CCL के GM चितरंजन कुमार बने ECL के नये डीटी, 11 सीनियर्स को पछाड़ कर मारी बाजी
सीसीएल के मगध-संघमित्रा क्षेत्र के जीएम चितरंजन कुमार को ईसीएल का नया निदेशक (तकनीकी) चुना गया है। जानिए उनका करियर, चयन प्रक्रिया और कंपनी के लिए क्यों अहम है यह नियुक्ति।
- ECL को मिला नया टेक्निकल बॉस, चितरंजन कुमार का चयन
धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी Eastern Coalfields Limited (ECL) को नया निदेशक (तकनीकी) मिल गया है। लोक उद्यम चयन बोर्ड (PESB) ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के मगध-संघमित्रा क्षेत्र के जीएम चितरंजन कुमार के नाम की अनुशंसा की है।
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बुधवार को हुई अहम बैठक में कई दिग्गज अधिकारियों को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने यह प्रतिष्ठित पद हासिल किया। अब उनकी नियुक्ति की फाइल प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) के पास भेजी जाएगी। मंजूरी मिलते ही वे आधिकारिक रूप से पदभार संभालेंगे।
11 वरिष्ठ अधिकारियों को पछाड़कर हासिल की बड़ी जिम्मेदारी
दिल्ली में हुए इंटरव्यू में चितरंजन कुमार ने अपने से 11 वरिष्ठ अधिकारियों को पीछे छोड़कर यह उपलब्धि हासिल की। चयन प्रक्रिया में कोल इंडिया और अन्य कंपनियों के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे, जिनमें कार्यकारी निदेशक और विभिन्न क्षेत्रों के जीएम स्तर के अधिकारी भी शामिल रहे।
BIT सिंदरी से निकले, कोल इंडिया में बनाया मजबूत करियर
चितरंजन कुमार BIT Sindri के पूर्व छात्र हैं। 1991 में इंजीनियरिंग पूरी की है। 1992 में Coal India Limited में जॉइन किया। पहली पोस्टिंग राजमहल एरिया में मिली। इसके बाद उन्होंने Bharat Coking Coal Limited (BCCL) में लंबे समय तक काम किया। बरोरा, ब्लॉक-2 और सिजुआ जैसे अहम क्षेत्रों में जीएम के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
अनुभव का फायदा: ओपनकास्ट से लेकर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट तक पकड़
वर्तमान में वे Central Coalfields Limited (CCL) के मगध-संघमित्रा क्षेत्र के क्षेत्रीय महाप्रबंधक हैं। उनके पास: ओपनकास्ट माइनिंग का गहरा अनुभव, उत्पादन बढ़ाने की रणनीति व समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने की क्षमता है।
ECL के सामने बड़ी चुनौतियां, अहम होगी भूमिका
ECL का रानीगंज कोलफील्ड देश के सबसे पुराने कोलफील्ड्स में से एक है, जहां: अंडरग्राउंड माइनिंग, आग और भू-धंसान जैसी समस्याएं जैसी चुनौतियां मौजूद हैं। ऐसे में चितरंजन कुमार का अनुभव कंपनी के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या होगी जिम्मेदारी?
निदेशक (तकनीकी) के तौर पर वे: कोयला उत्पादन, सुरक्षा मानक, नई तकनीकों का उपयोग व विस्तार परियोजनाओं की निगरानी जैसे अहम क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
इंटरव्यू में शामिल प्रमुख नाम
चयन प्रक्रिया में कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे, जिनमें: कोल इंडिया के कार्यकारी निदेशक, BCCL, ECL, NCL, SECL और NTPC के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
क्यों खास है यह नियुक्ति?
कोल सेक्टर में अनुभव और नेतृत्व क्षमता का बड़ा उदाहरण
झारखंड के तकनीकी प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा
ECL के आधुनिकीकरण और उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका की उम्मीद






