धनबाद में रंगदारी का ‘डिजिटल जाल’ बेनकाब! 50 खातों से 80 लाख ट्रांसफर, सैफी की डायरी खोलेगी गैंग का राज

धनबाद में प्रिंस खान गैंग के डिजिटल रंगदारी नेटवर्क का बड़ा खुलासा, 50 खातों से 80 लाख ट्रांसफर, सैफी की डायरी से सफेदपोश मददगारों के नाम उजागर होने की संभावना।

धनबाद में रंगदारी का ‘डिजिटल जाल’ बेनकाब! 50 खातों से 80 लाख ट्रांसफर, सैफी की डायरी खोलेगी गैंग का राज
सैफ अब्बास नकवी उर्फ सैफी उर्फ मेजर।

धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोयला राजधानी धनबाद में कुख्यात प्रिंस खान गैंग के नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। गैंग के “थिंक टैंक” सैफ अब्बास नकवी उर्फ सैफी उर्फ मेजर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को जो इनपुट मिले हैं, उसने रंगदारी के पूरे सिस्टम को बेनकाब कर दिया है। जांच में सामने आया है कि करीब 50 अलग-अलग बैंक खातों के जरिए 80 लाख रुपये से ज्यादा की रकम घुमाकर आखिरकार गैंग तक पहुंचाई गई।

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 50 खातों का खेल: ट्रैकिंग से बचने की साजिश

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि रंगदारी की रकम को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया जाता था। इसके बाद यह रकम घुमाकर अंततः गैंग के सरगना प्रिंस खान और उसके करीबी सैफी तक पहुंचती थी। सूत्रों के अनुसार, यह पूरा सिस्टम जानबूझकर जटिल बनाया गया था ताकि पुलिस ट्रैकिंग से बचा जा सके।

मोबाइल और डायरी बने सबसे बड़े सबूत

सैफी के मोबाइल से कई अहम जानकारियां मिली हैं। इसके साथ ही पुलिस के हाथ एक “डायरी” भी लगी है, जिसमें पैसों के लेन-देन, संपर्कों और नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज हैं। अब यही डायरी गैंग के सफेदपोश मददगारों को बेनकाब कर सकती है।

 गैंग का ‘ब्रेन’ था सैफी

सैफी उर्फ मेजर को प्रिंस खान गैंग का “टेक्नोक्रेट” और “ब्रेन” माना जाता है। रंगदारी के लिए नंबर उपलब्ध कराना, शूटर और नेटवर्क तैयार करना, सोशल मीडिया पर गैंग का प्रचार व  धमकी भरे पत्र तैयार करना। ये सभी काम सैफी ही संभालता था।

 वासेपुर-पांडरपाला कनेक्शन

जांच में सामने आया है कि वासेपुर और पांडरपाला इलाके के करीब एक दर्जन युवक सीधे सैफी के संपर्क में थे। ये लोग: गैंग को स्थानीय इनपुट देते थे। हथियार और शूटर का इंतजाम करते थे। नए संपर्क जोड़ते थे।

 पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी

सैफी की गिरफ्तारी के बाद धनबाद पुलिस ने कई जगहों पर छापेमारी की। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही कई संदिग्ध अंडरग्राउंड हो गए और मोबाइल बंद कर दिए। अब पुलिस तकनीकी सर्विलांस के जरिए उनकी तलाश कर रही है।

आसनसोल जेल में बंद, रिमांड की तैयारी

पश्चिम बंगाल STF ने सैफी को गिरफ्तार कर आसनसोल कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। धनबाद पुलिस अब उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी में है, जिससे और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

 रंगदारी केस से जुड़ा मामला

सैफी पर 2025 में एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप है। यह मामला निरसा स्थित अंकुर बायो फैक्ट्री से जुड़ा है, जिसके मालिक महेंद्र शर्मा हैं। इस केस में भी उससे गहन पूछताछ होनी है।

 UAE कनेक्शन भी आया सामने

सूत्रों के मुताबिक, सैफी पिछले कई सालों से यूएई में रहकर गैंग ऑपरेट कर रहा था। कोलकाता एयरपोर्ट पर उतरते ही उसे दबोच लिया गया, जिसे धनबाद पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

पुलिस के रडार पर अब सफेदपोश

पुलिस का कहना है कि रंगदारी देने वाले,  गैंग को आर्थिक मदद करने वालेव  सोशल मीडिया पर गैंग को प्रमोट करने वाले सभी अब जांच के दायरे में हैं।