महाराष्ट्र के परभणी में बड़ा हादसा: हनुमान मंदिर का मंडप ढहा, 7 श्रद्धालुओं की मौत; CCTV में कैद हुई भयावह घटना

महाराष्ट्र के परभणी जिले के यशवाड़ी हनुमान मंदिर में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। सभा मंडप की छत गिरने से 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घटना CCTV में कैद हुई है और राहत-बचाव कार्य जारी है।

महाराष्ट्र के परभणी में बड़ा हादसा: हनुमान मंदिर का मंडप ढहा, 7 श्रद्धालुओं की मौत; CCTV में कैद हुई भयावह घटना
महाप्रसाद के दौरान टूटी मौत की छत!

परभणी (Threesocieties.com Desk): महाराष्ट्र के परभणी जिले के यशवाड़ी देवस्थान स्थित प्रसिद्ध हनुमान (मारुति) मंदिर में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। मंदिर परिसर के सभा मंडप (हॉल) की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे वहां मौजूद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका के बीच राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा उस समय हुआ जब मंदिर परिसर में श्रद्धालु महाप्रसाद ग्रहण कर रहे थे। शनिवार होने के कारण भगवान हनुमान के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे थे। अचानक सभा मंडप का स्लैब और छत का हिस्सा गिर गया, जिससे वहां मौजूद लोग मलबे के नीचे दब गए।

CCTV में कैद हुआ हादसा

इस भयावह हादसे का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग प्रसाद लेने और धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मंडप में मौजूद थे। तभी अचानक पूरी संरचना ढह जाती है और मौके पर भगदड़ मच जाती है। कुछ ही सेकंड में श्रद्धा का माहौल चीख-पुकार में बदल गया।

निर्माणाधीन मंडप बना हादसे की वजह?

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार मंदिर के सामने सभा मंडप के निर्माण और मरम्मत का कार्य चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि निर्माण संबंधी कमजोरी या संरचनात्मक खामी के कारण मंडप की छत गिर गई। हालांकि प्रशासन ने हादसे के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी है।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और आपदा राहत दल मौके पर पहुंच गए। बचावकर्मियों ने मलबा हटाकर कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया। एक अधिकारी के अनुसार अब तक करीब 25 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला जा चुका है। वहीं भारी पत्थरों और लोहे के गर्डरों को हटाने के लिए क्रेन और अन्य मशीनों की मदद ली जा रही है।

अस्पतालों में अलर्ट

हादसे के बाद आसपास के अस्पतालों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज किया जा रहा है। प्रशासन ने रक्तदान और चिकित्सा सहायता के लिए भी विशेष व्यवस्था की है।

मुख्यमंत्री ने मांगी रिपोर्ट

महाराष्ट्र सरकार ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। मृतकों के परिजनों को सहायता और घायलों के समुचित इलाज का आश्वासन दिया गया है। हादसे के कारणों की जांच के आदेश भी दिए गए हैं।

शोक में डूबा पूरा इलाका

इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे परभणी जिले में शोक का माहौल है। मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने कभी नहीं सोचा था कि धार्मिक आयोजन कुछ ही क्षणों में इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा। स्थानीय लोग भी राहत कार्य में प्रशासन की मदद कर रहे हैं।फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और घायलों के उपचार पर केंद्रित है। हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।