Jharkhand:चतरा में TPC एरिया कमांडर समेत दो उग्रवादी अरेस्ट, कई आर्म्स बरामद

झारखंड के चतरा जिला में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ट्रांसपोर्टिंग कार्य में लगे हाइवा में आगजनी करने वाले टीपीसी उग्रवादी संगठन के एरिया कमांडर नीरज गंझू और धनेश्वर करमाली को बेंती बरवाटोली जंगल से अरेस्ट किया है।

Jharkhand:चतरा में TPC एरिया कमांडर समेत दो उग्रवादी अरेस्ट, कई आर्म्स बरामद
  • ट्रांसपोर्टिंग कार्य में लगे हाइवा में की थी आगजनी
चतरा। झारखंड के चतरा जिला में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ट्रांसपोर्टिंग कार्य में लगे हाइवा में आगजनी करने वाले टीपीसी उग्रवादी संगठन के एरिया कमांडर नीरज गंझू और धनेश्वर करमाली को बेंती बरवाटोली जंगल से अरेस्ट कि.या है। उग्रवादियों के पास से एक कार्बाइन, यूएसए मेड पिस्टल, एक देसी पिस्टल, पांच जिंदा गोली, टीपीसी का पर्चा, मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद हुए हैं।
बताया जाता है कि पिपरवार थाना क्षेत्र के बेलारी में विगत 19 दिसंबर को जय अंबे ट्रांसपोर्टिंग कंपनी के दो हाईवा में उग्रवादियों ने आगजनी की थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी राकेश रंजन के निर्देश पर पुलिस टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम ने 10 दिनों के अंदर कार्रवाई करते हुए दोनों उग्रवादियों को दबोच लिया।
दोनों उग्रवादियों कर रहा है क्राइम हिस्ट्री
पुलिस गिरफ्त में आये दोनों उग्रवादियों का क्राइम हिस्ट्री रहा है। एरिया कमांडर नीरज गंझू के खिलाफ लातेहार जिले के बालूमाथ पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज है। धनेश्वर करमाली के खिलाफ रांची के खलारी पुलिस में एक और चतरा के पिपरवार पुलिस स्टेशन में दो मामले दर्ज हैं। पुलिस पूछताछ के दौरान दोनों उग्रवादियों ने पुलिस के समक्ष घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। टीपीसी संगठन के नाम पर लेवी वसूली और भय पैदा करने के उद्देश्य से हाईवा में आगजनी किये जाने बात कही है।
एसपी ने नक्सलियों से मुख्य धारा में जुड़ने की अपील
चतरा एसपी राकेश रंजन ने नक्सलियों से मुख्य धारा में जुड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वह हिंसावादी विचारधारा को छोड़कर आत्मसमर्पण करें और झारखंड सरकार की नयी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ लेकर मुख्य धारा से जुड़े। झारखंड सरकार ने आत्मसमर्पण नीति को और अधिक सुगम बनाया है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली को 24 घंटे के अंदर ओपन जेल में शिफ्ट किया जा सकेगा। सभी नक्सली इस सुविधा का लाभ उठायें और नक्सलवाद की विचारधारा को त्याग कर मुख्य धारा में शामिल हों।