श्रीधरन ने कहा कि केरल में बीजेपी को सत्ता में लाने के टारगेट के साथ राजनीतिक मैदान में प्रवेश कर रहा हूं, राज्य के हित के लिए काम करुंगा। उन्होंने कहा कि केरल में भाजपा के सत्ता में आने पर सीएम पद संभालने के लिए तैयार हूं। 

नई दिल्ली: बीजेपी ज्वाइन करने से पहले बोले ई श्रीधरन- यदि केरल में पार्टी सत्ता में आती है तो सीएम बनने को तैयार
  •  गवर्नर में दिलचस्पी नहीं
  • स्टेट को कर्ज के जाल से निकालने आधारभूत संरचना विकसित करने पर ध्यान होगा

नई दिल्ली। मेट्रो मैन ई श्रीधरन 21 फरवरी को कासरगोड़ में बीजेपी की विजय यात्रा के मौके पर पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। ई श्रीधरन ने कहा कि केरल में बीजेपी को सत्ता में लाने के टारगेट के साथ राजनीतिक मैदान में प्रवेश कर रहा हूं, राज्य के हित के लिए काम करुंगा। उन्होंने कहा कि केरल में भाजपा के सत्ता में आने पर सीएम पद संभालने के लिए तैयार हूं। 
मुख्य मकसद बीजेपी को केरल में सत्ता में लाना है
श्रीधरन ने पीटीआई से कहा कि अगर पार्टी चाहेगी तो वह विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। पार्टी कहेगी तो सीएम का पद भी संभाल सकते हैं। उन्होंने कहाकि 'मेरा मुख्य मकसद बीजेपी को केरल में सत्ता में लाना है। अगर भाजपा केरल में चुनाव जीतती है तो तीन-चार ऐसे क्षेत्र होंगे जिसपर हम ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। इसमें बड़े स्तर पर आधारभूत संरचना का विकास और राज्य में उद्योगों को लाना शामिल है।
प्रत्येक मलयाली पर आज 1.2 लाख रुपये का कर्ज
केरल के पोन्नाली में रह रहे श्रीधरन ने फोन पर कहा कि कर्ज के जाल में फंसे राज्य की वित्तीय दशा सुधारने के लिए वित्त आयोग का भी गठन किया जायेगा। आज राज्य कर्ज के जाल में फंसा है। बहुत सारा उधार है। प्रत्येक मलयाली पर आज 1.2 लाख रुपये का कर्ज है। इसका मतलब है कि हम दिवालिया होने की तरफ बढ़ रहे हैं और सरकार अब भी उधार ले रही है। राज्य की वित्तीय हालत सुधारने की जरूरत है और हम इसका समाधान निकालेंगे।
गवर्नर का  पद संभालने में दिलचस्पी नहीं
श्रीधरन ने कहा कि गवर्नर का  पद संभालने में दिलचस्पी नहीं है। इस तरह के ‘संवैधानिक’ पद पर रहते हुए राज्य के लिए योगदान नहीं दे पाऊंगा, जिसके पास कोई अधिकार नहीं होता। केरल की एलडीएफ गवर्नमेंट पर निशाना साधते हुए श्रीधरन ने कहा कि वे राज्य की जनता को बेहतर प्रशासन उपलब्ध नहीं करा सके।। उन्होंने आरोप लगाया कि सीपीएम का हित राज्य की जनता के हितों से ऊपर जान पड़ता है

पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित हैं श्रीधरन

वर्ष 1932 की 12 जून को केरल के पलक्कड़ में जन्मे श्रीधरन दिल्ली मेट्रो समेत पहले फ्रैट कॉरिडोर को समय से पहले दौड़ाने के मामले में ख्याति बटोर चुके हैं। श्रीधरन को पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित किया जा चुका है।'मेट्रो मैन के नाम से मशहूर और आधारभूत ढांचे से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं के विकास में अपनी कुशलता दिखा चुके हैं।