झारखंड: IAS पूजा सिंघल की रिमांड पांच दिन बढ़ी, CA गया जेल, CBI जांच पर  24 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

झारखंड की सस्पेंड आइएएस अफसर पूजा सिंघल व उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार को 20 मई को दोनों की रिमांड अवधी समाप्त होने के बाद ईडी कोर्ट में पेशी हुई।कोर्ट ने पूजा सिंघल की रिमांड अवधि पांच दिन के लिए और बढ़ा दी है। उनके सीए सुमन कुमार को जेल भेज दिया गया।झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन के माइंस लीज और  शेल कंपनियों के खिलाफ सीबीआइ जांच की याचिका वाले मामले में झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ दाखिल एसएलपी पर सुप्रीम कोर्ट अब 24 मई को सुनवाई करेगा।

झारखंड: IAS पूजा सिंघल की रिमांड पांच दिन बढ़ी, CA गया जेल, CBI जांच पर  24 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

रांची। झारखंड की सस्पेंड आइएएस अफसर पूजा सिंघल व उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार को 20 मई को दोनों की रिमांड अवधी समाप्त होने के बाद ईडी कोर्ट में पेशी हुई।कोर्ट ने पूजा सिंघल की रिमांड अवधि पांच दिन के लिए और बढ़ा दी है। उनके सीए सुमन कुमार को जेल भेज दिया गया।झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन के माइंस लीज और  शेल कंपनियों के खिलाफ सीबीआइ जांच की याचिका वाले मामले में झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ दाखिल एसएलपी पर सुप्रीम कोर्ट अब 24 मई को सुनवाई करेगा।

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रिमांड पर बहस के दौरान ईडी के विशेष लोक अभियोजक बीएमपी सिंह ने कहा कि पल्स हॉस्पिटल को लेकर पूजा सिंघल जवाब नहीं दे रही है। वो पूछताछ में सहयोग नहीं कर रही है। उनसे अभी कई राज जानने हैं।वहीं, पूजा सिंघल के वकील हाईकोर्ट के अधिवक्ता विश्वजीत मुखर्जी ने कहा कि उनके मामले में मीडिया ट्राईल चल रहा है। पूजा बीमार हैं मानसिक रूप से परेशान हैं, ऐसे उन्हे रिमांड नहीं दिया जाय। इसपर इडी की ओर से बताया गया कि पूरा देश इस मामले को देख रहा है, नरमी नहीं बरती जाए।

ईडी रिमांड पर गुरुवार को केवल आइएएस पूजा सिंघल व उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट से ही पूछताछ हुई। पिछले तीन दिनों से पाकुड़ व दुमका के डीएमओ से चल रही आमने-सामने पूछताछ के बाद यह बताया जा रहा था कि गुरुवार को भी ईडी के अफसर डीएमओ से पूछताछ करेंगे।  गुरुवार को एक भी डीएमओ ईडी ऑफिस नहीं पहुंचे। तीसरे संदिग्ध साहिबगंज के डीएमओहैं, जो अपनी बेटी की शादी में व्यस्त होने की बात कह चुके हैं। उन्हें 19 मई को रांची आना था। अब यह जानकारी मिल रही है कि वे 20 मई को आ सकते हैं। इसके बाद उनसे भी साहिबगंज में इलिगल माइनिंग व ट्रांसपोर्टिंग के मुद्दे पर पूछताछ होगी।

आठ को चार्टर्ड अकाउंटेंट, 11 को पूजा सिंघल की हुई थी अरेस्ट

ईडी की र्रवाई छह मई से चल रही है। छह मई को आइएएस पूजा सिंघल व उनके सहयोगियों के पांच राज्यों के 20 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी हुई थी, जिसमें उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट के यहां से 19.31 करोड़ रुपये कैश मिले थे। चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार आठ मई को गिरफ्तार किया गया था। ईडी ने दो दिनों की पूछताछ के बाद आइएएस पूजा सिंघल को 11 मई को अरेस्ट किया था। सुमन कुमार नौ मई से व पूजा सिंघल 12 मई से ईडी की रिमांड पर हैं।

सीएम हेमंत सोरेन की CBI जांच पर अब 24 मई को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन के खदान लीज और  शेल कंपनियों के खिलाफ सीबीआइ जांच की याचिका वाले मामले में झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ दाखिल एसएलपी पर सुप्रीम कोर्ट अब 24 मई को सुनवाई करेगा। सर्वोच्‍च अदालत ने कहा कि वह इस मामले की सुनवाई वेकेशन कोर्ट में करेगा।  इससे पहले झारखंड हाई कोर्ट ने भी इस मामले की सुनवाई की तारीख भी 24 मई को ही निर्धारित कर रखी है।

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की सीबीआई जांच पर सुप्रीम कोर्ट में यह मामला झारखंड सरकार की लाया गया है। इसमें झारखंड हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है। सीएम हेमंत सोरेन पर अपने नाम पर माइंस लीज लेने और शेल कंपिनयों में निवेश करने के संगीन आरोप लगे हैं। इस मामले में प्रार्थी शिवशंकर शर्मा द्वारा झारखंड हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर केंद्रीय जांच एजेंसी, सीबीआई से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गई है। बीते दिन झारखंड हाई कोर्ट में इस मामले की विशेष सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन की अगुआई वाली डबल बेंच ने कहा कि यह मामला बेहद महत्वपूर्ण है। ईडी की हड़कंप मचाने वाले दस्‍तावेज और सीलबंद रिपोर्ट के देखने के बाद यह जनहित का मामला बनता है।

उल्लेखनीय है कि हेमंत सोरेन को पत्थर माइंस लीज आवंटन और करीबियों के शेल कंपनी में निवेश मामले में झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ दाखिल विशेष अनुमति याचिका, एसएलपी पर जल्द सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को मेंशन किया गया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस महत्‍वपूर्ण मामले में शुक्रवार को सुनवाई करेगी। आज सुनवाई के क्रम में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले को अदालत 24 मई को वेकेशन कोर्ट में सुनेगी। झारखंड सरकार की ओर से एसएलपी दाखिल करने पर पक्ष रखते हुए वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के टीफ जस्टिस एनवी रमना और जस्टिस हिमा कोहली की अदालत को बताया कि यह एक गंभीर मामला है।

एडवोकेट सिब्‍बल ने कहा कि जांच एजेंसी ईडी ने बिना प्रतिवादियों को दस्तावेज दिए ही झारखंड हाई कोर्ट में सीलबंद दस्तावेज दाखिल कर दिया है। कोर्ट को बताया गया कि झारखंड हाई कोर्ट में इस मामले में एक जनहित याचिका दाखिल की गई थी, जिसे अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है। ईडी ने इस मामले में सीलबंद दस्तावेज कोर्ट में दाखिल कर दिया है और हाई कोर्ट ने इसे रिकार्ड पर ले लिया है। जबकि इस मामले में इतनी जल्दबाजी की जरूरत नहीं थी।