धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन में विवाद गहराया, 131 सदस्यों ने मैनेजिंग कमिटी भंग करने के लिए SGM बुलाने की मांग
धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन (DCA) में बड़ा विवाद सामने आया है। 131 सदस्यों ने मौजूदा मैनेजिंग कमिटी को भंग करने के लिए विशेष आम बैठक (SGM) बुलाने की मांग की है। सदस्यों ने सत्ता केंद्रीकरण, वित्तीय अनियमितता, सदस्यता में हेरफेर और पारदर्शिता की कमी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
Highlights
- DCA के 131 सदस्यों ने विशेष आम बैठक (SGM) बुलाने का दिया आवेदन
- मैनेजिंग कमिटी पर सत्ता केंद्रीकरण, वित्तीय अनियमितता और पारदर्शिता की कमी के आरोप
- सदस्यता प्रक्रिया और चुनावी नियमों में हेरफेर का भी लगाया आरोप
- जस्टिस लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के उल्लंघन का दावा
- आवेदन की प्रतिलिपि झारखंड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन और IG रजिस्ट्रेशन को भेजी गई
- मैनेजिंग कमिटी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं
धनबाद( Threesocieties.com Desk): धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन (DCA) में आंतरिक विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। एसोसिएशन के 131 सदस्यों ने मौजूदा मैनेजिंग कमिटी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उसे भंग करने की मांग की है। इसके लिए सदस्यों ने एसोसिएशन के महासचिव को एक औपचारिक आवेदन देकर विशेष आम बैठक (Special General Meeting-SGM) बुलाने का अनुरोध किया है।
यह भी पढ़ें: बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: रातों-रात 16 IAS अधिकारियों का तबादला, कई विभागों को मिले नए मुखिया
यह आवेदन DCA के उप-नियमों और विनियमों के नियम 19(iii) के तहत दिया गया है। आवेदन में दावा किया गया है कि एसोसिएशन के अधिकांश सदस्य वर्तमान मैनेजिंग कमिटी के कामकाज से असंतुष्ट हैं और उस पर उनका भरोसा समाप्त हो चुका है।
मैनेजिंग कमिटी पर लगाए गंभीर आरोप
आवेदन में सदस्यों ने मैनेजिंग कमिटी के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सदस्यों का कहना है कि एसोसिएशन का संचालन लोकतांत्रिक मूल्यों और पारदर्शिता के सिद्धांतों के विपरीत किया जा रहा है।लआरोपों में सत्ता का केंद्रीकरण, सदस्यता प्रक्रिया में कथित हेरफेर, भाई-भतीजावाद, असहमति रखने वाले सदस्यों को डराने-धमकाने और नियमों में मनमाने बदलाव शामिल हैं। सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया है कि चुनावी पात्रता से जुड़े नियमों में ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जिनसे कुछ लोगों के हाथों में ही नियंत्रण बना रहे और निष्पक्ष प्रतिनिधित्व की संभावना कम हो जाए।
बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की भूमिका पर भी सवाल
आवेदन में कहा गया है कि बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज को बोर्ड ऑफ एडवाइजर्स में बदलकर उसके अधिकारों को सीमित कर दिया गया। इससे एसोसिएशन के भीतर संस्थागत संतुलन और निगरानी की व्यवस्था कमजोर हुई है। सदस्यों का दावा है कि इस कदम ने प्रशासनिक जवाबदेही को प्रभावित किया और निर्णय लेने की प्रक्रिया कुछ व्यक्तियों तक सीमित होकर रह गई।
जस्टिस लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के उल्लंघन का आरोप
आवेदन में क्रिकेट प्रशासन में सुधार के लिए लागू की गई जस्टिस लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों का भी उल्लेख किया गया है। सदस्यों ने आरोप लगाया है कि पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन से जुड़े सिद्धांतों का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट संस्थाओं में सुधार के लिए जिन मानकों को अपनाया गया था, DCA का वर्तमान प्रशासन उनसे भटक गया है।
वित्तीय अनियमितताओं और सदस्य निष्कासन का मुद्दा
आवेदन में एसोसिएशन के सदस्य एस.ए. रहमान को कथित रूप से कमजोर आधारों पर निष्कासित किए जाने का भी जिक्र किया गया है। सदस्यों ने इसे अधिकारों के दुरुपयोग का उदाहरण बताया है। इसके अलावा वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता की कमी और संभावित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई दस्तावेज सामने नहीं आया है।
217 में से 131 सदस्यों का समर्थन होने का दावा
आवेदन में कहा गया है कि यह मांग एसोसिएशन के लगभग 217 सदस्यों में से 131 सदस्यों की ओर से की जा रही है। आवेदन के साथ हस्ताक्षरित समर्थन पत्र भी संलग्न किया गया है। सदस्यों का दावा है कि यह संख्या कुल सदस्यता का स्पष्ट बहुमत दर्शाती है और इसलिए विशेष आम बैठक बुलाकर इस मुद्दे पर निर्णय लिया जाना चाहिए।
SGM बुलाकर कमिटी भंग करने पर विचार की मांग
सदस्यों ने महासचिव से अनुरोध किया है कि नियम 19(iii) के तहत जल्द से जल्द विशेष आम बैठक आयोजित की जाए। इस बैठक में मौजूदा मैनेजिंग कमिटी को भंग करने और आगे की प्रशासनिक व्यवस्था तय करने संबंधी प्रस्तावों पर विचार किया जाए।आवेदन में कहा गया है कि वर्तमान कमिटी अब एसोसिएशन के सदस्यों का नैतिक और प्रतिनिधिक जनादेश खो चुकी है, इसलिए उसके द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की वैधता पर भी सवाल खड़े होते हैं।
झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन और रजिस्ट्रेशन विभाग को भी भेजी गई सूचना
मामले की गंभीरता को देखते हुए आवेदन की प्रतिलिपि झारखंड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) तथा झारखंड सरकार के महानिरीक्षक (पंजीकरण) कार्यालय को भी भेजी गई है। सदस्यों ने इन संस्थाओं से भी आवश्यक हस्तक्षेप और नियमों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
मैनेजिंग कमिटी की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस पूरे विवाद के बीच धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन की मौजूदा मैनेजिंग कमिटी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि महासचिव इस आवेदन पर क्या निर्णय लेते हैं और क्या वास्तव में विशेष आम बैठक बुलाकर एसोसिएशन के भविष्य को लेकर बड़ा फैसला किया जाता है।धनबाद क्रिकेट जगत में यह विवाद आने वाले दिनों में और भी बड़ा रूप ले सकता है, क्योंकि मामला सीधे तौर पर एसोसिएशन की प्रशासनिक संरचना और नेतृत्व से जुड़ा हुआ है।






