पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा धनबाद का वांटेड प्रिंस खान, ‘मेजर’ की गिरफ्तारी से हत्याओं का नेटवर्क बेनकाब

धनबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई में प्रिंस खान गैंग के मास्टरमाइंड ‘मेजर’ की गिरफ्तारी के बाद सनसनीखेज खुलासे। दुबई से बनी हत्या की साजिश, पाकिस्तान में शरण और जैश-ए-मोहम्मद से संबंध की पुष्टि।

पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा धनबाद का वांटेड प्रिंस खान, ‘मेजर’ की गिरफ्तारी से हत्याओं का नेटवर्क बेनकाब
‘मेजर’ की गिरफ्तारी से खुला प्रिंस खान का पूरा नेटवर्क।

धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोयलांचल में आतंक का दूसरा नाम बन चुके भगोड़े अपराधी हैदर अली उर्फ प्रिंस खान उर्फ छोटे सरकार के गैंग पर धनबाद पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा वार किया है। गैंग के ‘मास्टरमाइंड’ और प्रिंस खान के दाहिने हाथ माने जाने वाले सैयद अब्बास नकवी उर्फ सैफी उर्फ मेजर की गिरफ्तारी के बाद ऐसे खुलासे हुए हैं, जिसने पूरे आपराधिक नेटवर्क को हिलाकर रख दिया है।

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पुलिस पूछताछ में मेजर ने न सिर्फ गिरोह के आर्थिक और तकनीकी तंत्र की परतें खोलीं, बल्कि प्रिंस खान के आतंकी कनेक्शन और उसके वर्तमान ठिकाने का भी खुलासा कर दिया। एसएसपी प्रभात कुमार ने प्रेस कांफ्रेस कर पुलिस रिमांड पर सैयद अब्बास नकवी उर्फ सैफी उर्फ मेजर से पूछताछ में मिली जानकारी के बारे में बताया। एसपी के अनुसार सैफी पिछले कई वर्षों से जिले में रंगदारी, गोलीबारी और बमबाजी जैसी वारदातों को अंजाम देने में सक्रिय था। पुलिस पूछताछ में मेजर ने लगभग तीन दर्जन मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। 

सैफी ने पुलिस को बताया कि वह गैंग के लिए तकनीकी और वित्तीय मैनेजमेंट संभालता था – जैसे वर्चुअल नंबर उपलब्ध कराना, धमकी भरे कॉल करना, और रंगदारी की रकम को हवाला, बैंक ट्रांसफर और बिटकॉइन के जरिए प्रिन्स खान तक पहुंचाना। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि पुलिस दबाव के कारण प्रिन्स खान दुबई से भागकर पाकिस्तान में शरण लिए हुए है। वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ चुका है। मेजर ने बताया कि गैंग में दरार भी आ गई थी और पाकिस्तान जाने को लेकर मतभेद के बाद उसे गैंग से अलग कर दिया गया था।

पाकिस्तान में छिपा प्रिंस खान, आतंकी संगठन से गठजोड़

मेजर के मुताबिक, दुबई में बढ़ती पुलिस दबिश के बाद प्रिंस खान अवैध रूप से पाकिस्तान भाग गया है। वहां उसने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से हाथ मिला लिया है। बताया गया कि एक पाकिस्तानी महिला की मदद से उसे वहां शरण मिली। यह खुलासा सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि इससे स्थानीय अपराध और अंतरराष्ट्रीय आतंक नेटवर्क के बीच कनेक्शन की पुष्टि होती है।

मेजर ही था गैंग का ‘ब्रेन’

कम पढ़े-लिखे प्रिंस खान और उसके परिवार के लिए मेजर ही पूरा सिस्टम चलाता था। वर्चुअल नंबर से रंगदारी कॉल, हवाला, बिटकॉइन और बैंक ट्रांसफर से पैसों का लेनदेन, 100 से ज्यादा बैंक खातों का इस्तेमाल। पुलिस अब इन खातों और लेनदेन की गहराई से जांच कर रही है।

दुबई में बनी थी नन्हें हत्यांकांड की योजना,पत्नी ने सुपारी देकर कराई उपेंद्र सिह की मर्डर !

