Jharkhand : आदित्य साहू बने BJP के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष, पेसा कानून को बताया ‘आदिवासियों के साथ धोखा’
झारखंड भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है। आदित्य साहू के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने की। साहू ने पेसा कानून को आदिवासियों के साथ धोखा बताया और कार्यकर्ताओं से चुनावी संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
- केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने आदित्य साहू के निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की
रांची। भारतीय जनता पार्टी को झारखंड में नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है। संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया के तहत आदित्य साहू को झारखंड भाजपा का निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित किया गया। बुधवार को रांची में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के संगठनात्मक चुनाव प्रभारी जुएल उरांव ने उनके निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की। घोषणा के साथ ही पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
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संगठन पर्व के शुभ अवसर पर झारखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित होने पर श्री @AdityaPdSahu जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
— Jual Oram (@jualoram) January 14, 2026
आपके कुशल नेतृत्व में संगठन नई ऊर्जा, एकता और समर्पण के साथ आगे बढ़े तथा जनहित के कार्यों को और अधिक मजबूती मिले—ऐसी शुभकामनाएं। pic.twitter.com/FfLWvJijrb
अध्यक्ष पद की घोषणा के बाद आयोजित भव्य अभिनंदन समारोह में आदित्य साहू ने अपने संबोधन में कहा कि “भाजपा ही एकमात्र ऐसा दल है, जहां बूथ स्तर का कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्ष तक का सफर तय कर सकता है।” उन्होंने कार्यकर्ताओं को संगठन की असली ताकत बताते हुए आने वाले राजनीतिक संघर्ष के लिए तैयार रहने की नसीहत दी।
आइए जानते हैं भाजपा झारखंड के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष श्री @AdityaPdSahu जी का संक्षिप्त परिचय एवं जीवन वृतांत! pic.twitter.com/HXnzxUwzAy
— BJP JHARKHAND (@BJP4Jharkhand) January 14, 2026
“भाजपा को सत्ता की जल्दी नहीं, जनता को न्याय दिलाना प्राथमिकता”
आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा को झारखंड में सरकार बनाने की कोई जल्दबाजी नहीं है, लेकिन आदिवासियों, किसानों, महिलाओं और युवाओं पर बढ़ते अत्याचार से जनता को निजात दिलाना पार्टी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को सड़क से सदन तक संघर्ष करना होगा।
पेसा कानून पर सरकार को घेरा
प्रदेश अध्यक्ष बनते ही आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “हाल ही में लागू किया गया पेसा कानून आदिवासी समाज के साथ बड़ा धोखा है। सरकार ने इसे दिखावटी रूप में लागू किया है, जिससे आदिवासियों के अधिकार सुरक्षित नहीं हो पा रहे।”उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने देश को घुसपैठियों से मुक्त करने का संकल्प लिया है और झारखंड भाजपा के कार्यकर्ता इस संकल्प को राज्य में पूरी मजबूती से लागू करेंगे।
मंच पर दिग्गज नेता, सामने कार्यकर्ताओं का सैलाब
अभिनंदन समारोह में मंच पर झारखंड के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, बाबूलाल मरांडी, मधु कोड़ा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पीएन सिंह, रवींद्र राय सहित अन्य प्रमुख नेता शामिल थे। वहीं, सामने सभी जिलों के जिलाध्यक्ष, सांसद, विधायक और हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे।करीब तीन घंटे तक चले इस कार्यक्रम का संचालन प्रदेश चुनाव अधिकारी प्रदीप वर्मा ने किया। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने अनुशासन का भी परिचय दिया।
खुली जीप में प्रदेश कार्यालय पहुंचे, देर रात तक चला मिलन समारोह
कार्यक्रम के बाद आदित्य साहू वरिष्ठ नेताओं के साथ खुली जीप में सवार होकर भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे। यहां देर शाम तक नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात का सिलसिला चलता रहा।
ओबीसी समुदाय से आने पर कार्यकर्ताओं में खास उत्साह
आदित्य साहू के ओबीसी समुदाय से होने के कारण उनके चयन को सामाजिक संतुलन की दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। धनबाद, कोयलांचल सहित पूरे राज्य में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके निर्विरोध निर्वाचन का स्वागत किया। गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने साहू को बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में झारखंड भाजपा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
“अब आदित्य साहू झारखंड भाजपा का चेहरा”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आदित्य साहू के नेतृत्व में भाजपा जमीनी स्तर पर संगठन को और मजबूत करेगी। आने वाले दिनों में पार्टी के जनमुद्दों को लेकर अधिक आक्रामक रुख अपनाने और राज्य में भाजपा के जनाधार को विस्तार देने की रणनीति पर काम होगा।






