झारखंड: गवर्नर ने सीएम हेमंत सोरेन को राजभवन बुलाया, लॉ एंड ऑर्डर, मर्डर व रेप की घटनाओं पर जतायी चिंता

झारखंड में लगातार हो रही मर्डर व रेप की बढ़ती घटनाओं पर राजभवन ने गंभीर चिंता जताई है। गवर्नरद्रौपदी मुर्मू ने ऐसी घटनाओं पर सोमवार को सीएम हेमंत सोरेन को राजभवन बुलाया। उन्होंने सीएम से कहा कि ऐसी घटनाओं से राज्य की छवि खराब हो रही है। गवर्नमेंट ऐसी घटनाओं पर अविलंब रोक लगवाए। 

झारखंड: गवर्नर ने सीएम हेमंत सोरेन को राजभवन बुलाया, लॉ एंड ऑर्डर, मर्डर व रेप की घटनाओं पर जतायी चिंता
  • रेप की घटनाओं पर तत्काल रोक लगाने को कहा 

रांची। झारखंड में लगातार हो रही मर्डर व रेप की बढ़ती घटनाओं पर राजभवन ने गंभीर चिंता जताई है। गवर्नरद्रौपदी मुर्मू ने ऐसी घटनाओं पर सोमवार को सीएम हेमंत सोरेन को राजभवन बुलाया। उन्होंने सीएम से कहा कि ऐसी घटनाओं से राज्य की छवि खराब हो रही है। गवर्नमेंट ऐसी घटनाओं पर अविलंब रोक लगवाए। 
गवर्नर ने सीएम हेमंत सोरेन को राजभवन बुलाकर राज्य में घट रही मर्डर व रेप की घटनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से लोगों में डर का माहौल कायम होता है। राज्य में लगातार ऐसी घटनाएं घट रही हैं। कई मामले तो काफी वीभत्स होते हैं। मीडिया में भी लगातार ऐसी बातें आ रही हैं तथा कई संगठनों और दलों ने भी अपनी बातें राजभवन तक पहुंचाई हैं।

उन्होंने सीएम से ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अविलंब आवश्यक कदम उठाने तथा पुलिस प्रशासन को जवाबदेह बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर सुनिश्चित करने की गवर्नमेंट और पुलिस प्रशासन की पूरी जिम्मेदारी है। इसमें किसी प्रकार की कोताही न हो। सीएम ने गवर्नर को आश्वस्त किया कि सरकार द्वारा शीघ्र ही अनुसंधान कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्य करनेवाले लोग बख्शे नहीं जायेंगे।

गवर्नर ने सोमवार को ही झारखंड हाइ कोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजनसे भी टेलीफोन पर बात कर सुझाव दिया कि ऐसे मामलों में दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने हेतु फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए। ताकि इन मामलों का त्वरित गति से निष्पादन हो सके तथा अपराधियों को शीघ्र सजा मिले। वैसे मामले जिनमें अभियुक्त तुरंत गिरफ्तार हो गये हों, उन्हें शीघ्र दंडित करने की व्यवस्था हो।

गवर्नर ने चीफ जस्टिस से कहा कि इससे क्रिमिनलों में भय का माहौल कायम होगा। इससे राज्य में इस प्रकार की अशोभनीय व निंदनीय घटना में कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि इससे झारखंड उच्च न्यायालय पूरे देश के समक्ष ऐसी घटनाओं में कमी लाने हेतु प्रेरक एवं अनूठा उदाहरण प्रस्तुत कर सकता है। चीफ जस्टिस ने भी इसपर सहमति जताते हुए कहा कि पुलिस अफसरों की ओर से ऐसे मामले चिह्नित कर अदालत को सौंपे ताकि ऐसे मामले का त्वरित निष्पादन के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जा सके। 

स्टेट में 11 माह में 1657 रेप

झारखंड में  पिछले 11 माह में राज्य की 1657 बेटियों से रेप हुआ है। खेलने-पढऩे की उम्र में नाबालिग बच्चियां तक दरिंदों का शिकार हो रहीं, हैवानियत के बाद मर्डर कर दी जा रहीं।