मेजर से पूछताछ में कई हाई-प्रोफाइल मामलों से पर्दा उठा है। नन्हे खान हत्याकांड की साजिश दुबई में रची गई थी। उपेंद्र सिंह हत्याकांड (2023) में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सैफी के अनुसार पत्नी ने ही अपराधियों के साथ मिलकर उपेंद्र की हत्या कराई। रंजीत सिंह (2018) और लाला खान (2021) पर हमले: प्रिंस खान और मेजर की सीधी भूमिका थी। शहर के कई प्रतिष्ठानों पर फायरिंग में भी गैंग की संलिप्तता सामने आई है।शाही दरबार रेस्टोरेंट, मॉडर्न टायर और क्लीनिक लैब जैसे प्रतिष्ठानों पर हुई गोलीबारी में भी मेजर सीधे तौर पर शामिल था।

सफेदपोश और मीडिया कनेक्शन की भी जांच

मेजर ने बताया कि दहशत फैलाने के लिए कुछ मीडिया कर्मियों और प्रभावशाली लोगों का भी सहारा लिया जाता था। पुलिस अब इन ‘सफेदपोश’ चेहरों की भूमिका की जांच में जुटी है।

गैंग में दरार, अलग हो गया ‘मेजर’

2025 से ही मेजर और प्रिंस खान के बीच मतभेद शुरू हो गए थे।

प्रिंस के पाकिस्तान भागने का फैसला
रिश्तेदार आदिल को प्राथमिकता देना

इन कारणों से मेजर ने अपना अलग गिरोह बना लिया था।

डरपोक और नशे का आदी बताया प्रिंस खान

मेजर के मुताबिक: 2023 में जेल के अंदर अमन सिंह की हत्या की खबर सुनकर प्रिंस खान बेहोश हो गया था। वह नशीली दवाओं का आदी है। नशे की हालत में कई अपराधों को अंजाम देता था

प्रिंस खान को अब नहीं मिल रहे हैं नये शूटर 

सैफी ने खुलासा किया है कि पुलिस की लगातार छापेमारी और गिरफ्तारियों के कारण प्रिंस खान को अब नए शूटर नहीं मिल रहे हैं। वह भोले-भाले युवाओं को पैसों का लालच देकर अपराध कराता है। पकड़े जाने पर उन्हें उनके हाल पर छोड़ देता है। फिलहाल गिरोह का संचालन दुबई से ही प्रिंस खान का बड़ा भाई गोपी खान, रिश्तेदार आदिल, ऋत्विक खान और प्रिंस की दोनों पत्नियां कर रही हैं। प्रिंस खान के भारत में रह रहे दो भाई एवं अन्य रिशेतदार भी उसके गैंग को मदद पहुंचा रहे हैं। 

सैफी के अनुसार कुछ माह पहले तक धनबाद से लगभग एक करोड़ रुपये हर महीने रंगदारी वसूल रहा था, वर्तमान में रंगदारी की राशि काफी कम हो गयी है। एसएसपी ने बताया कि अभी भी धनबाद के कई हिस्सों से व्यपारियों द्वारा प्रिंस खान को रुपये भेजे जा रहें हैं। उन्होंने कहा कि अब प्रिंस खान को रुपये भेजना बंद करें, क्योंकि अब आप प्रिंस खान को पैसे भेजते हैं तो समझिए आप एक आतंकवादी को आर्थिक मदद पहुंचा रहे हैं।

पुलिस की अगली बड़ी कार्रवाई की तैयारी

धनबाद पुलिस अब:

100 बैंक खातों की जांच
निवेश की गई जमीनों का ट्रैक
गैंग के मददगारों की पहचान

पर तेजी से काम कर रही है। जल्द ही और बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।