धनबाद: झारखंड के पहले आठ लेन रोड का वर्ल्ड बैंक की टीम ने किया निरीक्षण

झारखंड की पहली आठ लेन सड़क निर्माण का गुरुवार को वर्ल्ड बैंक की टीम और डीसी संदीप कुमार सिंह ने निरीक्षण किया। कांको मठ से गोल बिल्डिंग तक 20 किलोमीटर लंबी इस रोड का जगह-जगह निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान टीम के सदस्यों ने सड़क निर्माण कार्य का अवलोकन किया एवं नक्शा देखा।

धनबाद: झारखंड के पहले आठ  लेन रोड का वर्ल्ड बैंक की टीम ने किया निरीक्षण

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धनबाद। झारखंड की पहली आठ लेन सड़क निर्माण का गुरुवार को वर्ल्ड बैंक की टीम और डीसी संदीप कुमार सिंह ने निरीक्षण किया। कांको मठ से गोल बिल्डिंग तक 20 किलोमीटर लंबी इस रोड का जगह-जगह निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान टीम के सदस्यों ने सड़क निर्माण कार्य का अवलोकन किया एवं नक्शा देखा।

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वर्ल्ड बैंक की टीम ने कांको मोड़ के आगे बन रहे पुलिया निर्माण का कार्य देखा एवं वस्तुस्थिति से अवगत हुए। इसके बाद योगेश्वर मोड़, श्रीधरपुर, बैजकारटांड़ व शक्ति चौक के पास बन रहे आठ लेन सड़क की जांच की। निरीक्षण के बाद डीसी ने कहा कि वर्ल्ड बैंक की टीम के साथ गोल बिल्डिंग तक आठ लेन रोड व कंट्रेक्टर की साइट का निरीक्षण किया गया। निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने का निर्देश सभी को दिया। वर्ल्ड बैंक की टीम प्रोजेक्ट की मिड टर्म रिव्यू करने के लिए दौरे पर है। मिड टर्म रिव्यू का एक हिस्सा धनबाद में है।

रोड व पुल निर्माण में देरी की वजह पूछी, रोड धंसने पर जताई नाराजगी
वर्ल्ड बैंक की टीम ने डीसी एवं एसडीएम सहित अन्य विभाग के अधिकारियों के साथ कांको से निरीक्षण की शुरुआत की। कई जगह अधूरी सड़क और पुल निर्माण में देरीका कारण जाना। पुल, पुलिया सहित कार्य की गुणवत्ता परखी। सड़क निर्माण में लगी एजेंसी के सीनीयर अफसर मौजूद थे। जगह जगह टूटे डिवाइडर को ठीक करने को कहा। शक्ति चौक के पास रोड धंसी देख नक्शे का अवलोकन कर सही ढंग से निर्माण करने का निर्देश दिया। कांको पुल के नीचे बह रहे नदी के बारे में पूछा। इसके बाद टीम जमुआटांड़ पहुंची, जहां झारखोर, श्रीधरपुर, उदलबनी गांव जाने वाले मार्ग को देखकर वहां भी संबंधित पदाधिकारियों को कई निर्देश दिए।

डिवाइडर को मजबूत करने और जगह-जगह रेडियम लगाने को कहा

टीम ने रोड  के किनारे बने डिवाइडर को मजबूत करने और जगह-जगह रेडियम लगाने को कहा है। रोड के बगल में बैठे मवेशियों को टीम ने रास्ते से हटाने की सलाह दी। यह भी कहा कि रोड पर जानवर न रहें, ये बड़ी दुर्घटना की वजह बनते हैं। लिंक रोड के बगल में बने डिवाइडर के टूटने का कारण पूछा। अफसरों ने बताया कि ग्रामीणों को आने जाने में परेशानी होती है, इसलिए डिवाइडर तोड़ दिया है। तेतुलमारी के शक्ति चौक के पास गड्ढानुमा रोड देखकर फटकार लगाई। रोड के बीचों बीच गड्ढा था। बैजकारटांड़ के ग्रामीणों ने फुट ओवरब्रिज बनवाने की मांग को लेकर डीसी को ज्ञापन सौंपा। डीसी ने पहल का अश्वासन दिया।

डीसी ने कहा कि यह झारखंड नगर विकास परियोजना (जेएमडीपी), शहरी विकास और आवास विभाग, झारखंड सरकार के साथ विश्व बैंक सहायता प्राप्त प्रोजेक्ट है। धनबाद सड़क परियोजना (एनसीबी-1 और 2) जेएमडीपी का हिस्सा है। इसे यूएचडीडी के लिए स्टेट हाईवे अथाॅरिटी ऑफ झारखंड (साज) बना रहा है। प्रोजेक्ट के तहत कांको चौक से शक्ति चौक होते हुए गोल बिल्डिंग तक 20 किलोमीटर की आठ लेन सड़क विकसित की जा रही है। वर्ल्ड बैंक के सीनीयर पर्यावरण विशेषज्ञ अभिजीत घोष ने बताया कि रोड के दोनों ओर पौधे लगेंगे, ताकि पर्यावरण को हानि ना हो। रोड के बीचों बीच लाइट की व्यवस्था होगी। इससे आने जाने वाले लोगों को रात में भी कोई परेशानी नहीं होगी।

निरीक्षण में एसी नंदकिशोर गुप्ता, एसडीएम प्रेम कुमार तिवारी, वर्ल्ड बैंक टीम के नेतृत्वकर्ता क्वाबेना (जेएमडीपी के लिए टास्क टीम लीडर व सीनीयर शहरी विशेषज्ञ वर्ल्ड बैंक वाशिंगटन), सिविल इंजीनियर और अनुबंध प्रबंधन राकेश अग्रवाल, साज के प्रबंधक एमके वर्मा, डीजीएम संजय कुमार, जयकृष्ण कुमार, साइट इंजीनियर सतीश उपाध्याय, जूडको के डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर उत्कर्ष मिश्रा, सीओ गोविंदपुर रामजी वर्मा, सीओ बाघमारा कमल किशोर सिंह, बाघमारा बीडीओ सुनील कुमार प्रजापति उपस्थित थे।