नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और खाड़ी क्षेत्र के समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरे के बीच देश में रसोई गैस (LPG) को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि भारत में एलपीजी की कोई कमी नहीं होगी और लोगों को घबराकर बुकिंग या सिलेंडर जमा करने की जरूरत नहीं है।

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पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि देश में एलपीजी उत्पादन बढ़ाकर आपूर्ति को स्थिर बनाए रखा गया है और बुकिंग के 2 से 3 दिनों के भीतर सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक बुकिंग या स्टॉक करने से बचें ताकि सप्लाई चेन सामान्य बनी रहे।

25% बढ़ाया गया घरेलू LPG उत्पादन

पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, पश्चिम एशिया संकट के बाद भारत की कई रिफाइनरियां अपनी क्षमता से अधिक उत्पादन कर रही हैं। पिछले कुछ दिनों में घरेलू एलपीजी उत्पादन करीब 25 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है, जिससे देश में गैस की उपलब्धता बनी हुई है।मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने मीडिया के माध्यम से कहा कि एक सिलेंडर लेने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिनों के अंतराल पर बुक किया जा सकता है, और बुकिंग के कुछ ही दिनों में उसकी आपूर्ति कर दी जाती है।

होर्मुज जल मार्ग पर संकट का असर

पश्चिम एशिया के तनाव के कारण होर्मुज जल मार्ग से आने वाली गैस आपूर्ति पर कुछ असर पड़ा है। भारत की कुल एलपीजी खपत का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आता है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार:

भारत में रोजाना लगभग 14.9 करोड़ मैट्रिक टन गैस की खपत होती है

इसमें से करीब 4.8 करोड़ टन होर्मुज मार्ग से आता है

जबकि 9.75 करोड़ टन गैस घरेलू स्तर पर उत्पादन किया जाता है

मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार ने घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देने का फैसला लिया है, ताकि आम उपभोक्ताओं को गैस की कमी का सामना न करना पड़े।

कच्चे तेल की आपूर्ति भी स्थिर

केंद्र सरकार के अनुसार भारत को प्रतिदिन लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल की जरूरत होती है और सरकारी कंपनियां नियमित रूप से इसकी खरीद कर रही हैं। आने वाले दिनों में रूस से भी कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ने की संभावना है। सरकार का कहना है कि भारत फिलहाल करीब 40 देशों से क्रूड ऑयल की खरीद कर रहा है, इसलिए आपूर्ति को लेकर फिलहाल कोई बड़ा संकट नहीं है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों की अस्थिरता चिंता का विषय बनी हुई है।

सरकार की अपील: घबराकर सिलेंडर जमा न करें

पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा हालात में सबसे बड़ा खतरा घबराहट में सिलेंडर जमा करने की प्रवृत्ति से पैदा हो सकता है। इससे निपटने के लिए तेल कंपनियां और राज्य सरकारों के विभाग मिलकर निगरानी कर रहे हैं, ताकि जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक समय पर गैस पहुंच सके। सरकार ने जनता से अपील की है कि सिर्फ जरूरत के हिसाब से ही LPG सिलेंडर बुक करें, जिससे देशभर में सप्लाई सामान्य बनी रहे।