झारखंड: 236 करोड़ का जमीन घोटाला में जमशेदपुर से 3 हिरासत में, हाई-प्रोफाइल नेटवर्क पर रांची पुलिस का शिकंजा
झारखंड के 236 करोड़ रुपये के जमीन घोटाले में रांची पुलिस ने जमशेदपुर से 3 लोगों को हिरासत में लिया है। पूर्व मंत्री और IAS विनय चौबे से जुड़े नेटवर्क की जांच तेज।
जमशेदपुर/रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड के बहुचर्चित 236 करोड़ रुपये के जमीन घोटाले में रांची पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जमशेदपुर से तीन लोगों को हिरासत में लिया है। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
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हिरासत में लिए गए लोगों में दिनेश अग्रवाल, अयान सरकार और एक पूर्व पत्रकार शामिल हैं। सभी से बिष्टुपुर थाना में देर रात तक पूछताछ की गई, जिसमें रांची और जमशेदपुर के सीनियर पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
हाई-प्रोफाइल कनेक्शन से खुल रहे बड़े राज
सूत्रों के अनुसार, इस मामले के तार राज्य के बड़े नेताओं और अफसरों से जुड़े बताए जा रहे हैं। दिनेश अग्रवाल को एक पूर्व मंत्री का करीबी माना जाता है। अयान सरकार की पहचान एक वर्तमान मंत्री के नजदीकी के रूप में बताई जा रही है। निलय सिंह गुप्ता का नाम पूर्व मुख्य सचिव विनय चौबे के करीबी के तौर पर सामने आया है। पुलिस अब इन सभी के नेटवर्क, जमीन सौदों और ट्रांसफर-पोस्टिंग कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है।
नकदी बरामदगी की चर्चा, आधिकारिक पुष्टि बाकी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अयान सरकार के ठिकानों से भारी मात्रा में नकदी भी बरामद होने की बात सामने आ रही है। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि अयान सरकार पहले भी ईडी (ED) की कार्रवाई झेल चुका है और जेल भी जा चुका है। जेल से बाहर आने के बाद उसकी राजनीतिक पहुंच और मजबूत हो गई थी।
बिल्डर और भू-माफिया भी रडार पर
इस कार्रवाई के बाद जमशेदपुर के कई बिल्डर और भू-माफिया भी पुलिस के रडार पर आ गए हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस पिछले एक सप्ताह से इन आरोपियों की तलाश कर रही थी। पूछताछ के दौरान जमशेदपुर के सिटी एसपी कुमार शिवाशीष और रांची के एसपी पारस राणा भी मौजूद थे। पूरा ऑपरेशन रांची पुलिस के नेतृत्व में चलाया गया।
परिवार ने उठाए सवाल, नहीं दी गई जानकारी
दिनेश अग्रवाल के परिजनों का आरोप है कि उन्हें हिरासत में लेने के बाद मिलने नहीं दिया गया और पूछताछ के कारणों की जानकारी भी साझा नहीं की गई। इससे परिवार में नाराजगी है।
IAS और ट्रांसफर-पोस्टिंग नेटवर्क की जांच तेज
यह पूरा मामला रांची के चर्चित जमीन घोटाले से जुड़ा है, जिसमें आईएएस अधिकारी समेत कई बड़े नाम पहले से जांच के दायरे में हैं। जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि किस तरह जमीन सौदों, ट्रांसफर-पोस्टिंग और राजनीतिक संरक्षण के जरिए यह पूरा नेटवर्क संचालित हो रहा था।
आगे क्या?
फिलहाल तीनों आरोपियों को रांची ले जाने की तैयारी चल रही है। संभावना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं, साथ ही कई और गिरफ्तारी भी हो सकती है।
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