चेतन से प्यार, केतन से सगाई... रिश्तों के टकराव में बुनी गई मौत की साजिश! पुणे हत्याकांड में नए खुलासों ने चौंकाया

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच के दौरान नए खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच गहरे संबंध थे, जबकि परिवार ने उसकी शादी केतन अग्रवाल से तय कर दी थी। सिया के भाई साहिल ने कहा कि अगर परिवार को उसकी मर्जी का पता होता तो शादी रद्द कर दी जाती। मामले की सुनवाई अब फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी।

चेतन से प्यार, केतन से सगाई... रिश्तों के टकराव में बुनी गई मौत की साजिश! पुणे हत्याकांड में नए खुलासों ने चौंकाया
'चेतन को चाहती थी सिया, केतन से रिश्ता करा दिया'।

     HighLights:

  • सिया गोयल और चेतन चौधरी के कथित रिश्ते की जानकारी परिवार के कुछ लोगों को थी
  • सिया के भाई साहिल गोयल ने कहा- "बताती तो परिवार शादी रद्द कर देता"
  • पुलिस के अनुसार, सिया और चेतन के बीच छह महीने में 2004 कॉल और 238 घंटे बातचीत हुई
  • आरोपियों पर हत्या से पहले और बाद की चैट डिलीट करने का आरोप
  • लोहागढ़ किले की घटना को पुलिस सुनियोजित हत्या मान रही है
  • मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने का फैसला
  • मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय का भरोसा दिलाया

पुणे(Threesocieties.com Desk): महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले की परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस जांच में अब यह दावा सामने आया है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी के बीच लंबे समय से करीबी संबंध थे, जबकि परिवार ने उसकी शादी रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल से तय कर दी थी।

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जांच एजेंसियों का मानना है कि प्रेम संबंध और तयशुदा शादी के बीच पैदा हुए तनाव ने इस पूरे मामले को खौफनाक मोड़ दिया। पुलिस के अनुसार, जनवरी में एक सामुदायिक क्रिकेट कार्यक्रम के दौरान परिवार के कुछ सदस्यों को सिया और चेतन की नजदीकियों की जानकारी मिल गई थी। इसके बावजूद दोनों परिवारों के बीच आर्थिक और सामाजिक समीकरणों को देखते हुए सिया की शादी अग्रवाल परिवार में तय कर दी गई।

भाई का बयान बना जांच का अहम हिस्सा

पुलिस ने सिया के बड़े भाई साहिल गोयल से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद साहिल ने कथित तौर पर कहा कि अगर सिया ने परिवार को अपनी इच्छा के बारे में बताया होता तो शादी रोक दी जाती।साहिल ने पुलिस से कहा, "अगर सिया कहती कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती, तो परिवार तुरंत रिश्ता खत्म कर देता। चेतन से शादी कराने में भी हमें कोई आपत्ति नहीं होती।"इस बयान के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या परिवार के अन्य सदस्यों को भी इस रिश्ते की जानकारी थी।

2004 कॉल और 238 घंटे बातचीत

जांच में सामने आया कि जनवरी से जून के बीच सिया और चेतन के बीच लगातार संपर्क था। पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच 2004 बार फोन पर बातचीत हुई और कुल 238 घंटे से ज्यादा समय तक बात हुई। औसतन दोनों हर दिन कई बार संपर्क में रहते थे।

लोहागढ़ किले में रची गई कथित साजिश

पुलिस का आरोप है कि 18 जून को लोहागढ़ किले पर केतन अग्रवाल को खाई में धक्का देकर हत्या की गई। जांचकर्ताओं के मुताबिक इससे पहले भी दो बार कथित तौर पर हत्या की कोशिश की गई थी लेकिन वे सफल नहीं हो सके। सीसीटीवी फुटेज में एक युवक को हुडी पहनकर चेहरा छिपाते हुए देखा गया, जिसे बाद में चेतन चौधरी बताया गया। पुलिस का दावा है कि सिया ने पहले से तय इशारा किया, जिसके बाद केतन को खाई में धक्का दिया गया।

सिया गोयल पर आरोप है कि चेतन उन्होंने चौधरी के साथ मिलकर रची गई एक साजिश के तहत 18 जून को लोहागढ़ किले की एक चट्टान से अपने मंगेतर केतन अग्रवाल को धक्का देकर उनकी जान ले ली। लोनावला डिवीजन के डीएसपी गजानन टोनप ने कहा, "केतन की कथित हत्या के मामले में सिया और चेतन दोनों की भूमिकाएं स्थापित हो गई हैं।"

