Bihar: दोस्त के साथ लव अफेयर का संदेह में वाइफ की मर्डर, गायब कर दिया बॉडी, नार्को और DNA टेस्ट के बाद हसबैंड अरेस्ट

बिहार की राजधानी पटना में हवाई अड्डा पुलिस स्टेशन की पुलिस ने डेढ़ साल पहले वाइफ की मर्डर कर बॉडी को गायब करने के मामले में हसबैंड धीरज कुमार को अरेस्टकर लिया है। कोर्ट में पेशी के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। 

Bihar: दोस्त के साथ लव अफेयर का संदेह में  वाइफ की मर्डर,  गायब कर दिया बॉडी, नार्को और DNA टेस्ट के बाद हसबैंड अरेस्ट
  • पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया था गुमशुदगी का FIR
  • हसबैंड के खिलाफ सभी एवीडेंस आने पर पुलिस ने किया अरेस्ट

पटना। बिहार की राजधानी पटना में हवाई अड्डा पुलिस स्टेशन की पुलिस ने डेढ़ साल पहले वाइफ की मर्डर कर बॉडी को गायब करने के मामले में हसबैंड धीरज कुमार को अरेस्टकर लिया है। कोर्ट में पेशी के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। 
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मर्डर में बदल गया किडनैंपिंग का केस

पुलिस इन्विस्टीगेशन में पता चला कि दोस्त से लव करने के संदेह पर हसबैंड ने ही वाइफ की मर्ड कर बॉडी को गायब कर दिया था। पुलिस को आरोपित की पहचान करने और उसकी अरेस्टिंग  के लिए एफएसएल, नार्को टेस्ट और डीएनए जांच करानी पड़ी थी। धीरज छह फरवरी 2022 को हवाई अड्डा पुलिस स्टेशन पहुंचा। उसने पुलिस को बताया कि उनकी वाइफ खुशी घर से गायब हो गई हैं। पुलिस मामले में किडनैपिंग का केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही थी। खुशी के पिता भी पुलिस स्टेशन पहुंच गये। उन्होंने धीरज पर बेटी को प्रताड़ित करने और उसकी मर्डर कर बॉडी को गायब करने का आरोप लगाया। जांच के बाद किडैपिंग का मामला मर्डर में बदल गया। पुलिस की जांच उस युवक तक पहुंच गई, जिस पर हसबैंड को संदेह था। पुलिस ने लवर से पूछताछ की, लेकिन उसने खुशी के किडनैपिंग की बात से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस की जांचआगे बढ़ी तो शक की सुई हसबैंड की तरफ घूमने लगी। 
पुलिस को पता चला कि वाइफ के गायब होने के छह दिन बाद धीरज उसकी गुमशुदगी की कंपलेन करने पुलिस स्टेशन आया था। इतना ही नहीं, खुशी के गायब होने की सूचना देने के कई दिन पहले ही धीरज ने अपनी मां और तीन साल के बच्चे को किसी रिश्तेदार के घर भेज दिया था। पुलिस मौके जाकर लोकल लोगों से पूछताछ की। कुछ लोगों ने पुलिस को बताया कि वारदात के दिन उसे कार से जाते देखा गया था। पुलिस ने फिर धीरज से पूछताछ की, तब उसका जवाब संतोषजनक नहीं मिला था।
लवर और हसबैंड का कराया गया नार्को टेस्ट
पुलिस की टेक्नीकल इन्विस्टीगेशन और पूछताछ में जो बातें सामने आई इसके बाद से हसबैंड शक के दायरे में आ गया। पुलिस उसके खिलाफ एवीडेंस जुटाने लगी। फिर साइंटिफिक तरीके से इन्विस्टीगेशन शुरू किया गया। पुलिस लवर और धीरज का नारको टेस्ट करवाया गया। टेस्ट में कई सारी बातें सामने आई, लेकिन आरोपित की गिरफ्तारी के लिए इतने एवीडेंस काफी नहीं थे।

खून के धब्बे की डीएनए जांच से खुला राज
नार्को टेस्ट के साथ ही पुलिस की दूसरी टीम एफएसएल के साथ धीरज के घर पहुंची। काफी देर तक वहां एवीडेंस संकलन किया गया गया। कमरे में खून के धब्बे मिले। एफएसएल उसका सैंपल साथ ले गई। एफएसएल की जांच में खून की पुष्टि हुई। उस सैंपल का खुशी के माता-पिता से मिलान कराने के लिए डीएनए जांच करवाया गया। डीएनए जांच रिपोर्ट में भी वह खून खुशी का ही निकला। एफएसएल, नार्को टेस्ट और डीएनए जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस को यकीन हो गया कि घर में ही खुशी की हत्या कर दी गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपित हसबैंड को अरेस्ट  कर लिया।