कोल इंडिया की FY25 रेटिंग जारी: CMPDIIL टॉप पर ‘उत्कृष्ट’, BCCL ‘बहुत अच्छी’, ECL पिछड़ी
FY25 में कोल इंडिया की सहायक कंपनियों की परफॉर्मेंस रेटिंग जारी। CMPDIIL ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, BCCL बहुत अच्छी श्रेणी में, जबकि ECL पीछे रही। PRP पर सीधा असर पड़ेगा।
- अफसरों की सैलरी पर पड़ेगा सीधा असर
कोलकाता (Threesocieties.com Desk): महारत्न कंपनी Coal India Limited ने वित्तीय वर्ष 2024-25 (FY25) के लिए अपनी सहायक कंपनियों की परफॉर्मेंस रेटिंग जारी कर दी है। कोलकाता में आयोजित निदेशक मंडल की 416वीं बैठक में इस रिपोर्ट को पेश किया गया, जिससे कंपनियों के प्रदर्शन की तस्वीर साफ हो गई है।
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इस रेटिंग का सबसे बड़ा असर अधिकारियों को मिलने वाले परफॉर्मेंस रिलेटेड पे (PRP) पर पड़ेगा। जिन कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर रहा है, वहां अधिकारियों को अधिक वित्तीय लाभ मिलेगा, जबकि कमजोर प्रदर्शन करने वाली कंपनियों के अधिकारियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
CMPDIIL ने मारी बाजी, सबसे ऊपर ‘उत्कृष्ट’
परफॉर्मेंस के मामले में Central Mine Planning and Design Institute Limited (CMPDIIL) ने 98.23 स्कोर के साथ ‘उत्कृष्ट’ (Excellent) रेटिंग हासिल कर सभी को पीछे छोड़ दिया। इसके अलावा:
Northern Coalfields Limited (NCL) – 91.12
Mahanadi Coalfields Limited (MCL) – 90.61
Western Coalfields Limited (WCL) – 90.17
Central Coalfields Limited (CCL) – Excellent श्रेणी
इन सभी कंपनियों ने ‘एक्सीलेंट’ कैटेगरी में जगह बनाई।
BCCL ‘Very Good’, ECL का प्रदर्शन कमजोर
धनबाद स्थित Bharat Coking Coal Limited (BCCL) ने 84.08 स्कोर के साथ ‘वेरी गुड’ श्रेणी हासिल की, जो एक संतोषजनक प्रदर्शन माना जा रहा है। वहीं Eastern Coalfields Limited (ECL) का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। उसे केवल 57.59 स्कोर के साथ ‘गुड’ रेटिंग मिली, जिससे वहां के अधिकारियों के PRP पर असर पड़ सकता है।
खुद Coal India को भी ‘Very Good’ रेटिंग
सार्वजनिक उद्यम विभाग द्वारा किए गए समेकित मूल्यांकन में Coal India Limited को 84.46 स्कोर मिला है, जिसके आधार पर कंपनी को ओवरऑल ‘वेरी गुड’ रेटिंग दी गई है।
PRP पर सीधा असर, अधिकारियों की नजरें अंतिम मंजूरी पर
नियमों के अनुसार, कंपनी की रेटिंग जितनी बेहतर होगी, अधिकारियों को मिलने वाला PRP उतना ही अधिक होगा। यही कारण है कि इस रिपोर्ट को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब इस मूल्यांकन रिपोर्ट को अंतिम स्वीकृति के लिए कोल इंडिया बोर्ड के समक्ष रखा जाएगा। मंजूरी के बाद ही अधिकारियों को मिलने वाली राशि तय होगी।
कुल मिलाकर, FY25 की यह रेटिंग न केवल कंपनियों के प्रदर्शन का आईना है, बल्कि इससे हजारों अधिकारियों के वेतन और लाभ भी सीधे प्रभावित होने वाले हैं।