चैट डिलीट कर मिटाने की कोशिश हुई सबूत

जांच में यह भी सामने आया कि घटना के पहले और बाद की मोबाइल चैट और सोशल मीडिया बातचीत डिलीट कर दी गई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं ताकि डिलीट डेटा को रिकवर किया जा सके।

परिवारों के बयान भी आमने-सामने

सिया के परिवार का कहना है कि उन्हें उसकी किसी नाराजगी की जानकारी नहीं थी। वहीं, केतन के पिता विशाल अग्रवाल का कहना है कि अगर उन्हें यह पता होता कि लड़की शादी नहीं करना चाहती तो यह रिश्ता कभी आगे नहीं बढ़ता। उन्होंने कहा, "अगर उसे कोई दिक्कत थी तो वह सिर्फ मना कर सकती थी। हत्या किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकती।"

फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलेगा मामला

मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने इस केस की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर त्वरित न्याय का भरोसा दिलाया है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि मामले की जांच अभी जारी है और अदालत में आरोप सिद्ध होना बाकी है। पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप और जांच में सामने आए तथ्यों की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान पुष्टि होगी।

'केतन का सिर कुचला हुआ था... लोग रो रहे थे, सिया शांत थी'

केतन की रेस्क्यू करने वाली टीम के सदस्य सुनील गायकवाड़ ने दावा किया है कि केतन की खोपड़ी कुचली हुई थी, उसके सिर पर गंभीर चोटें थीं और हाथ-पैर भी कई जगह चोट थीं। उन्होंने कहा कि वहां मौजूद बाकी लोग मदद के लिए चिल्ला रहा थे, लोग रो रहे थे लेकिन सिया गोयल शांत खड़ी थी।

सिया के भाई से पुलिस की पूछताछ
पुलिस ने सिया के भाई साहिल गोयल से करीब 10 घंटे पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, साहिल चेतन को जानता था। उनसे बताया कि चेतन और सिया की दोस्ती क्रिकेट मैच के दौरान हुई थी। साहिल गोयल ने पुलिस को बताया कि लिया उसके साथ क्रिकेट मैच देखने जाती थी और वहीं पहली बार चेतन से मुलाकात हुई थी। पुलिस के मुताबिक, बाद में पिछले साल एक कॉमन दोस्त की दीवाली पार्टी में वे फिर मिले, जिसके बाद वे दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए। सूत्रों के अनुसार, दोनों के बीच कॉल डिटेल रिकॉर्ड से पता चला है कि जनवरी से अब कर उनके बीच 2000 से ज्यादा बार फोन पर बातचीत हुई है और इन कॉल्स की कुल अवधि लगभग 238 घंटे है।

साहिल गोयल ने पुलिस को यह भी बताया कि अगर उनकी बहन की मर्जी नहीं होती तो उनका परिवार शादी रद कर देता। उसकी मां पूजा गोयल ने कहा था कि उनकी बेटी ने कभी कोई नाराजगी नहीं जताई और उन्होंने चौधरी को कभी देखा या उनसे बात नहीं की थी। हालांकि, सिया गोयल के वकील ने कहा कि वह और चेतन चौधरी दोस्त थे। एक अधिकारी ने कहा, "साहिल चेतन चौधरी को जानता था और हमने उससे कुछ बातों की पुष्टि की।" पुलिस चेतन की मौत की जांच के सिलसिले में सिया गोयल के दूसरे रिश्तेदारों के बयान दर्ज करने की भी तैयारी कर रही है।

रिकवर की जा रही डिलीट चैट
जांच में पता चला है कि दोनों आरोपियों सिया गोयल और चेतन चौधरी ने अपने मोबाइल फोन से अपनी वॉट्सऐप चैट, इंस्टाग्राम बातचीत और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड डिलीट कर दिए थे। उनकी बातचीत का पूरा रिकॉर्ड वापस पाने के लिए अब डिलीट किए गए डेटा का फोरेंसिक एनालिसिस किया जा रहा है। जांच में यह भी पता चला है कि अग्रवाल की कथित हत्या से एक दिन पहले 17 जून को गोयल और चौधरी पुणे के लुल्ला नगर में एक कैफे में लगभग एक घंटे तक मिले थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या उन्होंने इस बैठक के दौरान हत्या की योजना बनाई थी या इससे जुड़ी कोई और बातचीत की थी।